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माघ मेला क्षेत्र में मुस्तैद प्रशासन, मिनटों में पाया आग पर काबू...CCTV-AI कैमरों से हो रही भीड़ की मॉनिटरिंग

प्रयागराज में संगम तट पर मकर संक्रांति के अवसर पर आस्था का सैलाब उमड़ रहा है. इसी दौरान प्रशासन की भी मुस्तैदी सामने आ रही है. बीती शाम जब माघ मेला क्षेत्र में आग लगने की घटना आई तो इसे मिनटों में काबू पा लिया गया.

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14 Jan 2026
( Updated: 14 Jan 2026
04:41 PM )
माघ मेला क्षेत्र में मुस्तैद प्रशासन, मिनटों में पाया आग पर काबू...CCTV-AI कैमरों से हो रही भीड़ की मॉनिटरिंग
Magh Mela Area

प्रयागराज में माघ मेला इस बार भी अपने रंग में रंगा हुआ है. मकर संक्रांति और षटतिला एकादशी के शुभ संयोग की वजह से संगम पर श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ है. बुधवार सुबह 8 बजे तक ही करीब 15 लाख श्रद्धालुओं ने संगम में स्नान कर आस्था का अनुभव लिया. इस दौरान युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक हर कोई संगम में डुबकी लगाता हुआ नजर आया. 

माघ मेला क्षेत्र में बीते दिन लगी थी आग

प्रयागराज में मेला क्षेत्र अंतर्गत थाना झूंसी, सेक्टर-05 में श्री राम नाम एवं मानव प्रचार संघ, संगम लोवर चौराहा स्थित संस्था परिसर में विद्युत आपूर्ति के दौरान लाइट फ्लक्चुएशन के कारण शॉर्ट सर्किट से आग लग गई. घटना की सूचना शाम 5 बजकर 45 मिनट पर मिली. घटना की जानकारी मिलते ही घटनास्थल के निकट ड्यूटीरत दो-पहिया फायर वाहन तत्काल मौके पर पहुंचा. इसके उपरांत मात्र 2 मिनट के भीतर फायर सर्विस के कुल 06 वाहन घटनास्थल पर पहुंच गए तथा तत्परता से अग्निशमन कार्यवाही प्रारंभ की गई. यानी कि माघ मेला क्षेत्र में फायर सर्विस की सक्रियता के चलते मेला क्षेत्र में लगी आग पर त्वरित काबू पा लिया गया.

माघ मेला पुलिस के मुताबिक इस आगजनी की घटना में 02 छोलदारियां जलने की सूचना है. किसी भी प्रकार की जनहानि अथवा अन्य संपत्ति की क्षति नहीं हुई है. फायर सर्विस की त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई से आग पर पूर्णतः काबू पा लिया गया है तथा स्थिति पूर्ण रूप से नियंत्रण में ले लिया गया.

कड़ाके की ठंड के बावजूद संगम तट पर श्रद्धालुओं की संख्या

इस कड़ाके की ठंड में संगम तट पर श्रद्धालुओं की संख्या देखकर साफ अंदाजा लगाया जा सकता है कि ये सिर्फ स्नान का अवसर नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक विरासत और सनातन परंपरा का जश्न भी है. वहीं, इस बार मकर संक्रांति स्नान पर्व पर अनुमान है कि 2 करोड़ से ज्यादा लोग संगम में डुबकी लगाएंगे. ऐसे में सुरक्षा-व्यवस्था भी बहुत सख्त है. पुलिस और सुरक्षा बल हर जगह तैनात हैं. मेला प्रशासन ने 13 जनवरी से ही चार पहिया वाहनों की एंट्री बैन कर दी है, ताकि जगह-जगह भीड़ नियंत्रण में रहे.

कैसे हो रही पेट्रोलिंग?

पुलिस कमिश्नर जोगेंद्र कुमार ने बताया कि संगम तट पर घुड़सवार पुलिस, फुट पेट्रोलिंग, जल पुलिस और आरएएफ जवान पूरे एहतियात के साथ काम कर रहे हैं. साथ ही बाडराज कंपनी भी लगी हुई है, ताकि कोई अप्रिय घटना न हो. उन्होंने बताया कि भीड़ को सुगमता से संगम तक लाने और वहां से वापस उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए विशेष डायवर्जन प्लान बनाया गया है.

CCTV, एआई कैमरों के जरिए भीड़ की हो रही भीड़ की मॉनिटरिंग

कमिश्नर ने कहा कि अभी भीड़ अच्छी है और सभी लोग सुरक्षित हैं. हालांकि यदि भविष्य में भीड़ और बढ़ती है, तो आपातकालीन योजनाएं तैयार हैं. एआई कैमरों के जरिए भीड़ की लगातार मॉनिटर की जा रही है और उसी के आधार पर प्रशासन आवश्यक कदम उठा रहा है.

23 साल बाद बना मकर संक्रांति पर एकादशी का दुर्लभ संयोग

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गौरतलब है कि 23 साल बाद मकर संक्रांति पर एकादशी का दुर्लभ संयोग बना है, जिस वजह से इस दिन स्नान का महत्व कई गुना बढ़ गया है. इस मौके पर लोग सिर्फ प्रयागराज ही नहीं, बल्कि वाराणसी, अयोध्या और मथुरा जैसे धार्मिक शहरों से भी अपने-अपने घाटों पर पहुंच रहे हैं. हर जगह श्रद्धालुओं का हुजूम आस्था की गूंज और भक्तिभाव का प्रतीक बनता दिख रहा है.

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