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कुर्सी छोड़ी, लेकिन सरकार में कंट्रोल चाहते हैं सिद्धारमैया, दिल्ली में राहुल गांधी संग बैठक में क्या मांग लिया?

सिद्धारमैया ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद दिल्ली पहुंचकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी से मुलाकात की. इस दौरान उन्होंने नए मंत्रिमंडल, मंत्रालयों के बंटवारे और अपने बेटे यतींद्र सिद्धारमैया को अहम जिम्मेदारी देने की मांग रखी.

कुर्सी छोड़ी, लेकिन सरकार में कंट्रोल चाहते हैं सिद्धारमैया, दिल्ली में राहुल गांधी संग बैठक में क्या मांग लिया?
Image Source: X/ @siddaramaiah
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कर्नाटक के राजनीति में बीते कई दिनों से चल रहा सियासी नाटक अब पूरी तरह से खत्म हो चुका है. डीके शिवकुमार को आशीर्वाद देने के बाद सिद्धारमैया ने गुरुवार मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिया. इसके बाद सिद्धारमैया कांग्रेस पार्टी के आलाकमान से मुलाकात शुक्रवार को दिल्ली पहुंचे. जहां उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से मुलाकात की है. इस दौरान उन्होंने पार्टी प्रमुख के सामने आपनी मांगो की रखीं. इसमें सबसे प्रमुख अपने यतींद्र सिद्धारमैया में कर्नाटक में नए मंत्रिमंडल में जंग और अहम मंत्रालय की मांग है. 

मंत्रिमंडल विस्तार पर हुई बातचीत 

सिद्धारमैया के दिल्ली दौरे को लेकर कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि उन्होंने पार्टी आलाकमान के सामने राज्यसभा और विधान परिषद (एमएलसी) नियुक्तियों के लिए अपने पसंदीदा नेताओं के नाम रखे. इसके अलावा मंत्रिमंडल विस्तार और विभागों के बंटवारे पर भी विस्तार से चर्चा हुई. सूत्रों के मुताबिक, सिद्धारमैया चाहते हैं कि उनके भरोसेमंद नेताओं और समर्थकों को नई सरकार में अहम जिम्मेदारियां दी जाएं, ताकि संगठन और सरकार के बीच बेहतर तालमेल बनाया जा सके. माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में कांग्रेस नेतृत्व इस पर अंतिम फैसला ले सकता है.

बेटे के लिए रखी बड़ी मांग 

सूत्रों के मुताबिक, सिद्धारमैया ने अपने बेटे यतींद्र सिद्धारमैया के लिए संभावित डी.के. शिवकुमार नेतृत्व वाले मंत्रिमंडल में अहम जिम्मेदारियों की पैरवी की है. चर्चा है कि चिकित्सा शिक्षा, पिछड़ा वर्ग कल्याण, उद्योग और जल संसाधन जैसे महत्वपूर्ण विभागों को लेकर उनकी ओर से मांग रखी गई है. राजनीतिक गलियारों में यह भी माना जा रहा है कि सिद्धारमैया अपने करीबी नेताओं के साथ-साथ बेटे यतींद्र को भी सरकार में प्रभावशाली भूमिका दिलाना चाहते हैं, ताकि सत्ता और संगठन दोनों स्तरों पर उनका प्रभाव बना रहे. हालांकि, अंतिम फैसला कांग्रेस नेतृत्व और मंत्रिमंडल गठन की प्रक्रिया के बाद ही साफ हो पाएगा.

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बताते चलें कि कर्नाटक की राजनीति में नेतृत्व परिवर्तन की चर्चाओं के बीच अब डीके शिवकुमार के अगले मुख्यमंत्री बनने की अटकलें तेज हो गई हैं. हालांकि कांग्रेस पार्टी ने अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है. इसी बीच सिद्धारमैया का दिल्ली दौरा और पार्टी हाईकमान के साथ उनकी बैठक को सत्ता संतुलन और नई सरकार के गठन के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है. राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में कांग्रेस नेतृत्व राज्य में नए मंत्रिमंडल और जिम्मेदारियों को लेकर बड़ा फैसला ले सकता है. ऐसे में दिल्ली में चल रही बैठकों पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं.

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