Advertisement

संभल हिंसा मामला: कोर्ट ने ASP अनुज चौधरी पर केस दर्ज करने को बोला, SP बोले- कोई FIR नहीं होगी, अपील होगी!

संभल हिंसा मामले में ASP अनुज चौधरी समेत 12 पुलिसकर्मियों पर FIR दर्ज करने के कोर्ट के आदेश पर फौरी तामीली से SP केके बिश्नोई ने इंकार कर दिया है. उन्होंने दो टूक कहा है कि न्यायिक जांच पूरी हो चुकी है, अब ऊपरी अदालत में अपील की जाएगी.

Anuj Choudhary And KK Bishnoi (File Photo)

उत्तर प्रदेश के संभल जिले में नवंबर 2024 में हुई हिंसा के मामले में नया मोड़ आ गया है. कोर्ट द्वारा तत्कालीन सीओ संभल अनुज चौधरी समेत 12 पुलिसकर्मियों पर FIR दर्ज करने का आदेश दिया था, जिस पर SP संभल केके बिश्नोई ने दो टूक कहा है कि फिलहाल FIR दर्ज नहीं की जाएगी. आपको बता दें कि मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) विभांशु सुधीर की अदालत ने मंगलवार को तत्कालीन सीओ संभल अनुज चौधरी समेत 12 पुलिसकर्मियों के खिलाफ FIR दर्ज करने के आदेश दिए थे.

एक पिता की याचिका पर कोर्ट ने लिया था संज्ञान

यह आदेश यामीन नामक व्यक्ति की याचिका पर पारित किया गया, जिसके बेटे आलम को पुलिस फायरिंग में गोली लगने का आरोप है. याचिकाकर्ता यामीन, जो नखासा थाना क्षेत्र के मोहल्ला खग्गू सराय अंजुमन निवासी हैं, ने 6 फरवरी 2025 को सीजेएम कोर्ट में याचिका दायर की थी. याचिका में बताया गया कि उनका 24 वर्षीय बेटा आलम 24 नवंबर 2024 को घर से रस्क (टोस्ट) बेचने निकला था.

क्या था पूरा मामला?

शाही जामा मस्जिद क्षेत्र में पहुंचने पर पुलिस ने कथित तौर पर उस पर गोली चलाई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया. यामीन ने आरोप लगाया कि यह फायरिंग बिना उकसावे के की गई और पुलिस ने हिंसा को दबाने के नाम पर निर्दोष युवक को निशाना बनाया.

याचिका में तत्कालीन सीओ संभल अनुज चौधरी और संभल कोतवाली के इंस्पेक्टर अनुज तोमर सहित कुल 12 पुलिसकर्मियों को नामजद आरोपी बनाया गया था. याचिकाकर्ता ने दावा किया कि पुलिस ने घटना के बाद कोई उचित जांच नहीं की और घायल युवक को अस्पताल पहुंचाने में भी लापरवाही बरती गई.

मामले की सुनवाई 9 जनवरी 2026 को हुई, जिसमें कोर्ट ने याचिका पर गहन विचार-विमर्श के बाद सभी नामजद पुलिस अधिकारियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत FIR दर्ज करने का आदेश दिया था.

फिलहाल दर्ज नहीं होगी FIR: संभल SP

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कोर्ट के इस आदेश के बाद 'एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने मौखिक रूप से जानकारी दी है कि एएसपी अनुज चौधरी और इंस्पेक्टर अनुज तोमर सहित संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ फिलहाल FIR दर्ज नहीं होगी. इतना ही नहीं उन्होंने ये भी कहा कि इस आदेश के खिलाफ अदालत में अपील की जाएगी. उन्होंने आगे कहा कि संभल हिंसा मामले की पहले ही न्यायिक जांच (ज्यूडिशल इंक्वायरी) हो चुकी है और जिन पुलिसकर्मियों के विरुद्ध आदेश दिया गया है, उनकी जांच पूरी की जा चुकी है.

तब संभल में CO थे अनुज चौधरी

अनुज चौधरी उस समय संभल के सर्कल ऑफिसर थे और वर्तमान में फिरोजाबाद में एएसपी ग्रामीण के पद पर तैनात हैं. आदेश के बाद पुलिस विभाग और जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया है. कई वरिष्ठ अधिकारी इस मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्चाधिकारियों से संपर्क में हैं. संभल हिंसा का यह मामला नवंबर 2024 में शाही जामा मस्जिद क्षेत्र में हुई झड़प से जुड़ा है, जिसमें पुलिस और स्थानीय लोगों के बीच टकराव हुआ था. पुलिस का दावा था कि हिंसा को नियंत्रित करने के लिए बल प्रयोग किया गया, जबकि स्थानीय निवासियों ने इसे अत्यधिक और निर्दोषों पर हमला बताया था.

आपको बता देें कि वर्तमान में अनुज चौधरी एएसपी के पद पर प्रमोशन के बाद फिरोजाबाद जिले में तैनात हैं. वहीं तब संभल सदर कोतवाली के इंस्पेक्टर रहे अनुज तोमर फिलहाल संभल जिले की चंदौसी कोतवाली में तैनात हैं. हालांकि अब कोर्ट और पुलिस के बीच इस टकराव से मामला कानूनी लड़ाई का बन गया है.

Advertisement

Advertisement

LIVE
अधिक →