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जंतर-मंतर से शुरू हुआ Reservation Hatao Andolan! UGC, जातिगत आरक्षण के खिलाफ हुआ प्रदर्शन, दिखी भारी भीड़!
नीट पेपर लीक के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के आंदोलन के बाद शुक्रवार को 'आरक्षण हटाओ आंदोलन' के लिए सैकड़ों लोग जंतर-मंतर पहुंचे. इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने जाति आधारित आरक्षण और यूजीसी रेगुलेशन के खिलाफ नारेबाजी की.
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21 अगस्त 2026 को दिल्ली का जंतर मंतर और रामलीला मैदान का इलाका एक और आंदोलन का गवाह बना. इस दौरान 'आरक्षण हटाओ आंदोलन' (RHA) के तहत जाति-आधारित आरक्षण व्यवस्था में सुधार और बदलाव की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन हुआ. प्रदर्शनकारियों ने आर्थिक आधार पर आरक्षण आवाज उठाई है. दिल्ली पुलिस ने इस प्रदर्शन के लिए कड़ी शर्तों के साथ सीमित अनुमति दी थी. इस दौरान सैकड़ों प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर पर पहुंचे, लेकिन पुलिस ने दलील दी कि उन्हें जंतर मंतर पर प्रदर्शन की इजाजत नहीं दी गई है, रामलीला मैदान में शाम 4 बजे तक के लिए रामलीला मैदान में प्रदर्शन की इजाजत दी गई थी.
जंतर-मंतर पर सवर्णों की आवाज़ को मजबूती देने अजीत भारती भी पहुँच चुके हैं। pic.twitter.com/cmCB10u4Wk
— RESERVATION HATAO ANDOLAN (RHA) (@rhamovement_01) ?ref_src=twsrc%5Etfw">August 21, 2026
प्रदर्शनकारियों ने इस दौरान आरोप लगाया कि उन्होंने एक महीने पहले प्रदर्शन की इजाजत मांगी थी, लेकिन इतने दिन तक मामले को लटकाकर रखा गया. अब जब प्रदर्शनकारी प्रदर्शन के दिन पहुंचते हैं तो उन्हें आखिरी दिन कहा जाता है कि उन्हें प्रोटेस्ट की अनुमति नहीं है, रामलीला मैदान में महज 500 लोगों के साथ प्रदर्शन की इजाजत दी गई है.
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इस दौरान RHA की ओर से ताबड़तोड़ ट्वीट किए गए. इसमें एक पोस्ट में लिखा कि "जंतर-मंतर की भीड़ बता रही है शेरों के बच्चों ने दहाड़ना शुरू कर दिया है! "
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वहीं एक दूसरे पोस्ट में RHA ने "चीतों की चाल और सवर्णों की ताक़त पर कभी संदेह नहीं करते."
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इतना ही नहीं दिल्ली पुलिस और सरकार पर प्रदर्शन की इजाजत ना देने को लेकर सवाल उठाते हुए RHA की ओर से आरोप लगाया गया कि "दूसरों को बिना मांगे ही मंज़ूरी मिल जाती है, जबकि जनरल कैटेगरी को लगातार मनाही का सामना करना पड़ता है. इस सरकार के दोहरे रवैये को नज़रअंदाज़ करना नामुमकिन है. #21AugReservationHataoAndolan