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हुमायूं कबीर ने ममता बनर्जी पर लगाया भ्रष्टाचार और मंदिर राजनीति का आरोप, 10 लाख लोगों की रैली का किया दावा

हुमायूं ने मुख्यमंत्री ममता पर 'मंदिर राजनीति' करने का आरोप लगाते हुए कहा कि वह सरकारी खजाने का इस्तेमाल कर वोट बैंक की राजनीति कर रही हैं.

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05 Jan 2026
( Updated: 05 Jan 2026
06:12 PM )
हुमायूं कबीर ने ममता बनर्जी पर लगाया भ्रष्टाचार और मंदिर राजनीति का आरोप, 10 लाख लोगों की रैली का किया दावा

जनता उन्नयन पार्टी (जेयूपी) के संस्थापक हुमायूं कबीर ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर प्रदेश में काम न करने का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल के लोग परेशान हैं. उनकी समस्या सुनने वाला कोई नहीं है.

हुमांयू कबीर का ममता बनर्जी पर फूटा गुस्सा

कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में युवाओं से 'वापस जाओ' के नारे सुनने पर जनता उन्नयन पार्टी (जेयूपी) के संस्थापक हुमायूं कबीर ने मीडिया से बात करते हुए कहा, "रैली भी होगी और बाबरी मस्जिद भी बनेगी. कोई जो भी कहे, मैं सबको जवाब नहीं दूंगा." उन्होंने जनवरी के अंत में इसी ग्राउंड में जनसभा कर 10 लाख लोगों की भीड़ जुटाने का भी दावा किया है.

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और टीएमसी के नेताओं पर निशाना साधते हुए हुमायूं कबीर ने कहा, "यह सरकार 2011 में सत्ता में आई. ममता बनर्जी ने 20 मई 2011 को शपथ ली थी. तब से लेकर आज तक इस सरकार ने निश्चित रूप से लोगों और जनता के फायदे के लिए कुछ काम नहीं किया. साथ ही, बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार भी हुआ है."

"ममता में प्रदेश की जनता परेशान हो रही है"

उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता परेशान हो रही है, लेकिन ममता बनर्जी इस पर ध्यान नहीं दे रही हैं. ममता बनर्जी ने अपने फायदे के लिए लोगों को जेल भेजा. ये अपने फायदे के लिए कुछ भी कर सकती हैं.

हुमायूं कबीर ने कहा, "वे सिर्फ मुसलमानों के लिए ही आवाज नहीं उठाएंगे, बल्कि बंगाल के 11.5 करोड़ लोगों तक जाएंगे." उन्होंने टीएमसी पर निशाना साधते हुए कहा कि इन्होंने भ्रष्टाचार किया है और यह बात सभी को बताई जानी चाहिए कि कहां और कब हुआ. इस बारे में जनता को सब पता है. जनता भी अब ममता सरकार से परेशान हो गई है.

हुमायूं ने ममता पर लगाया 'मंदिर राजनीति' करने का आरोप

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हुमायूं ने मुख्यमंत्री ममता पर 'मंदिर राजनीति' करने का आरोप लगाते हुए कहा कि वह सरकारी खजाने का इस्तेमाल कर वोट बैंक की राजनीति कर रही हैं. उन्होंने दुर्गा आंगन परियोजना के लिए आवंटित 262 करोड़ रुपए का जिक्र करते हुए कहा कि मंदिर बनने चाहिए, लेकिन सरकारी पैसे से नहीं. जिस दिन ममता राजनीति से संन्यास लेकर मंदिर जाने का फैसला करेंगी, उसी दिन वह भी अपना पार्टी पद छोड़ देंगे.

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