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'सलीके से बात करें', मेलोनी पर संदीप दीक्षित की अभद्र टिप्पणी, इटली से आई तीखी प्रतिक्रिया, राहुल गांधी को दी नसीहत

कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित द्वारा राहुल गांधी के गले लगाने पर अशोभनीय टिप्पणी की गई. दीक्षित ने कहा था कि 'मेलोनी समझ के तो नहीं पकड़ा था.' अब इस पर इटली से भी तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है.

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15 Aug 2026
( Updated: 15 Aug 2026
04:48 PM )
'सलीके से बात करें', मेलोनी पर संदीप दीक्षित की अभद्र टिप्पणी, इटली से आई तीखी प्रतिक्रिया, राहुल गांधी को दी नसीहत
Image Source-IANS
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केंद्र सरकार की विदेश नीति का मजाक उड़ाने और इटली की पीएम जॉर्जिया मेलोनी पर टिप्पणी के बाद कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर पक्ष और विपक्ष दोनों ही हमलावर है. देश में तो इसकी तीखी आलोचना हो ही रही थी, लोग इसे बैड टेस्ट और संस्कृति के खिलाफ करार दे ही रहे थे, इसी बीच इटली से भी इस पर प्रतिक्रिया सामने आई है.

संदीप दीक्षित की मेलोनी पर अशोभनीय टिप्पणी पर आई इटली की प्रतिक्रिया

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बीते दिन ऐसा बयान दिया, जिसकी भारत समेत इटली तक चर्चा हो रही है. वहीं, रोम स्थित वकील ग्यूसेपे फिलिपो पापिक गेरासी की प्रतिक्रिया भी सामने आई है.

इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के बारे में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के बयान पर वकील ग्यूसेप फिलिपो पापिक गेरासी ने कहा, "मैं इस टिप्पणी को दुर्भाग्यपूर्ण और शायद बहुत अच्छा नहीं कहूंगा. लेकिन मैं इसके महत्व को बढ़ा-चढ़ाकर नहीं बताऊंगा. राजनीतिक आलोचना जायज है, लेकिन किसी दोस्त देश के प्रधानमंत्री से जुड़ी कोई भी निजी बात हमेशा कुछ हद तक सम्मान के साथ कही जानी चाहिए. यह मेरी राय है."

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लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार को एक कार्यक्रम के दौरान भारत की विदेश नीति पर सवाल उठाए. उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी की मिमिक्री की और कहा कि दूसरे नेताओं को गले लगाना विदेश नीति नहीं है. इसी बीच, राहुल गांधी ने कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित को गले लगाया तो जवाब में उन्होंने इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी का नाम लिया था.

राहुल गांधी को पढ़ा दिया मर्यादा का पाठ!

इसके अलावा ग्यूसेप फिलिपो पापिक गेरासी ने कहा कि यह पूछे जाने पर कि क्या घरेलू राजनीतिक बहसों में विदेशी नेताओं का जिक्र भारत-इटली के संबंधों पर प्रभाव डाल सकता है, वकील गेरासी ने कहा, "मुझे ऐसा नहीं लगता. भारत-इटली के संबंध इतने मजबूत हैं कि घरेलू राजनीतिक बहस के संदर्भ में की गई किसी टिप्पणी से उन पर प्रभाव नहीं पड़ता. फिर भी, विदेशी नेताओं के प्रति सम्मानजनक भाषा का इस्तेमाल करना, हमेशा सही रहता है क्योंकि वे भी अपने देशों और संस्थानों का प्रतिनिधित्व करते हैं."

वकील ने आगे कहा, "भारत-इटली के संबंध अभी बहुत सकारात्मक हैं और तेजी से रणनीतिक होते जा रहे हैं. मेरे हिसाब से, दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों के बीच व्यक्तिगत तालमेल ने निश्चित रूप से सहयोग को मजबूत करने में मदद की है. मेरी राय है कि डिप्लोमेसी में, व्यक्तिगत भरोसा और दोस्ती का न्याय भी देशों और लोगों के बीच पुल बनाने में मदद कर सकता है. और यह हमेशा इटली और भारत के बीच रहा है."

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टिप्पणियाँ 2
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Guest (अतिथि)
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N.k Bhartia
2 weeks ago

आचार्य चाणक्य जी द्वारा दिए गए एक वक्तव्य को राहुल गांधी ने शत-प्रतिशत चरितार्थ कर दिया है कि विदेशी महिला से उत्पन्न संतान कभी भी राष्ट्र भक्त नहीं हो सकती। क्या इस उदण्ड और पथभ्रष्ट, निर्लज्ज इंसान को सबसे बड़े लोकतंत्र की शासन डोर दी जानी चाहिए?? अगर?? भविष्य में कभी ऐसा हुआ तो इस देश का हश्र क्या होगा? सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है।

S
S. P. Bhardwaj
3 weeks ago

Hum apni current aur next generation ko kaisa sanskar de rahe hain. Italy ko rahul per entry ban laga dena chahiye. Saath hi Bharat mein bhi FIR honi chahiye.

b
bhupal kulkarni
2 weeks ago

वाकई शर्म की बात हुई हैं, राहुल को देश भर मे निषधे निंदा कर देश निकाला दे

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