मोदी कैबिनेट के बड़े फैसले, सरकार ने दी पहली स्वदेशी सेमी हाई-स्पीड ट्रेन, किसानों को 50 प्रतिशत से ज्यादा MSP का तोहफा
मोदी सरकार ने बड़े फैसले लेते हुए किसानों की आय बढ़ाने के लिए फसलों पर 50% अधिक MSP और रेल कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए पहली स्वदेशी सेमी हाई-स्पीड ट्रेन को मंजूरी दे दी है.
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) ने बुधवार को अहमदाबाद (सरखेज)-धोलेरा सेमी-हाईस्पीड डबल लाइन रेलवे परियोजना के साथ-साथ बुनियादी ढांचे और कृषि क्षेत्र के लिए क्रांतिकारी फैसलों को मंजूरी दे दी. बता दें कि यह भारतीय रेलवे की पहली ऐसी परियोजना होगी, जिसे स्वदेशी तकनीक के जरिए विकसित किया जाएगा. इस परियोजना की कुल लागत 20,667 करोड़ रुपए होगी.
अहमदाबाद-धोलेरा के बीच नई रेल लाइन
कैबिनेट के बयान के अनुसार, यह रेलवे परियोजना अहमदाबाद, धोलेरा स्पेशल इन्वेस्टमेंट रीजन (SIR), आगामी धोलेरा एयरपोर्ट और लोथल नेशनल मैरीटाइम हेरिटेज कॉम्प्लेक्स (NHMC) के बीच तेज कनेक्टिविटी प्रदान करेगी. अहमदाबाद और धोलेरा के बीच यह नई रेल लाइन यात्रियों के सफर का समय कम करेगी, जिससे लोग आरामदायक दैनिक यात्रा और एक ही दिन में आने-जाने की सुविधा का लाभ उठा सकेंगे. यह सेमी-हाईस्पीड रेलवे न केवल दोनों शहरों को करीब लाएगी, बल्कि सैकड़ों किलोमीटर दूर रहने वाले लोगों को भी फायदा पहुंचाएगी.
284 गांवों को मिलेगी बेहतर कमेक्टिविटी
सरकार ने कहा कि यह परियोजना देश भर में चरणबद्ध तरीके से सेमी-हाईस्पीड रेल नेटवर्क के विस्तार के लिए एक मॉडल परियोजना के रूप में काम करेगी. गुजरात के अहमदाबाद जिले में बनने वाली इस परियोजना से भारतीय रेलवे नेटवर्क में करीब 134 किलोमीटर की बढ़ोतरी होगी. प्रस्तावित रेल लाइन से लगभग 284 गांवों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी, जहां करीब 5 लाख लोग रहते हैं.
किसानों के लिए MSP में कितना हुआ इजाफा?
सरकार ने साल 2026-27 के लिए खरीफ फसलों की एमएसपी (MSP) को मंजूरी दे दी है. लागत और मूल्य आयोग की सिफारिशों पर आधारित यह MSP उत्पादन से कम से 50 प्रतिशत अधिक रखी गई है.
कोयला गैसीकरण पर कैबिनेट का बड़ा फैसला
कैबिनेट ने कोयला गैसीकरण परियोजनाओं को रफ्तार देने के लिए 37,500 करोड़ रुपये के वित्तीय बजट वाली एक विशेष योजना को मंजूरी दी है. केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि भारत के पास आगामी 200 वर्षों के लिए पर्याप्त कोयला भंडार मौजूद है. अब इस संपदा का उपयोग सीधे जलाने के बजाय गैस बनाने के लिए किया जाएगा.
नागपुर एयरपोर्ट पर क्या है प्लान?
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इसके अलावा नागपुर के डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को लेकर भी सरकार ने अहम घोषणा की है. अब इस एयरपोर्ट को पीपीपी मॉडल के तहत इंटरनेशनल लेवल पर विकसित किया जाएगा, जिससे विदर्भ क्षेत्र में पर्यटन और व्यापार को बढ़ावा मिलेगा.
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