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शरिया कानून से चलेगा जिम! केरल में फिटनेस सेंटर के नए नियमों से मचा बवाल, नाम दिया ‘इस्लाम फ्रेंडली’

जिम 15 साल से चल रही थी, लेकिन इसे इस्लाम फ्रेंडली बनाने की घोषणा अभी हुई है. नए नियमों के मुताबिक जिम को शरिया कानून के हिसाब से चलाने की ओर इशारा किया गया है.

Source- AI/Canva
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‘म्यूजिक या गाने नहीं बजेंगे, पुरुष और महिलाएं एक साथ वर्कआउट नहीं करेंगे, महिलाएं इस्लामी ड्रेस पहनें तो ज्यादा अच्छा है.’

ये किसी कॉलेज या शैक्षणिक संस्था के रूल्स नहीं है. यहां बात जिम की हो रही है. जिम जो केरल के पलक्कड़ जिले में है और उसके नए नियमों ने नई बहस को जन्म दे दिया. पलक्कड़ जिले के पुथुनगरम इलाके में एक फिटनेस सेंटर ने खुद को 'इस्लाम-अनुकूल जिम' में बदलने की घोषणा की है. जिस पर बवाल मच गया.  

बताया जा रहा है जिम 15 साल से चल रही थी, लेकिन इसे इस्लाम फ्रेंडली बनाने की घोषणा अभी हुई है. नए नियमों के मुताबिक जिम को शरिया कानून के हिसाब से चलाने की ओर इशारा किया गया है. 

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फिटनेस सेंटर को इस्लाम फ्रेंडली बनाने पर मचा बवाल

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सारा बवाल तब शुरू हुआ जब पुथुनगरम के इस जिम ने एक प्रमोशनल वीडियो जारी किया, जिसमें जिम के मालिक नवाज़ मुथु टी ने कहा कि यह जिम बिना तेज म्यूज़िक के चलेगा और इसमें पुरुषों और महिलाओं के लिए वर्कआउट के समय और जगहें अलग-अलग होंगी. 

जिम के नए नियम क्या हैं? 

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जिम प्रबंधन की ओर से यह घोषणा इंस्टाग्राम पर साझा की गई थी. पोस्ट में बताया गया कि पिछले 15 वर्षों से संचालित यह जिम अब शरिया आधारित दिशानिर्देशों के अनुसार काम करेगा। इसके लिए जिम में कुछ नए नियम लागू किए जाएंगे. 

  • जिम के अंदर संगीत बजाने पर पूरी तरह रोक रहेगी
  • पुरुषों और महिलाओं के लिए अलग-अलग समय तय 
  • दोनों को एक साथ वर्कआउट करने की इजाजत नहीं 
  • जिम में रेस कोड भी लागू किया जाएगा
  • वर्कआउट के दौरान शरीर पूरी तरह ढके रहा

जिम प्रबंधन का कहना है कि पुरुष और महिला सदस्य अलग-अलग समय पर ही व्यायाम करेंगे. वहीं महिला सदस्यों को ऐसे कपड़े पहनने होंगे जो धार्मिक मानकों के अनुसार उनके शरीर को पूरी तरह ढकें. कुछ रिपोर्टों में हिजाब पहनने की भी बात कही गई है. 

प्रबंधन ने इस पहल को केरल का पहला 'इस्लाम-अनुकूल जिम' बताया है. हालांकि इस घोषणा के बाद सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आईं. कुछ लोगों ने इसे धार्मिक मान्यताओं का सम्मान करने वाला कदम बताया, जबकि कई लोगों ने इस तरह की अलग व्यवस्था की जरूरत और उसके प्रभाव पर सवाल उठाए. 

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विवाद बढ़ने के बाद जिम मालिक ने इंस्टाग्राम से वीडियो हटा लिया है. कुछ लोगों ने यह चिंता भी जताई है कि भविष्य में इस तरह के केंद्र केवल फिटनेस गतिविधियों तक सीमित रहेंगे या उनमें अन्य प्रकार के प्रशिक्षण भी शामिल किए जा सकते हैं. जैसे इस्लामी शिक्षा या शरिया कानून का प्रसार जैसी गतिविधि का भी संचालन हो सकता है. 

जिम मालिक नवाज ने सफाई में क्या कहा? 

बताया जा रहा है जिम 15 साल से चल रहा है, यह जिम कोई नया नहीं है. हालांकि अभी इसका नवीनीकरण किया जा रहा है. हालांकि, इस वीडियो की काफी आलोचना हुई. जिम मालिक नवाज़ ने कहा कि यह जगह सभी धर्मों के लोगों के लिए खुली है और इसका मकसद सिर्फ़ मुसलमानों के लिए जिम बनाना नहीं था. नवाज ने कहा, 

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‘बहुत से लोग कह रहे हैं कि यह एक 'मुस्लिम जिम' है या सिर्फ़ मुसलमानों के लिए है. मैं ऐसा नहीं कह रहा हूं. मैंने कभी नहीं कहा कि यह जिम सिर्फ़ मुसलमानों के लिए है.’

नवाज़ ने यह भी कहा कि इस्लामिक-फ्रेंडली शब्द का मतलब कुछ खास काम करने के तरीकों से है, न कि इस बात पर रोक लगाना कि कौन इसमें शामिल हो सकता है. जब बात इस्लामिक-फ्रेंडली जिम की आती है, तो महिलाओं और पुरुषों को एक साथ वर्कआउट नहीं करनी चाहिए. 

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नवाज ने कहा, जो लोग इस्लाम के कायदों का पालन करते हैं. वे जिम आने से परहेज करते हैं. ऐसे में महिलाओं के लिए एक अलग समय और अलग जगह होनी चाहिए. पुरुषों के लिए एक अलग समय होना चाहिए. नवाज़ ने आगे कहा कि बहुत से लोग जो इन तरीकों का सख्ती से पालन करते हैं, वे अभी जिम जाने से बचते हैं. 

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