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Iran-US War: ‘तुरंत रोकें…’ ईरान के हमले में भारतीय की मौत पर भारत का बड़ा एक्शन, डिप्टी राजदूत को किया तलब
होर्मुज स्ट्रेट में भारतीय क्रू मेंबर की मौत पर भारत ने सख्त आपत्ति जताई है. MEA ने ईरान के सामने सुरक्षा का मुद्दा उठाते हुए डिप्टी राजदूत को तलब किया है.
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ईरान-US के बीच एक बार फिर बढ़े तनाव ने समुद्री मार्ग होर्मुज में भी तनातनी तेज कर दी है. जिसका खामियाजा वहां से गुजर रहे जहाजों को चुकाना पड़ रहा है. हाल ही में साइप्रस के जहाज GFS गैलेक्सी और तेल टैंकर पर ईरान ने हमला किया था. जिसमें एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई. इस घटना के बाद भारत ने ईरानी हमले पर सख्त आपत्ति जाहिर की है.
भारत ने भारतीय की मौत पर ईरान के डिप्टी राजदूत भारत ने तलब किया है. विदेश मंत्रालय ने ओमान के समुद्री क्षेत्र में होर्मुज स्ट्रेट के पास हुए हमले में एक भारतीय क्रू मेंबर की मौत पर गहरी चिंता जताई है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग में बताया कि भारत ने इस घटना पर ईरान के सामने कड़ा विरोध दर्ज कराया है और ऐसे हमलों को तुरंत रोकने की मांग की है.
ईरान के डिप्टी राजदूत को किया तलब
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रणधीर जायसवाल ने बताया, ईरान के उप मिशन प्रमुख को तलब किए जाने के बाद हमने एक आधिकारिक बयान जारी किया था. हमने उनके सामने अपनी गहरी चिंता जताई और जो घटना हुई, उसकी कड़ी निंदा की.
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उन्होंने कहा कि इस हमले में हमने एक अनमोल भारतीय नागरिक को खो दिया. कई भारतीय नागरिक घायल हुए हैं, जिनमें से दो की हालत गंभीर है. MEA प्रवक्ता ने बताया कि हमने इस मामले पर ईरानी पक्ष के सामने अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया और साफ कहा कि जिन हमलों की हमने निंदा की है, उन्हें तुरंत रोका जाना चाहिए.
ईरान ने कब किया था हमला?
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मंगलवार तड़के होर्मुज के दक्षिणी हिस्से में ओमान के समुद्री क्षेत्र के पास ‘मोंबासा’ और ‘बाहिया’ नाम के दो टैंकरों को निशाना बनाया गया. बताया जा रहा है कि इन जहाजों पर क्रूज मिसाइल से हमला किया गया, जिससे दोनों जहाजों को भारी नुकसान पहुंचा और उनमें आग भी लग गई. इस हमले में एक भारतीय चालक दल के सदस्य की जान चली गई, जबकि कई अन्य लोग घायल हो गए. घायलों में छह भारतीय और दो यूक्रेनी नागरिक शामिल बताए जा रहे हैं. हादसे के बाद बचाव दल ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया और घायलों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया.
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विदेश मंत्रालय ने बताया कि इस घटना के बाद मंत्रालय ने नई दिल्ली में ईरान दूतावास के डिप्टी चीफ ऑफ मिशन को तलब किया है. मंत्रालय ने इस बात पर जोर दिया कि क्षेत्र में कमर्शियल शिपिंग और नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाना बंद होना चाहिए, ताकि अंतर्राष्ट्रीय कानून के अनुसार इस क्षेत्र के अंतर्राष्ट्रीय जलमार्गों से स्वतंत्र और निर्बाध आवागमन और व्यापार को जल्द से जल्द बहाल किया जा सके.