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नई कमान, नई रणनीति... BJP ने बंगाल से दक्षिण भारत तक बिछाया चुनावी जाल, विपक्ष के लिए बढ़ेगी चुनौती

बीजेपी के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद पार्टी ने आगामी पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों की तैयारी तेज कर दी है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दक्षिण भारत, जबकि अमित शाह और नितिन नबीन पूर्वी राज्यों में चुनावी रणनीति को धार देंगे.

Source:X/ @JPNadda (File)

बीजेपी के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष की ताजपोशी के साथ ही देश की राजनीति में चुनावी सरगर्मी तेज हो गई है. आने वाले दो महीनों में पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव अब भारतीय जनता पार्टी के लिए सबसे बड़ी प्राथमिकता बन चुके हैं. इसी रणनीति के तहत पार्टी के शीर्ष नेताओं ने मैदान संभाल लिया है और लगातार चुनावी राज्यों के दौरे तय किए जा रहे हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और पार्टी अध्यक्ष नितिन नबीन इस महीने के शेष दिनों में अलग अलग राज्यों में सक्रिय नजर आएंगे.

PM मोदी का दक्षिण पर पूरा फोकस 

जानकारी के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दक्षिण भारत पर खास फोकस कर रहे हैं. वह केरल और तमिलनाडु का दौरा करेंगे, जबकि पार्टी अध्यक्ष नितिन नबीन पश्चिम बंगाल जाएंगे. वहीं गृह मंत्री अमित शाह असम और पश्चिम बंगाल में संगठन और चुनावी तैयारियों को धार देंगे. इन पांच राज्यों के चुनाव भाजपा के लिए इसलिए अहम हैं क्योंकि दक्षिण और पूर्वी भारत में पार्टी अपनी राजनीतिक पकड़ को और मजबूत करना चाहती है.

तमिलनाडु बीजेपी के लिए बनेगा रणक्षेत्र 

दक्षिण भारत में बीजेपी की स्थिति बीते कुछ वर्षों में कमजोर हुई है. कर्नाटक में सत्ता से बाहर होने के बाद केंद्र शासित प्रदेश पुद्दुचेरी को छोड़ दें तो पार्टी इस क्षेत्र में सत्ता से दूर है. ऐसे में तमिलनाडु बीजेपी के लिए सबसे अहम रणक्षेत्र बनकर उभरा है. यहां पार्टी अन्नाद्रमुक के साथ मिलकर सत्ता में वापसी की रणनीति पर काम कर रही है. भाजपा ने अन्नाद्रमुक को गठबंधन विस्तार के लिए राजी कर लिया है. प्रधानमंत्री के दौरे से पहले केंद्रीय मंत्री और तमिलनाडु के चुनाव प्रभारी पीयूष गोयल ने कई अहम राजनीतिक पहल की हैं. टीवीवी दिनाकरण के नेतृत्व वाली एएमएमके को एनडीए में शामिल किया जा चुका है. पीएमके पहले से ही एनडीए का हिस्सा है. इसके अलावा गोयल ने आईजेके के नेता पी. वेंथम से भी मुलाकात की है. अन्नाद्रमुक के अन्य धड़ों को साथ लाने की कोशिशें भी तेज कर दी गई हैं.

अन्नाद्रमुक को आगे रखकर बीजेपी कर रही बड़ी प्लानिंग 

शुक्रवार शाम तमिलनाडु में प्रधानमंत्री मोदी की रैली को एनडीए की एकजुटता और ताकत के प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है. इस रैली में द्रमुक के गढ़ में अन्नाद्रमुक को आगे रखकर प्रधानमंत्री सत्तारूढ़ दल को सीधी चुनौती देंगे. इससे पहले प्रधानमंत्री दिन में केरल का दौरा करेंगे. हाल ही में स्थानीय निकाय चुनावों में खासकर तिरुवनंतपुरम में भाजपा का पहला मेयर बनने के बाद यह दौरा काफी अहम माना जा रहा है. यहां मोदी रोड शो करेंगे, कई विकास योजनाओं का शुभारंभ करेंगे और एक नई ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे.

असम और बंगाल पर शाह की गृह मंत्री नजर 

दूसरी ओर गृह मंत्री अमित शाह 29 से 31 जनवरी तक असम और पश्चिम बंगाल के दौरे पर रहेंगे. 29 और 30 जनवरी को वह असम में पार्टी की बैठकों में हिस्सा लेकर चुनावी रणनीति को अंतिम रूप देंगे. इसके बाद 30 और 31 जनवरी को कोलकाता में संगठन की चुनावी गतिविधियों की समीक्षा के साथ नए अभियान की तैयारी की जाएगी. साफ है कि भाजपा इन चुनावों को लेकर पूरी तरह आक्रामक मूड में है और हर मोर्चे पर अपनी ताकत झोंकने की तैयारी कर चुकी है.

कुल मिलाकर साफ संकेत हैं कि भाजपा इन विधानसभा चुनावों को हल्के में लेने के मूड में नहीं है. शीर्ष नेतृत्व के लगातार दौरे, गठबंधन विस्तार की कवायद और जमीनी स्तर पर सक्रियता यह दिखाती है कि पार्टी दक्षिण और पूर्वी भारत में नई राजनीतिक जमीन तैयार करने की पूरी कोशिश में जुट गई है. आने वाले दिनों में इन राज्यों की सियासत और ज्यादा तेज होने के आसार हैं.

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