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'ग्राहक देवतुल्य', राहुल गांधी ने दलितों के लिए अलग कप का किया दावा, चाय दुकानदारों ने बताया अफवाह, कर दिया फैक्टचेक
राहुल गांधी ने चाय की टपरी पर दलितों के साथ भेदभाव और अलग पेपर कप की व्यवस्था होने का दावा किया. इस पर दुकानदारों ने उनका फैक्टचेक किया और उनकी बात को अफवाह करार दिया.
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कांग्रेस नेता राहुल गांधी की ओर से दलितों के लिए अलग कप के दावे को महाराजगंज और चंदौली के स्थानीय लोगों को खारिज कर दिया है. समाचार एजेंसी से बातचीत करते हुए एक स्थानीय शख्स राजीव दुबे ने कहा, "नौतनवा का रहने वाला हूं और मैं चाय की दुकान पर हर दिन आता हूं. यहां ऐसी कोई बात नहीं है; चाय की दुकान पर सभी लोग एक बराबर ही रहते हैं. राहुल गांधी की ओर से एकदम गलत दावा किया गया है.
स्थानीय शख्स श्याम मधेशिया ने कहा कि नौतनवा बाईपास चाय दुकान पर हम लोग बैठे हैं. यहां ऐसा कुछ भी नहीं है. किसी को जाति पूछकर चाय नहीं दिया जा रहा है. यहां एक जैसे ही सबको चाय दिया जा रहा है. राहुल गांधी की यह बात बिल्कुल गलत है, यह केवल अफवाह है.
चाय दुकानों पर दलितों के लिए अलग कप और होने वाले कथित भेदभाव को लेकर राहुल गांधी के दावे पर क्या बोले चाय दुकानदार और ग्राहक, सुनिए देश के विभिन्न इलाकों से आए रिएक्शन!#Tea #RahulGandhi #Congress pic.twitter.com/eiPFkdtZB1
— NMF NEWS (@NMFNewsNational) ?ref_src=twsrc%5Etfw">August 30, 2026Advertisement
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नौतनवा के रहने वाले संजय मधेशिया ने कहा कि मैं चाय की दुकान चलाता हूं. राहुल गांधी की ओर से जो कहा गया है, यहां ऐसी कोई बात नहीं है. दुकान पर जो भी आता है, किसी की जाति नहीं पूछी जाती है. यहां आने वाले हर शख्स का मान-सम्मान किया जाता है. सभी लोग खुशी मन से चाय पीते हैं. राहुल गांधी की ओर से यह अफवाह उड़ा गया है.
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नौतनवा के रहने वाले उमेश यादव ने कहा कि यहां जो भी दुकान पर आते हैं, सभी एक ही कप में पीते हैं. यहां ऐसा कुछ भी नहीं है; सिर्फ अफवाह उड़ाई जा रही है.
चंदौली के चाय की दुकान के मालिकों ने राहुल गांधी के 'दो तरह के कप' वाले दावे को खारिज किया. एक दुकानदार शारदानंद मिश्रा ने कहा कि किसी से जाति पूछकर चाय नहीं दिया जाता. दुकान पर आए सभी लोग हमारे लिए देवता समान हैं और हम लोग उनके साथ वैसा ही व्यवहार करते हैं.
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चंदौली में एक दुकान के मालिक दीपक कुमार रतवानी ने कहा कि किसी भी दुकानदार के लिए ग्राहक देवतातुल्य होता है. दुकानदार अपने देवताओं में बंटवारा नहीं कर सकता; उनके लिए सारे भगवान एक समान हैं. मेरे लिए चाहे दलित हो, पिछड़ा वर्ग हो, या जनरल वर्ग हो, मेरे लिए सभी देवता के समान हैं. मेरे सभी ग्राहक एक बराबर हैं. जिस कप में ग्राहक चाय पीते हैं, उसी कप में मैं भी पीता हूं. यह संभव ही नहीं है कि दुकानदार किसी भी ग्राहक में भेद करे. राहुल गांधी का यह मनगढ़ंत बयान है.
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संतू मल ने कहा कि यहां गरीब-अमीर और जातियों का कोई भेदभाव नहीं है. सभी को एक नजर से देखा जाता है. यहां भेदभाव नहीं रखा जाता है. ग्राहकों जो जिस प्याले में चाय दिया जाता है, वे पी लेते हैं.