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दवाओं के गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए दिल्ली सरकार का बड़ा कदम, मेडिकल स्टोर्स पर सीसीटीवी कैमरे अनिवार्य
दिल्ली सरकार का यह कदम नशे की बढ़ती समस्या और दवाओं के दुरुपयोग को रोकने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है. सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस नियम का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी, जिसमें लाइसेंस रद्द करना या जुर्माना शामिल हो सकता है.
दिल्ली में नशे की रोकथाम और दवाओं के गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए दिल्ली सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. अब दोहरे उपयोग वाली दवाएं, जैसे नशे में इस्तेमाल होने वाली या अन्य अनुचित कार्यों में प्रयोग होने वाली दवाएं, बिना डॉक्टर के पर्चे के नहीं बेची जा सकेंगी. इसके साथ ही सभी मेडिकल स्टोर्स पर सीसीटीवी लगाना अनिवार्य होगा.
सभी मेडिकल स्टोर्स पर लगेंगे सीसीटीवी कैमरे
दिल्ली के सभी मेडिकल स्टोर्स पर सीसीटीवी कैमरे लगाना अनिवार्य कर दिया गया है. दिल्ली सरकार ने इस नियम को सख्ती से लागू करने का फैसला किया है और जुलाई के अंत तक सभी मेडिकल स्टोर्स पर सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश दिए हैं.
जिन मेडिकल स्टोर्स पर नहीं होंगे सीसीटीवी कैमरे उनपर होगी कार्रवाई
दिल्ली सरकार को शिकायतें मिली थीं कि कुछ दवाओं का इस्तेमाल नशे के लिए और रसायन और खाद्य पदार्थों में किया जा रहा है. नेशनल नारकोटिक्स कॉर्डिनेशन पोर्टल की बैठक के बाद सरकार ने यह कदम उठाया. जुलाई के बाद जिन मेडिकल स्टोर्स पर सीसीटीवी कैमरे नहीं होंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
मेडिकल स्टोर्स को दवाइयों की बिक्री का रजिस्टर रखना होगा
दवाओं को तीन श्रेणियों में बांटा गया है, जिनमें शेड्यूल एच, शेड्यूल एच1 और शेड्यूल एक्स शामिल हैं. शेड्यूल एच, भारत में प्रिस्क्रिप्शन दवाओं का एक वर्ग है, जिसमें दर्द निवारक (पेनकिलर) और मौसमी फ्लू जैसी दवाएं आती हैं. ये मेडिकल स्टोर्स पर सबसे ज्यादा बिकने वाली दवाएं हैं. वहीं, शेड्यूल एच1 दवाओं के लिए नियम कुछ सख्त हैं. मेडिकल स्टोर्स को इनकी बिक्री का रजिस्टर रखना होता है. शेड्यूल एक्स सबसे सख्त नियम वाली दवाएं हैं, जैसे साइकोटिक ड्रग्स. इन्हें बिना डॉक्टर के प्रिस्क्रिप्शन के बेचना पूरी तरह प्रतिबंधित है.
नशे की बढ़ती समस्या को लेकर उठाया ये कदम
दिल्ली सरकार का यह कदम नशे की बढ़ती समस्या और दवाओं के दुरुपयोग को रोकने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है. सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस नियम का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी, जिसमें लाइसेंस रद्द करना या जुर्माना शामिल हो सकता है.
बता दें कि शुक्रवार को दिल्ली सचिवालय में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में दिल्ली में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति और अस्पतालों के अपग्रेडेशन की प्रगति को लेकर समीक्षा बैठक की गई. बैठक में दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे.
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