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हरियाणा सरकार ने ATS का किया गठन, पंचकूला और गुरुग्राम में बनेंगे दो आतंकवाद-रोधी थाने
हरियाणा सरकार ने आतंकवाद से जुड़े मामलों से निपटने के लिए एंटी-टेररिस्ट स्क्वाड का गठन किया है. पंचकूला और गुरुग्राम में ATS थाने बनाए जाएंगे.
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हरियाणा सरकार ने आतंकवाद से जुड़े मामलों को लेकर राज्य में आतंकवाद-रोधी दस्ता (एटीएस) का गठन किया है. एटीएस आतंकवाद से मुकाबला करने व आतंकवाद से संबंधित मामलों की जांच और निपटान के लिए काम करेगी. इस संबंध में हरियाणा के गृह विभाग ने अधिसूचना भी जारी की है.
अधिसूचना के अनुसार, हरियाणा पुलिस अधिनियम-2007 की धारा 17 की उपधारा (1) और (2) के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए राज्यपाल ने एटीएस के गठन को मंजूरी दी है. सरकार का कहना है कि इस विशेष इकाई का उद्देश्य आतंकवाद से लड़ने के लिए पुलिस सेवा की दक्षता को बढ़ाना और आतंकवाद से जुड़े मामलों का प्रभावी ढंग से निपटारा करना है.
आईजी रैंक का अधिकारी होगा ATS प्रमुख
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अधिसूचना के मुताबिक, एटीएस का प्रमुख पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) रैंक से नीचे का अधिकारी नहीं होगा. यह अधिकारी अपराध अन्वेषण विभाग (सीआईडी) के प्रमुख के माध्यम से पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को रिपोर्ट करेगा.
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पंचकूला और गुरुग्राम में बनेंगे दो ATS थाने
आतंकवाद-रोधी दस्ता (एटीएस) के लिए हरियाणा में दो अलग थाने बनेंगे, जो पंचकूला और गुरुग्राम में होंगे. पंचकूला एटीएस थाने के अंतर्गत पंचकूला, अंबाला, कुरुक्षेत्र, यमुनानगर, करनाल, पानीपत, कैथल, हिसार, हांसी, फतेहाबाद, जींद, सिरसा, रोहतक, भिवानी और चरखी दादरी जिले होंगे. वहीं, गुरुग्राम थाने के तहत एटीएस सोनीपत, झज्जर, गुरुग्राम, फरीदाबाद, पलवल, नूंह, रेवाड़ी और महेंद्रगढ़ जिलों में आतंकवाद संबंधी मामलों की जांच करेगा.
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मुख्यमंत्री सैनी के नेतृत्व में सुरक्षा पर बड़ा कदम
पिछले दिनों हरियाणा के डीजीपी अजय सिंघल ने ऐलान किया था कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा सरकार आतंकवादी गतिविधियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए एक समर्पित एंटी-टेररिस्ट स्क्वाड (एटीएस) बना रही है.
गृह मंत्रालय की गाइडलाइंस के तहत काम करेगा दस्ता
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डीजीपी ने बताया था कि अत्याधुनिक संसाधनों और विशेष रूप से प्रशिक्षित कर्मियों से लैस, यह एटीएस जल्द ही काम करना शुरू कर देगा. उन्होंने कहा कि इस यूनिट का नेतृत्व पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) करेंगे, जिनकी मदद के लिए दो से तीन पुलिस अधीक्षक (एसपी) होंगे जो प्रशासन, समन्वय और जांच कार्यों की देखरेख करेंगे. यह स्क्वाड गृह मंत्रालय की ओर से जारी दिशानिर्देशों के अनुसार काम करेगा.