PM मोदी के आह्वान के बाद BJP का मास्टरप्लान... 1000 युवा नेताओं की खेप तैयार कर रही है भाजपा
बीजेपी 1000 उदीप्तमान कार्यकर्ताओं की बहाली कर देशभर से युवाओं को तीन साल तक प्रशिक्षण देगी. इसका मकसद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के तहत पार्टी की अगली पीढ़ी का नेतृत्व तैयार करना है.
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देश की राजनीति में भारतीय जनता पार्टी एक ऐसी पार्टी के रूप में जानी जाती है, जो हर चुनाव को भविष्य की तैयारी मानकर चलती है. एक चुनाव खत्म होते ही पार्टी अगले चुनाव की रणनीति में जुट जाती है. यही वजह है कि आज बीजेपी केंद्र के साथ-साथ देश के अधिकांश राज्यों में सत्ता संभाल रही है. संगठन की मजबूती को लेकर पार्टी लगातार नए प्रयोग करती रही है. अब इसी कड़ी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन को साकार करने के लिए बीजेपी 1000 ‘उदीप्तमान कार्यकर्ताओं’ की बहाली करने जा रही है.
दरअसल, यह योजना सिर्फ संगठन विस्तार तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे बीजेपी की अगली पीढ़ी का नेतृत्व तैयार करने की दिशा में एक बड़ा और दूरगामी कदम माना जा रहा है. इन उदीप्तमान कार्यकर्ताओं का चयन देश के अलग-अलग हिस्सों से किया जा रहा है. चयनित युवाओं की उम्र 25 से 40 साल के बीच होगी. खास बात यह है कि इन सभी को करीब 3 साल तक व्यवस्थित प्रशिक्षण और ग्रूमिंग दी जाएगी.
भविष्य के नेताओं को तैयार करेगी बीजेपी
बीजेपी का मानना है कि संगठन की असली ताकत उसका कैडर होता है. इसी सोच के तहत पार्टी देशभर से युवा और ऊर्जावान कार्यकर्ताओं को तलाश रही है. इन 1000 उदीप्तमान कार्यकर्ताओं को संगठन से जोड़कर उन्हें भविष्य के बड़े दायित्वों के लिए तैयार किया जाएगा. पार्टी के भीतर यह साफ संदेश है कि आने वाले समय में यही युवा नेता पार्टी की रीढ़ बनेंगे और नीति निर्धारण से लेकर जनसंपर्क तक अहम भूमिका निभाएंगे.
देशभर से चुने जाएंगे 1000 से अधिक युवा
उदीप्तमान कार्यकर्ता के रूप में देशभर से करीब 1000 से अधिक युवाओं को चिन्हित किया गया है. सभी कार्यकर्ता 25 से 40 वर्ष की आयु सीमा में होंगे. चयन के बाद इन कार्यकर्ताओं को तीन वर्षों तक अलग-अलग स्तर पर प्रशिक्षित किया जाएगा. प्रशिक्षण पूरा होने के बाद इन्हें पार्टी की मुख्यधारा में सक्रिय जिम्मेदारी दी जाएगी. इस पूरी प्रक्रिया के तहत करीब 200 उदीप्तमान कार्यकर्ताओं को बीजेपी के केंद्रीय और प्रदेश संगठनों में जगह मिलेगी. लगभग 300 कार्यकर्ताओं को विभिन्न उपक्रमों, आयोगों और समितियों में जिम्मेदारी सौंपी जाएगी. वहीं करीब 500 कार्यकर्ताओं को भविष्य के बड़े नेता के तौर पर विशेष रूप से ग्रूम किया जाएगा, ताकि वे आगे चलकर चुनावी और संगठनात्मक मोर्चे पर नेतृत्व कर सकें.
सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन का रखा गया ध्यान
उदीप्तमान कार्यकर्ताओं का चयन करते समय सामाजिक और क्षेत्रीय समीकरणों का विशेष ध्यान रखा गया है. इन युवाओं को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अनुषांगिक संगठनों, अन्य सामाजिक संगठनों, बीजेपी और संघ से जुड़े विभिन्न मंचों से सलाह लेकर चुना गया है. चयन प्रक्रिया में यह सुनिश्चित किया गया है कि हर वर्ग और हर क्षेत्र का प्रतिनिधित्व हो. इन कार्यकर्ताओं की पृष्ठभूमि भी विविध रखी गई है. इनमें इनोवेशन, स्किल डेवलपमेंट, सोशल वर्क, कम्युनिटी डेवलपमेंट, व्यवसायिक क्षेत्र और नेताओं के सहयोगी के रूप में काम करने वाले युवा शामिल हैं. इसका मकसद राजनीति में नई सोच और व्यावहारिक अनुभव को शामिल करना है.
राज्यों के हिसाब से तय हुआ कोटा
राज्यों के आकार और राजनीतिक महत्व को ध्यान में रखते हुए उदीप्तमान कार्यकर्ताओं की संख्या तय की गई है. उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य से करीब 110 उदीप्तमान कार्यकर्ता चुने जाएंगे. बिहार से लगभग 70 कार्यकर्ता शामिल होंगे. महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों से 60 और 50 के आसपास कार्यकर्ता लिए जा रहे हैं. वहीं छोटे राज्यों से 15 से 20 उदीप्तमान कार्यकर्ताओं को इस योजना में शामिल किया जाएगा.
मोदी के आह्वान का पहला चरण
यह योजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस आह्वान से जुड़ी है, जिसमें उन्होंने देश की राजनीति में 1 लाख युवाओं को लाने की बात कही थी. लाल किले की प्राचीर से दिए गए इस संदेश को जमीन पर उतारने की दिशा में यह पहला बड़ा कदम माना जा रहा है. बीजेपी के 1000 उदीप्तमान कार्यकर्ता उसी दीर्घकालिक सोच का हिस्सा हैं, जो आने वाले वर्षों में देश की सियासत को नई दिशा देने की तैयारी कर रही है.
बताते चलें कि बीजेपी की 1000 उदीप्तमान कार्यकर्ताओं की यह पहल संगठन को नई ऊर्जा देने के साथ-साथ देश की राजनीति में युवाओं की मजबूत भागीदारी सुनिश्चित करने की कोशिश है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन से जुड़ी यह योजना आने वाले समय में पार्टी के नेतृत्व ढांचे को नया आकार दे सकती है और भारतीय राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत का संकेत मानी जा रही है.
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