CM धामी ने पूरा किया वादा, उत्तराखंड बना UCCलागू करने वाला देश का पहला राज्य
उत्तराखंड के पुष्कर सिंह धामी की सरकार ने जो वादा किया उसे पूरा करके दिखा दिया है। 'समान नगारिक संहिता' (UCC) लागू करने करने वाला देश का पहला राज्य उत्तराखंड बन गया है। सीएम आवास के मुख्य सेवक सदन में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
उत्तराखंड के पुष्कर सिंह धामी की सरकार ने जो वादा किया उसे पूरा करके दिखा दिया है। 'समान नगारिक संहिता' (UCC) लागू करने करने वाला देश का पहला राज्य उत्तराखंड बन गया है। सीएम आवास के मुख्य सेवक सदन में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। उन्होंने 'समान नागरिक संहिता उत्तराखंड- 2024' को लागू किए जाने पर नियमावली और पोर्टल का लोकार्पण किया। इसके बाद सीएम धामी ने कहा कि यह ऐतिहासिक कदम है। इस कानून के लिए राज्य सरकार के अधिकारियों ने दिन रात मेहनत की है, यूसीसी किसी धर्म के खिलाफ नहीं बल्कि सबके लिए है।
राज्य के अधिकारियों ने की कड़ी मेहनत
यूसीसी की नियमवली और पोर्टल का लोकार्पण करने के बाद सीएम धामी ने पत्रकारों से बात की। इस दौरान उन्होंने कहा कि आज का दिन न केवल हमारे उत्तराखंड, बल्कि पूरे भारत के लिए ऐतिहासिक है, क्योंकि आज हम समानता स्थापित करने के मकसद से बनाई 'समान नागरिक संहिता' को देवभूमि उत्तराखंड में लागू करने जा रहे हैं। मैं उन सभी का धन्यवाद करता हूं, जिन्होंने 'समान नागरिक संहिता' को बनाने की दिशा में अपना अहम योगदान दिया। उन्होंने कहा, "यूसीसी बनाने वाली हमारी टीम ने 2 लाख 35 हजार लोगों को इससे जोड़ने का प्रयास किया। इस संबंध में सभी राजनीतिक दलों से सुझाव भी लिए गए। लेकिन, सही मायने में अगर इस गंगा को निकालने का श्रेय किसी को जाता है, तो वह देवभूमि उत्तराखंड है।"
हमने वादा पूरा किया
मुख्यमंत्री ने आगे कहा, " उत्तराखंड की जनता ने हमें इसके लिए अपना आशीर्वाद दिया। आज यूसीसी लागू करके हम लोग संविधान निर्माता बाबा भीमराव अंबेडकर को श्रद्धासुमन अर्पित करते हैं। हमने जनता से किया हुआ अपना वादा पूरा किया है।"सीएम धामी के मुताबिक यूसीसी महिलाओं को सशक्त बनाने में यह अहम भूमिका निभाएगा। बोले, "यूसीसी से महिलाएं सशक्त होंगी और हलाला, बहुविवाह जैसी कुप्रथा पर रोक लगेगी। यूसीसी से समाज में एकरूपता आएगी। इससे सभी नागरिकों के अधिकार और दायित्व एक समान होंगे।"
बता दें कि 2022 के चुनाव से एक दिन पहले धामी ने यूसीसी की घोषणा की थी। सरकार बनाने के बाद मार्च 2022 की पहली कैबिनेट में समिति गठन को मंजूरी दी गई। इसे लेकर समिति ने ढाई लाख लोगों से 20 लाख सुझाव ऑफलाइन और ऑनलाइन प्राप्त किए थे।
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