संदेशखाली की पीड़िताओं से सबूत मांग कर फंसने वाली ममता की करीबी अफसर नए विवाद में फंसीं, जानें पूरा मामला
सुवेंदु अधिकारी के शपथ ग्रहण समारोह में ममता की करीबीं रहीं IPS ऑफिसर पपिया सुल्ताना ने कुछ ऐसा कर दिया, जिसके बाद विवाद खड़ा हो गया.
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पश्चिम बंगाल में सत्ता ही नहीं बदली बल्कि सिस्टम का रंग-ढंग भी बदल गया है. बंगाल में ममता राज में सबसे ज्यादा विवादों में पुलिस महकमा रहा. वो पुलिस महकमा, जो ‘दीदी’ के एक इशारे पर कुछ भी कर गुजरने को तैयार था, हालांकि सुवेंदु अधिकारी के शपथ लेते ही पुलिस डिपार्टमेंट ने ही अपना उल्लू भी सीधा किया.
ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी को सोशल मीडिया पर अनफॉलो किया. इसके बाद बंगाल पुलिस फिर सुर्खियों में आ गई, इसी तरह ममता बनर्जी की करीबी रहीं एक पुलिस अधिकारी पपिया सुल्तान की भी काफी चर्चा हो रही है. पापिया सुल्ताना पर आरोप है कि सुवेंदु अधिकारी के शपथ ग्रहण समारोह में उन्होंने BJP विधायकों को बैठने के लिए जगह तक नहीं दी.
क्या है पपिया सुल्ताना से जुड़ा पूरा विवाद?
पपिया सुल्तान का एक वीडियो वायरल हो रहा है. जो बंगाल के नए मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के शपथ ग्रहण समारोह का है. इस वीडियो में दावा किया जा रहा है कि सुवेंदु अधिकारी के साथ मौजूद BJP विधायक खड़े रहे लेकिन ड्यूटी पर तैनात या फ्रंट रो में बैठी अधिकारी पपिया सुल्ताना ने शिष्टाचार में उन्हें बैठने की जगह नहीं दी.
These two IPS officers refused to vacate their seats although at least 5 newly elected BJP MLAs —including @swapan55 —were standing. Others got up to accommodate them. The woman IPS officer did not even stand up when the PM came on the podium. Should they not be pulled up? pic.twitter.com/mpZ5mAcMlK
— Reshmi Dasgupta (@ReshmiDG) May 10, 2026
वीडियो में देख सकते हैं शपथ ग्रहण समारोह के दौरान BJP विधायक स्वप्न दासगुप्ता बैठने के लिए आते हैं. उस समय सोफा पर पुलिस के दो अधिकारी बैठे थे इनमें से एक पपिया सुल्ताना थी. BJP विधायक काफी देर तक खड़े रहे, इस दौरान एक पुलिस अधिकारी उन्हें जगह देने के लिए खिसका भी, जबकि पपिया सुल्ताना अपनी जगह से हिलीं भी नहीं. इसके बाद स्वप्न दासगुप्ता सोफा के हत्थे पर ही बैठ गए.
इस वीडियो को शेयर करते हुए रश्मि दासगुप्ता ने लिखा, इन दोनों IPS अधिकारियों ने अपनी सीटें खाली करने से इंकार कर दिया, जबकि कम से कम 5 नवनिर्वाचित BJP विधायक खड़े थे.
अन्य विधायकों को उनके लिए जगह बनाने के लिए उठना पड़ा. महिला IPS अधिकारी प्रधानमंत्री के मंच पर आने पर भी खड़ी नहीं हुईं. क्या उन्हें फटकार नहीं लगाई जानी चाहिए?
कौन हैं पपिया सुल्ताना?
पपिया सुल्ताना फरवरी 2024 में संदेशखाली रेप मामले के बाद विवादों में आईं थीं. आरोप लगा कि उन्होंने रेप पीड़ित महिलाओं से सबूत मांगे थे और संवेदनहीन व्यवहार किया था. दरअसल, उस समय संदेशखाली की महिलाओं ने TMC नेता शाहजहां शेख और उसके समर्थकों पर यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए थे. इसके बाद IPS पपिया सुल्ताना को टीम के साथ संदेशखाली जांच के लिए भेजा गया था, वहां पपिया सुल्ताना ने आरोपो की पुष्टि के लिए उनकी मेडिकल रिपोर्ट मांगी थी. इस रुख पर कुछ सामाजिक कार्यकर्ताओं ने विरोध भी जताया था.
वहीं, संदेशखाली की पीड़ित महिलाओं ने आरोप लगाया था कि पपिया सुल्ताना उनकी शिकायतों को दर्ज करने में सुस्त रवैया अपना रही हैं. उन्होंने ये भी शिकायत की थी कि सबूतों के नाम पर उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था.
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हालांकि ममता बनर्जी को जनप्रतिनिधियों को सीट न देना कोई कानूनी अपराध नहीं है, लेकिन पुलिस अधिकारियों से नैतिक आचरण की उम्मीद की जाती है, यह ‘कंडक्ट रूल्स’ (आचरण नियमावली) और प्रोटोकॉल के उल्लंघन का मामला जरूर बन सकता है.
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