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जेन-जी विवाद से लेकर एसआईआर तक, भाजपा सांसद अग्निमित्रा पॉल ने वाड्रा और ममता पर साधा निशाना

आसनसोल से सांसद अग्निमित्रा पॉल ने आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा कि कांग्रेस जब झारखंड में जीतती है तो कोई दिक्कत नहीं, पंजाब में केजरीवाल जीतते हैं तो ईवीएम पर सवाल नहीं, तब चुनाव आयोग पर कोई सवाल नहीं, लेकिन जब भाजपा जीतती है तो उन्हें दिक्कत होने लगती है. उन्होंने ‘वोट अधिकार यात्रा’ निकाली, जिसका जवाब बिहार के लोगों ने चुनाव में दे दिया.

रॉबर्ट वाड्रा के जेन-जी वाले बयान पर विवाद खड़ा हो गया है. एनडीए की तरफ से तीखी प्रतिक्रियाएं आ रही हैं. अब आसनसोल से भाजपा सांसद अग्निमित्रा पॉल ने कहा कि रॉबर्ट वाड्रा की बात क्यों सुनें? क्या वे भरोसे लायक हैं? उनके ऊपर भ्रष्टाचार के आरोप हैं. वे तो चुनाव लड़ने के लिए टिकट मांग रहे थे, लेकिन कांग्रेस ने उन्हें टिकट भी नहीं दिया.

अग्निमित्रा पॉल ने रॉबर्ट वाड्रा के जेन-जी वाले बयान पर दिया करारा जवाब 

आसनसोल से सांसद अग्निमित्रा पॉल ने आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा कि कांग्रेस जब झारखंड में जीतती है तो कोई दिक्कत नहीं, पंजाब में केजरीवाल जीतते हैं तो ईवीएम पर सवाल नहीं, तब चुनाव आयोग पर कोई सवाल नहीं, लेकिन जब भाजपा जीतती है तो उन्हें दिक्कत होने लगती है. उन्होंने ‘वोट अधिकार यात्रा’ निकाली, जिसका जवाब बिहार के लोगों ने चुनाव में दे दिया. 

"राहुल गांधी का कोई अस्तित्व नहीं है"

अग्निमित्रा पॉल ने कहा कि राहुल गांधी का कोई अस्तित्व नहीं है. जितना सम्मान बचा है, अब उसके साथ ही उन्हें वीआरएस ले लेना चाहिए. जेन-जी को देश का सम्मान पता है, वे विकास और नौकरी के लिए आगे बढ़ते हैं. बिहार में एनडीए सरकार ने काम किया है, विकास हुआ है. लालू यादव का ‘अंधकार बिहार’, ‘क्रिमिनल्स का वासेपुर’, ‘किडनैपिंग वाला बिहार’ अब बदल चुका है. उन्होंने कहा कि एनडीए को इतनी सीटें मिली हैं कि बोलने के लिए कुछ बचा ही नहीं है, लेकिन वाड्रा इस तरह बयान देकर गांधी परिवार में जगह बनाना चाहते हैं. उनकी बात का कोई महत्व नहीं है.

एसआईआर (SIR) पर अग्निमित्रा ने ममता को घेरा 

वहीं, एसआईआर (SIR) पर अग्निमित्रा पॉल ने कहा कि 7 करोड़ 61 लाख फॉर्म बांटे गए हैं. ममता बनर्जी कह रही थीं कि बंगाल के लोगों को एसआईआर (SIR) नहीं चाहिए. उन्हें झटका मिला है. इतनी बड़ी संख्या में फॉर्म लेकर लोगों ने यह साबित कर दिया कि उन्हें एसआईआर (SIR) चाहिए. चुनाव आयोग के लोग भी यही देखने आए थे कि प्रक्रिया ठीक से हो रही है या नहीं. अगर कोई बीएलओ गड़बड़ी करेगा तो उसे जेल जाना पड़ेगा.

 

अग्निमित्रा पॉल ने ममता बनर्जी के रवैये पर सवाल उठाते हुए कहा कि वह चाहती हैं कि हमारे शिक्षक आपस में लड़ते रहें. वे सबको दबाकर रखना चाहती हैं, किसी को नौकरी नहीं देना चाहतीं, सबको कॉन्ट्रैक्ट पर रखना चाहती हैं. इसकी आड़ में वह सत्ता में बनी रहना चाहती हैं.

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