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त्रिपुरा में BSF का 'ऑपरेशन ऑल-आउट'! जवानों पर हमला के मामले 21 गिरफ्तार, घुसपैठियों-तस्करों की चप्पा-चप्पा तलाशी

त्रिपुरा में BSF जवानों पर हमले के मामले में बड़ा एक्शन हुआ. सुरक्षाबलों ने तीन और लोगों को दबोचा है. अब तक 21 लोगों की गिरफ्तारी हुई है. वहीं तस्करों और बांग्लादेशी घुसपैठियों की धरपकड़ के लिए चप्पा-चप्पा तलाशी और रेड की जा रही है.

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08 Nov 2026
( Updated: 08 Nov 2026
09:14 AM )
त्रिपुरा में BSF का 'ऑपरेशन ऑल-आउट'! जवानों पर हमला के मामले 21 गिरफ्तार, घुसपैठियों-तस्करों की चप्पा-चप्पा तलाशी
Image Source: IANS
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त्रिपुरा में BSF जवानों पर हमले का 'खौफनाक' अंजाम हुआ है. भारत-बांग्लादेश सीमा पर बीते दिनों हुए घटनाक्रम के मामले में अब तक 21 लोगों की गिरफ्तारी हुई है. चप्पे-चप्पे पर भयंकर रेड की जा रही है. घुसपैठियों, तस्करों की धरपकड़ के लिए तलाशी ली जा रही है. कई जगहों पर अपुष्ट ख़बरों के मुताबिक बुलडोजर एक्शन भी हुआ है.

त्रिपुरा में BSF जवानों पर हमला मामले में भयंकर एक्शन!

त्रिपुरा के सिपाहीजाला जिले में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के जवानों पर हुए बर्बर हमले के मामले में एक महिला समेत तीन और आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद अब तक गिरफ्तार किए गए लोगों की कुल संख्या 21 हो गई है, जिनमें चार महिलाएं भी शामिल हैं. 

पुलिस अधिकारी ने बताया कि भारत-बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास, कलमचौरा थाना क्षेत्र के अशाबारी गांव में 2 नवंबर को हुई एक घटना के सिलसिले में, शनिवार को सिपाहीजाला जिले के कालापानिया से हसीना खातून नाम की एक अधेड़ उम्र की महिला को गिरफ्तार किया गया.

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सुरक्षाबलों ने अब तक 21 लोगों को गिरफ्तार किया

एक अन्य घटना में बीएसएफ ने शनिवार को रबीउल हुसैन और महाबुल हुसैन नाम के दो मुख्य आरोपियों को हिरासत में लिया और बाद में रात के समय उन्हें कलमचौरा पुलिस स्टेशन को सौंप दिया.

जांचकर्ताओं के अनुसार, वीडियो फुटेज में कथित तौर पर दिख रहा है कि हमले के दौरान रबीउल ने एक बीएसएफ जवान की सर्विस राइफल छीन ली, जबकि महाबुल डंडे से बीएसएफ जवानों पर हमला करता हुआ दिखाई दे रहा है.

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अधिकारी ने बताया कि 2 नवंबर को बीएसएफ जवानों पर हुए हमले के तुरंत बाद एक सघन तलाशी अभियान शुरू किया गया था, जो बाकी आरोपियों को पकड़ने के लिए अभी भी जारी है.

घुसपैठियों और तस्करों की तलाश के लिए धरपकड़ जारी

चार महिलाओं सहित सभी 21 आरोपियों के खिलाफ नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) एक्ट, 1985, भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 और प्रिवेंशन ऑफ डैमेज टू पब्लिक प्रॉपर्टी एक्ट, 1984 की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है.

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अधिकारी ने बताया कि पुलिस इलेक्ट्रॉनिक सबूतों, सीसीटीवी फुटेज और खुफिया जानकारी के आधार पर हमले में शामिल लोगों की पहचान कर रही है और उन्हें गिरफ्तार कर रही है. उन्होंने कहा कि किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा.

उन्होंने बताया, "पुलिस और बीएसएफ मिलकर संदिग्ध ठिकानों, जिनमें घर और दुकानें शामिल हैं, पर तलाशी अभियान चला रहे हैं, ताकि आरोपियों को पकड़ा जा सके और नशीले पदार्थों व अवैध रूप से रखे गए सामान को जब्त किया जा सके."

कई इलाकों में बुलडोजर एक्शन भी!

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इस बीच, मुख्यमंत्री माणिक साहा ने वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारियों के साथ कई बैठकें कीं. इन बैठकों में उन्होंने घटना की समीक्षा की और राज्य में कानून-व्यवस्था की समग्र स्थिति का जायजा लिया.

कब की है घटना?

पुलिस के अनुसार, यह घटना 2 नवंबर को हुई, जब बीएसएफ के जवानों ने कथित तस्करों के एक समूह को रोका. ये लोग भारत-बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय सीमा के पार गांजा तस्करी करने की कोशिश कर रहे थे.

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इसके बाद, लगभग 50 पुरुषों और महिलाओं की एक भीड़ ने बीएसएफ जवानों को घेर लिया और उन पर हमला कर दिया. इस हमले में एक कंपनी कमांडर सहित तीन जवान गंभीर रूप से घायल हो गए. आरोप है कि हमलावरों ने बीएसएफ के एक जवान से पंप-एक्शन गन (पीएजी) भी छीन ली और हमले के दौरान बीएसएफ के एक वाहन को भी नुकसान पहुंचाया.

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