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भारत-ब्राजील ने मिलाया हाथ, 2030 तक 30 अरब डॉलर का होगा कारोबार; दवा से मशीनरी तक बढ़ेगा सहयोग
भारत और ब्राजील ने 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 30 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य तय किया है. ब्रासीलिया में हुई 8वीं टीएमएम बैठक में दवा, रसायन, इंजीनियरिंग और मशीनरी समेत रणनीतिक क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी.
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भारत और ब्राजील ने अपने आर्थिक और व्यापारिक संबंधों को नई ऊंचाई पर ले जाने का संकल्प दोहराते हुए वर्ष 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 30 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया है. दोनों देशों ने दवा, रसायन, इंजीनियरिंग उत्पाद, मशीनरी और अन्य रणनीतिक क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाकर अधिक विविध, संतुलित और टिकाऊ व्यापारिक साझेदारी विकसित करने पर सहमति जताई है.
2030 तक 30 अरब डॉलर व्यापार का लक्ष्य
एक आधिकारिक बयान में सोमवार को कहा गया कि यह लक्ष्य ब्राजील की राजधानी ब्रासीलिया में आयोजित भारत-ब्राजील व्यापार निगरानी तंत्र (टीएमएम) की 8वीं बैठक के दौरान सामने आया. बैठक की सह-अध्यक्षता भारत के वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल और ब्राजील के विकास, उद्योग, वाणिज्य एवं सेवाएं मंत्रालय की विदेश व्यापार सचिव तातियाना लासेर्दा प्राजेरेस ने की. बैठक के दौरान राजेश अग्रवाल ने ब्राजील के विकास, उद्योग, वाणिज्य एवं सेवाएं मंत्री मार्सियो एलियास रोसा से भी मुलाकात की.दोनों पक्षों ने व्यापार और निवेश संबंधों को और मजबूत करने तथा प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में आर्थिक सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की.
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15.07 अरब डॉलर पहुंचा द्विपक्षीय व्यापार
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बयान में आगे कहा गया है कि भारत और ब्राजील के बीच व्यापार लगातार बढ़ रहा है. वित्त वर्ष 2025-26 में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार 15.07 अरब डॉलर तक पहुंच गया, जो दोनों अर्थव्यवस्थाओं के बीच बढ़ते कारोबारी संबंधों को दर्शाता है. बैठक में भारत-मर्कोसुर व्यापार संबंधों को भी प्रमुखता से उठाया गया. दोनों पक्षों ने भारत-मर्कोसुर वरीयता प्राप्त व्यापार समझौते के विस्तार और आधुनिकीकरण की संभावनाओं की समीक्षा की. वर्ष 2025 में भारत और मर्कोसुर देशों के बीच कुल व्यापार 20.84 अरब डॉलर तक पहुंच गया था. इसे देखते हुए दोनों पक्षों ने समझौते से जुड़े संदर्भ दस्तावेजों को जल्द अंतिम रूप देने की प्रतिबद्धता जताई.
दवा कंपनियों के लिए बाजार पहुंच पर जोर
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दवा क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण प्रगति देखने को मिली. भारत ने ब्राजील से भारतीय दवा कंपनियों के लिए अधिक पूर्वानुमेय नियामकीय व्यवस्था और बेहतर बाजार पहुंच सुनिश्चित करने पर जोर दिया. इससे भारतीय फार्मास्युटिकल कंपनियों को ब्राजील जैसे बड़े बाजार में अपने कारोबार का विस्तार करने में मदद मिलेगी.
कृषि क्षेत्र में तकनीकी चर्चाओं को मिली गति
कृषि क्षेत्र में दोनों देशों के बीच तकनीकी स्तर की चर्चाएं आगे बढ़ीं। विशेष रूप से विभिन्न कृषि उत्पादों के लिए स्वास्थ्य और पादप स्वच्छता मानकों से जुड़े मुद्दों पर प्रगति हुई। दोनों देशों ने समयबद्ध तरीके से पारस्परिक बाजार पहुंच सुनिश्चित करने की दिशा में काम जारी रखने पर सहमति व्यक्त की। भारत और ब्राजील ने बहुपक्षीय मंचों पर भी अपने सहयोग को मजबूत करने का संकल्प दोहराया. ब्रिक्स, जी-20 और विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) जैसे मंचों पर दोनों देशों ने खुले, समावेशी और विकासोन्मुख वैश्विक व्यापार तंत्र के समर्थन में मिलकर काम जारी रखने की प्रतिबद्धता जताई.
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25 से अधिक भारतीय कंपनियों ने लिया हिस्सा
इस दौरान भारत-ब्राजील उच्च स्तरीय व्यापारिक स्वागत समारोह का भी आयोजन किया गया, जिसमें दोनों देशों के प्रमुख उद्योगपतियों और व्यापारिक प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया. भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने किया। प्रतिनिधिमंडल में किर्लोस्कर समूह, यूपीएल और आदित्य बिड़ला समूह सहित 25 से अधिक भारतीय कंपनियों के प्रतिनिधि शामिल थे. दोनों देशों ने नई दिल्ली में एपेक्सब्रासिल कार्यालय की स्थापना का भी स्वागत किया. इस पहल से भारत और ब्राजील के उद्योगों के बीच प्रत्यक्ष संपर्क बढ़ेगा तथा ब्राजील से भारत में निवेश प्रवाह को और मजबूती मिलने की उम्मीद है.
रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करने पर जोर
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बैठक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा के नेतृत्व में मजबूत हो रहे राजनीतिक और आर्थिक संबंधों की पृष्ठभूमि में आयोजित हुई. दोनों देशों ने इस अवसर पर अपनी रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करने तथा व्यापार, निवेश और औद्योगिक सहयोग को नई गति देने की प्रतिबद्धता दोहराई.
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बताते चलें कि भारत और ब्राजील के बीच बढ़ता व्यापारिक सहयोग दोनों देशों के आर्थिक रिश्तों के लिए अहम माना जा रहा है. 2030 तक 30 अरब डॉलर के व्यापार लक्ष्य के साथ दवा, कृषि, उद्योग और निवेश जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ने की उम्मीद है.