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तीन से 77 और अब सत्ता की तैयारी... पश्चिम बंगाल के लिए अमित शाह ने बनाया तगड़ा प्लान, TMC की बढ़ी बेचैनी

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर बीजेपी ने पूरी ताकत झोंक दी है. केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने चुनाव अभियान की कमान संभालते हुए सत्ता परिवर्तन का संकल्प दोहराया है. पार्टी ने पूर्ण बहुमत का दावा किया है और शीर्ष नेताओं के दौरों के जरिए राज्य में धुआंधार प्रचार की तैयारी की जा रही है.

Amit Shah (File Photo)

पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी पारा लगातार चढ़ता जा रहा है. भारतीय जनता पार्टी ने इस बार चुनाव जीतने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है. पार्टी के चाणक्य और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने खुद चुनाव अभियान की कमान संभाल ली है. शाह के हालिया बंगाल दौरे ने यह साफ कर दिया है कि बीजेपी इस बार केवल चुनौती देने नहीं, बल्कि सत्ता परिवर्तन के संकल्प के साथ मैदान में उतरी है. 

पार्टी सूत्रों के अनुसार, बीजेपी रणनीतिक तरीके से अपने शीर्ष नेताओं को लगातार पश्चिम बंगाल भेज रही है. अमित शाह हाल ही में राज्य का दौरा कर चुके हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इसी महीने फिर बंगाल जाने वाले हैं. इसके अलावा पार्टी महासचिव बीएल संतोष का भी राज्य दौरा तय माना जा रहा है. बीजेपी नेतृत्व का मानना है कि शीर्ष स्तर की मौजूदगी से संगठन को मजबूती मिलेगी और कार्यकर्ताओं में जोश भरेगा.

गृहमंत्री शाह ने पूर्ण बहुमत का जताया भरोसा 

गृहमंत्री अमित शाह ने अपने दौरे के दौरान स्पष्ट कहा कि जिस पार्टी ने पिछले विधानसभा चुनाव में तीन सीटों से छलांग लगाकर 77 सीटें हासिल की थीं, वह अब पूर्ण बहुमत की तैयारी के साथ चुनाव मैदान में है. पार्टी नेताओं का कहना है कि शाह ने चुनाव अभियान की जो टोन तय की है, उसी के अनुसार आने वाले दिनों में राज्य भर में धुआंधार प्रचार किया जाएगा. हर वर्ग और हर क्षेत्र को साधने की रणनीति पर काम हो रहा है.

छवि सुधारने में जुटी TMC  

दूसरी ओर, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी अपने गढ़ में बीजेपी को रोकने के लिए पूरी ताकत लगा रही हैं. ममता की जुझारु छवि और महिलाओं के बीच उनकी मजबूत पकड़ अब भी तृणमूल कांग्रेस की बड़ी ताकत मानी जा रही है. हालांकि, 15 साल के शासन के बाद सत्ता विरोधी माहौल को लेकर पार्टी के भीतर भी चिंताएं देखी जा रही हैं. बीजेपी का मानना है कि लंबे शासन के कारण जनता के एक वर्ग में नाराजगी है, जिसे वह अपने पक्ष में भुनाना चाहती है.

BJP ने तय कर ली रणनीति 

बीजेपी के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि पार्टी इस बार बंगाल में जीत हासिल करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रही है. कई स्तरों पर रणनीतियां तैयार की गई हैं और अमित शाह जमीनी स्तर पर चल रहे अभियानों की व्यक्तिगत रूप से निगरानी कर रहे हैं. बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने पर खास ध्यान दिया जा रहा है, ताकि वोटरों तक सीधा संदेश पहुंचाया जा सके. वहीं, तृणमूल कांग्रेस भी पूरी तरह आत्मविश्वास में नजर आ रही है. पार्टी सांसद अभिषेक बनर्जी ने दावा किया है कि ममता बनर्जी के नेतृत्व में तृणमूल कांग्रेस इस बार पिछली बार से ज्यादा सीटें जीतेगी. उन्होंने कहा कि वर्ष 2021 में पार्टी ने 216 सीटें जीती थीं और इस बार कम से कम एक सीट अधिक हासिल की जाएगी. तृणमूल का मानना है कि उसकी कल्याणकारी योजनाएं और स्थानीय स्तर पर मजबूत संगठन उसे फिर बढ़त दिलाएंगे.

TMC करवाती है घुसपैठ: अमित शाह 

बीजेपी ने इस चुनाव में बांग्लादेशी घुसपैठ को बड़ा मुद्दा बनाने की रणनीति अपनाई है. केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने तृणमूल कांग्रेस सरकार पर आरोप लगाया है कि चुनावी लाभ के लिए घुसपैठ को बढ़ावा दिया गया, जिससे राज्य की जनसांख्यिकी बदल रही है. उन्होंने वादा किया है कि अगर बीजेपी सत्ता में आती है, तो एक मजबूत राष्ट्रीय सुरक्षा ग्रिड बनाकर घुसपैठ को पूरी तरह खत्म किया जाएगा. इसी बीच तृणमूल कांग्रेस के भीतर भी चुनौतियां बढ़ती दिख रही हैं. हुमायूं कबीर के नई पार्टी बनाने से तृणमूल को नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है. इसके अलावा कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हालिया मुलाकात ने भी सियासी गलियारों में चर्चाओं को तेज कर दिया है. इन घटनाओं से ममता बनर्जी पर राजनीतिक दबाव बढ़ता नजर आ रहा है.

बहरहाल, पश्चिम बंगाल का चुनाव अब सीधी राजनीतिक टक्कर की ओर बढ़ रहा है. एक तरफ बीजेपी बदलाव और मजबूत नेतृत्व का दावा कर रही है, तो दूसरी तरफ तृणमूल कांग्रेस अपने शासन और जनाधार पर भरोसा जता रही है. आने वाले महीनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि बंगाल की जनता किसे सत्ता की चाबी सौंपती है.

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