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'हिंदू पैदा हुआ, हिंदू ही मरूंगा...', कर्नाटक CM DK शिवकुमार ने दिया विरोधियों को जवाब, कहा- धर्म नहीं छोड़ सकते

कर्नाटक के सीएम डीके शिवकुमार ने शपथ ग्रहण समारोह में 'ओम नमः शिवाय' विवाद पर चुप्पी तोड़ते हुए विरोधियों को तगड़ा जवाब दिया है. उन्होंने कहा कि वो हिंदू पैदा हुए थे और हिंदू ही मरेंगे. इतना ही नहीं, उन्होंने यह भी कहा कि वो अपना धर्म नहीं छोड़ सकते.

Image Source: @ians_india
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कर्नाटक के नवनियुक्त मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने अपने धर्म, विश्वास और संस्कृति को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि कोई भी अपना धर्म यूं ही नहीं छोड़ सकता. शिवकुमार ने अपने शपथ ग्रहण समारोह में हिंदू रीति-रिवाजों के पालन और उसको लेकर हो रही राजनीति पर दो टूक कहा कि वह हिंदू हैं और अपना हिंदुत्व नहीं छोड़ सकते. इतना ही नहीं, उन्होंने आगे यह भी कहा कि वो हिंदू पैदा हुए थे और हिंदू ही मरेंगे.

"बिना धर्म के नहीं रह सके, हिंदू पैदा हुए थे, हिंदू ही मरेंगे"

हालांकि, उन्होंने इस दौरान कहा कि वो हर धर्म का बराबर सम्मान करते हैं. उन्होंने इसी कारण हर धर्म या सभी धार्मिक मठों के प्रमुखों और प्रतिनिधियों को कार्यक्रम में आमंत्रित किया था. उन्होंने आगे कहा कि क्या अपना नाम बदला जा सकता है? क्या बिना धर्म के रह सकते हैं? नहीं रह सकते हैं. इतना ही नहीं, शिवकुमार ने यह भी कहा कि हर घर अपनी आस्था के अनुसार नामकरण, कान छिदवाने और उपनयन जैसे संस्कार करता है.

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इस दौरान शिवकुमार ने कहा, "राज्य के हितों की रक्षा मेरी जिम्मेदारी है, इसलिए मैंने सबका आशीर्वाद लेकर राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में काम करना शुरू किया है."

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आपको बता दें कि राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने और कार्यभार संभालने के बाद डीके शिवकुमार नोनाविनाकेरे स्थित श्री काडू सिद्धेश्वर मठ पहुंचे थे. यहां मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि इस मठ के साथ उनका पुराना जुड़ाव रहा है, वे यहां के लिए नए नहीं हैं. उन्हें भी नहीं पता कि वे कितनी बार यहां आए हैं, उनके पास इसका कोई रिकॉर्ड नहीं है. उन्होंने आगे कहा, "चुनाव से पहले, चुनाव के बाद और पद संभालने के बाद, मैं हर बार करीब 25 सालों से यहां आ रहा हूं... इस बार भी मैं यहां प्रार्थना करने और मार्गदर्शन लेने आया हूं. मैं यहां मुख्यमंत्री के तौर पर नहीं, बल्कि एक भक्त के तौर पर आया हूं. यह भक्ति और ईश्वरीय जुड़ाव का स्थान है."

'बुरुदेघट्टा-मल्लाघट्टा झील आने से मिलती है खुशी'

मालूम हो कि तुमकुरु के नोनाविनाकेरे में बुरुदेघट्टा-मल्लाघट्टा झील पर विकास कार्यों का निरीक्षण करने के बाद, मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कहा कि वह पहले भी कई बार ऐतिहासिक गंगाधारेश्वर मंदिर आ चुके हैं. उन्होंने आगे कहा कि उनके गृह-प्रवेश समारोह के लिए पांच जगहों से पानी लाया गया था, जिसमें यह झील भी शामिल थी. उन्होंने कहा कि यह झील हमेशा पानी से भरी रहती है. शिवकुमार ने कहा कि वह पिछले 25 सालों से इस इलाके को देख रहे हैं और यहां आने पर उन्हें हमेशा शांति और खुशी मिलती है.

'हिंदू पैदा हुआ था, हिंदू ही मरूंगा'

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इस दौरान शिवकुमार ने कहा, "राजनीति मेरे लिए महत्वपूर्ण नहीं है. मेरे लिए महत्वपूर्ण है व्यक्ति और ईश्वर के बीच का संबंध. मंदिर और आस्था इसी संबंध से जुड़े हैं. मैं सभी धर्मों की संस्थाओं का आदर करता हूं, चाहे वे ईसाई हों, सिख हों, बौद्ध हों या हिंदू." उन्होंने कहा, "मैं हिंदू पैदा हुआ हूं और हिंदू ही मरूंगा."

वंदे मातरम् के गायन के बीच शिवकुमार ने ली CM पद की शपथ

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आपको बता दें कि डीके शिवकुमार ने बुधवार को राज्य के 25वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी. इस दौरान डीके शिवकुमार मंच पर पहुंचे और सबसे पहले अपने आध्यात्मिक गुरु माने जाने वाले श्री वीर गंगाधर स्वामीजी (अज्जैया) के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की. इसके बाद, उन्होंने संविधान की प्रति हाथ में लेकर पद और गोपनीयता की शपथ ली तथा वीर गंगाधर अज्जा का स्मरण किया. शपथ ग्रहण समारोह की शुरुआत ‘वंदे मातरम्’ के साथ हुई. इसके बाद कर्नाटक राज्य पुलिस बैंड द्वारा राष्ट्रगान प्रस्तुत किया गया और राज्य गीत भी बजाया गया.

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