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बांग्लादेश में हिंदू फिर निशाना… इस्लामिक कट्टरपंथियों की हैवानियत, शिक्षक के घर को किया आग के हवाले

इस घटना के बाद अल्पसंख्यकों में डर का माहौल है. बांग्लादेश में इस्लामिक कट्टरपंथियों की इस करतूत का वीडियो भी सामने आया है.

Bangladeh Hindu Under Attack: बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हमले थमनें का नाम नहीं ले रहे हैं. अब यहां हिंदू शिक्षक को निशाना बनाया गया है. मामला सिलहट के गोवैनघाट का है. जहां शिक्षक बीरेंद्र कुमार डे के घर को आग के हवाले कर दिया गया है. 

इस घटना के बाद अल्पसंख्यकों में डर का माहौल है. बांग्लादेश में इस्लामिक कट्टरपंथियों की इस करतूत का वीडियो भी सामने आया है. वीडियो में देखा गया कि बीरेंद्र कुमार डे का पूरा घर आग से घिरा हुआ है. आग की ऊंची लपटों के बीच परिवार के लोग अपनी जान बचाकर भाग रहे हैं. पूरा सामान आग की चपेट में हैं.

आग के बीच एक महिला और पुरुष बुजुर्ग को सुरक्षित वहां से निकालने की कोशिश कर रहे हैं. आग लगने से पूरा घर खाक हो गया है. इस भयावह मंजर को देख कर अंदाजा लगाया जा सकता है कि हिंदुओं को किस कदर खौफजदा किया जा रहा है. 

नहीं थम रही बर्बरता

बांग्लादेश में हिंदुओं पर बर्बरता और हत्या के मामले थम नहीं रहे. कट्टरपंथती हमलावर निर्दोष हिंदुओं को निशाना बना रहे हैं. कहीं झूठे ईशनिंदा के आरोप में तो कहीं चोरी के शक में जान ली जा रही है. यहां तक कि सोशल मीडिया पर पोस्ट करने पर भी हत्या का मामला सामने आया था. रिपोर्ट के मुताबिक 23 दिनों में 7 हिंदू लोगों की हत्या कर दी गई. 

समीर कुमार दास की पीट-पीटकर हत्या 

इससे पहले बांग्लादेश के फेनी जिले के दागनभुइयां से आया है. जहां अज्ञात बदमाशों ने 28 साल के हिंदू युवक समीर कुमार दास की हत्या कर दी. बदमाशों ने समीर को पहले बूरी तरह पीटा और फिर चाकू मारकर हत्या कर दी. समीर ऑटो रिक्शा चलाता था. हत्या के बाद बदमाश रिक्शा लेकर फरार हो गए. बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा खतरे में है लेकिन मौजूदा कार्यवाहक मोहम्मद यूनुस सरकार इस पर चुप है. 

HRCBM ने जताई चिंता 

अल्पसंख्यकों पर होते लगातार हमलों को लेकर ह्यूमन राइट्स कांग्रेस फॉर बांग्लादेश माइनॉरिटीज (HRCBM) चिंता जताई है. HRCBM के मुताबिक, पिछले 7 महीनों में 100 से ज्यादा अल्पसंख्यकों की हत्या की गई है. जिसमें अल्पसंख्यकों पर टारगेट हमला किया गया है. इनमें लिंचिंग, हत्या और संदिग्ध परिस्थितियों में मौतों का मामला शामिल है. इन मामलों में अल्पसंख्यकों को सुनियोजित प्लानिंग के तहत निशाना बनाया गया. 

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