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न प्रशासन, न इंतजार - BJP ने खुद तोड़ा अपना ऑफिस, बंगाल में चौंकाने वाला कदम!

Bengal BJP Office: पश्चिम बंगाल में एक ऐसा मामला सामने आया है, जो आमतौर पर होने वाली राजनीतिक बहसों और टकरावों से बिल्कुल अलग है. यहां प्रशासन की तरफ से सरकारी जमीन पर किए गए अतिक्रमण हटाने का आदेश जारी होने के बाद बीजेपी के स्थानीय नेताओं ने खुद ही एक बड़ा और अलग फैसला ले लिया.

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05 Jun 2026
( Updated: 05 Jun 2026
10:54 AM )
न प्रशासन, न इंतजार - BJP ने खुद तोड़ा अपना ऑफिस, बंगाल में चौंकाने वाला कदम!
Image Source: IANS
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Bengal: पश्चिम बंगाल के उत्तर दिनाजपुर जिले के हेमताबाद में एक ऐसा मामला सामने आया है, जो आमतौर पर होने वाली राजनीतिक बहसों और टकरावों से बिल्कुल अलग है. यहां प्रशासन की तरफ से सरकारी जमीन पर किए गए अतिक्रमण हटाने का आदेश जारी होने के बाद बीजेपी के स्थानीय नेताओं ने खुद ही एक बड़ा और अलग फैसला ले लिया.

ब्लॉक विकास अधिकारी (BDO) की ओर से निर्देश दिया गया था कि इलाके में जहां-जहां भी सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा या निर्माण हुआ है, उसे हटाया जाए. इसके बाद इलाके में मापी और जांच की गई, जिसमें यह सामने आया कि हेमताबाद में शालबागान के पास स्टेट हाईवे के किनारे बना बीजेपी का ब्लॉक कार्यालय भी आंशिक रूप से सरकारी जमीन के दायरे में आता है..

पार्टी दफ्तर का हिस्सा खुद ही गिराया

जैसे ही यह बात स्थानीय बीजेपी नेताओं को पता चली, उन्होंने किसी तरह के टकराव या इंतजार की बजाय खुद ही कार्रवाई करने का फैसला किया. मंगलवार दोपहर को बीजेपी के प्रखंड अध्यक्ष बिप्लव सरकार और अन्य कार्यकर्ता अपने दफ्तर पहुंचे और वहां मौजूद उस हिस्से को हटाना शुरू कर दिया जो सरकारी जमीन पर आ रहा था.

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सबसे खास बात यह रही कि इस दौरान किसी प्रशासनिक बुलडोजर या पुलिस कार्रवाई का इंतजार नहीं किया गया. पार्टी कार्यकर्ता खुद ही औजार लेकर पहुंचे और अपने ही दफ्तर के उस हिस्से को तोड़ दिया, जिसे अवैध दायरे में पाया गया था. कुछ ही समय में वह हिस्सा पूरी तरह हटा दिया गया और जमीन खाली कर दी गई.

कानून का पालन करने की मिसाल

स्थानीय बीजेपी नेताओं का कहना है कि जब उन्हें पता चला कि उनका कार्यालय भी अतिक्रमण की जद में है, तो उन्होंने तुरंत तय किया कि कानून का पालन सबसे पहले किया जाएगा. बिप्लव सरकार ने कहा कि प्रशासन का आदेश आम जनता की सुविधा के लिए है और सड़क चौड़ी करने जैसे काम के लिए जरूरी है, इसलिए उन्होंने खुद ही इस फैसले को लागू किया.

उन्होंने यह भी कहा कि इस अभियान से प्रभावित होने वाले छोटे दुकानदारों और स्थानीय व्यापारियों के लिए सरकार को उचित पुनर्वास की व्यवस्था करनी चाहिए, ताकि किसी का रोजगार प्रभावित न हो.

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दुकानदारों ने भी अपनाया यही रास्ता
इस कार्रवाई का असर सिर्फ बीजेपी कार्यालय तक सीमित नहीं रहा. धीरे-धीरे आसपास के दुकानदारों और व्यापारियों ने भी इसी रास्ते को अपनाना शुरू कर दिया. कई लोगों ने प्रशासन की जेसीबी का इंतजार करने के बजाय खुद ही अपने दुकानों के बाहर बने अवैध हिस्सों, शेड और काउंटरों को हटाना शुरू कर दिया.
रायगंज-बालुरघाट राज्य राजमार्ग के किनारे कई जगहों पर लोग खुद ही आगे आकर अतिक्रमण हटाते नजर आए, जिससे पूरे इलाके में एक अलग ही माहौल देखने को मिला..

प्रशासन की पहले से तैयारी और अभियान

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हेमताबाद के बीडीओ बिस्वजीत दत्ता ने बताया कि यह कार्रवाई अचानक नहीं की गई थी. इसके लिए पहले से ही लोगों को जागरूक किया जा रहा था और लगातार नोटिस व लाउडस्पीकर के जरिए जानकारी दी जा रही थी कि सरकारी जमीन को खाली करना जरूरी है

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