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भक्ति में जुड़ी वायु सेना की शक्ति! अब सुखोई के टायर पर दौड़ेगा भगवान जगन्नाथ का रथ, 48 साल बाद बदले गए पहिए

कोलकाता इस्कॉन के भगवान जगन्नाथ रथयात्रा के रथ के पहियों को 48 साल बाद बदला गया है. इस बार रथ में रूसी सुखोई जेट के टायर लगाए जा रहे हैं. मैनेजमेंट ने कंपनी से सुखोई के 4 टायर खरीदे हैं. टायरों को इन दिनों रथ में फिट किया जा रहा है.

कोलकाता इस्कॉन के भगवान जगन्नाथ रथयात्रा के रथ के पहियों को 48 साल बाद बदला गया है. खास बात ये है कि इस बार रथ में रूसी सुखोई जेट के टायर लगाए जा रहे हैं. बता दें कि फाइटर जेट की टेकऑफ स्पीड 280 किमी/घंटा तक होती है. हालांकि, रथ 1.4 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगा. बता दें कि जगन्नाथ रथ यात्रा हर साल आषाढ़ माह में शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि से शुरू होती है और शुक्ल पक्ष के 11वें दिन जगन्नाथ जी की वापसी के साथ संपन्न होती है. इस बार रथ यात्रा की शुरुआत 27 जून से होगी. यह 8 दिन तक चलेगी. 5 जुलाई को इसका समापन होगा.

इस्कॉन कोलकाता ने जारी किया बयान
इस्कॉन कोलकाता ने बताया कि पिछले कई सालों से रथ को चलाने में समस्या आ रही थी. आयोजक 15 सालों से नए टायर की तलाश में थे. बोइंग विमान के पुराने टायरों का इस्तेमाल किया जा था, लेकिन अब वे बाजार में मिलने मुश्किल हो रहे हैं. इसके बाद आयोजकों ने सुखोई जेट के टायरों को रथ में लगाने का फैसला किया, क्योंकि इसका व्यास (डायमीटर) बोइंग के टायरों से मिलता-जुलता है. मैनेजमेंट ने कंपनी से सुखोई के 4 टायर खरीदे हैं. टायरों को इन दिनों रथ में फिट किया जा रहा है.

कंपनी से आयोजकों को 4 सुखोई के टायर मिले 
इस्कॉन कोलकाता के प्रवक्ता राधारमण दास ने बताया कि उन्होंने सुखोई टायर बनाने वाली कंपनी से संपर्क किया. टायरों का कोटेशन मांगा, तो कंपनी हैरान रह गई कि आखिर कोई फाइटर जेट के टायर क्यों मांग रहा है. इसके बाद आयोजकों ने कंपनी को पूरी बात समझाई. कंपनी के लोगों को रथ दिखाने के लिए कोलकाता बुलाया गया. तब जाकर कंपनी से चार टायर देने की सहमति बनी.

47 सालों से कोलकाता में हो रही भव्य रथयात्रा
बता दें कि कोलकाता में इस्कॉन 1972 से भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा का आयोजन कर रहा है. रथ यात्रा जैसे प्रचीन वैष्णव उत्सव में हजारों श्रद्धालु सड़कों पर उतरकर रथ खींचते हैं. रथ यात्रा में भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा के रथ शहर की सड़कों से गुजरते हैं. 

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