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राहुल गांधी के बिहार पहुंचते ही बढ़ गया सियासी पारा, बीजेपी के वार पर आरजेडी ने कर दिया पलटवार
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी सोमवार को बिहार पहुंचे। दो महीने के भीतर राहुल गांधी का यह तीसरा दौरा बता रहा है कि कांग्रेस इस चुनाव को लेकर कितनी गंभीर है।
आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर बिहार में सत्तारूढ़ गठबंधन से लेकर विपक्ष की इंडिया गठबंधन में शामिल विभिन्न दलों के बड़े नेताओं की सक्रियता लगातार बढ़ती जा रही है। सोमवार को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी सोमवार को बिहार पहुंचे। दो महीने के भीतर राहुल गांधी का यह तीसरा दौरा बता रहा है कि कांग्रेस इस चुनाव को लेकर कितनी गंभीर है। वही दूसरी तरफ़ बिहार भाजपा के नेताओं ने जहां इस दौरे को लेकर तंज कसा तो इसका जवाब इंडिया गठबंधन में शामिल आरजेडी प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने दिया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और तेजस्वी यादव की जोड़ी से एनडीए घबरा गई है।
राहुल-तेजस्वी की जोड़ी ज़बरदस्त
सोमवार को न्यूज एजेंसी आईएएनएस से बातचीत के दौरान आरजेडी प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि राहुल गांधी बिहार आए हैं। यहां चुनावी साल है, इसलिए स्वाभाविक रूप से सभी दलों के नेता अपने कार्यक्रम करने, अपनी पार्टी के संगठन का आकलन करने और अपने काम की समीक्षा करने आ रहे है। इसमें क्या दिक्कत है। मैं समझता हूं कि पूरा एनडीए और विपक्ष राहुल गांधी और तेजस्वी यादव के बीच मजबूत गठबंधन से साफ तौर पर घबराया हुआ है। इसके साथ ही तिवारी ने सीएम चेहरे को लेकर भाजपा पर हमला बोला। उन्होंने कहा, " जो लोग दावा करते हैं कि बिहार में कांग्रेस पार्टी आरजेडी पर निर्भर है, वे पाखंड कर रहे हैं। भाजपा नीतीश कुमार के भरोसे है। भाजपा की हिम्मत है तो वह अपने दम पर बताए कि बिहार में उनका मुख्यमंत्री का चेहरा कौन होगा। राहुल गांधी के बिहार आने से विरोधियों को बैचेनी क्यों हो रही है?" केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के आगामी बिहार दौरे को लेकर आरजेडी नेता ने कहा कि वह बिहार में विधानसभा चुनाव हैं और इसीलिए वह बिहार आएंगे। जब चुनाव खत्म होगा तो वह फिर लौट जाएंगे।
बीजेपी ने क्या कहा ?
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सैयद शाहनवाज हुसैन ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के बिहार दौरे पर कहा, "राहुल गांधी बिहार आ रहे हैं, लेकिन इससे कोई फर्क नहीं पड़ने वाला है। वह "पलायन रोको, नौकरी दो" यात्रा कर रहे हैं, लेकिन उन्हें पता होना चाहिए कि पलायन लालू यादव के शासन के दौरान शुरू हुआ था, जिसमें कांग्रेस बराबर की भागीदार थी। कांग्रेस इसकी जिम्मेदारी से बच नहीं सकती..."
बता दें, राहुल एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष कन्हैया कुमार की 'पलायन रोको नौकरी दो' पदयात्रा में शामिल हुए। दोनों ने बेगूसराय में पदयात्रा की। इस यात्रा को लेकर लगातार विपक्ष मुखर है। बेगूसराय सांसद और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने उन तंज कसते हुए कहा कि राहुल गांधी के बिहार आने से कोई फर्क नहीं पड़ने वाला है। वे आएं, घूमे और भ्रम फैलाएं। नीतीश कुमार और नरेंद्र मोदी की सरकार है। 2005 के पहले का बिहार और 2005 के बाद के बिहार को देखें। यहां सड़कें बन गईं, गंगा नदी पर पुल बन गए, आठ लाख लोगों को नौकरी दे दी गई है, आगे भी चार लाख लोगों को नौकरी दी जाने वाली है।
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