Advertisement

Loading Ad...
Loading Ad...

पाकिस्तानी ‘हसीना’ के हनीट्रैप में फंसा एयरफोर्स का अफसर, ISI को भेज दी खुफिया जानकारी! IAF ने पहुंचाया जेल

दिल्ली पुलिस के मुताबिक, जिस महिला से वायुसेना के अधिकारी ने बातचीत की थी. वह पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI से जुड़ी थी. उसने सोशल मीडिया के जरिए अफसर से संपर्क साधा.

Image Source- Representative Image/Canva
Loading Ad...

भारतीय वायुसेना के एक अधिकारी को हनीट्रैप के संगीन मामले में अरेस्ट किया गया है. आरोप है कि एयरफोर्स के अफसर ने हनीट्रैप में फंसकर पाकिस्तान को भारत और भारतीय सेना की खुफिया जानकारी साझा की थी. ऑफिसर पर ये कार्रवाई एयरफोर्स की शिकायत के बाद ही की गई है. 

जानकारी के मुताबिक, आरोपी एयरफोर्स का विंग कमांडर है. इससे अंदाजा लगाया जा सकता है वायुसेना में उनकी क्या भूमिका होगी, लेकिन उस वक्त हड़कंप मच गया जब ये जिम्मेदार अफसर दुश्मन देश की हसीना के चक्कर में फंस गया. आरोप है कि महिला की बातों में आकर अफसर ने मिलिट्री इंटेलिजेंस से जुड़ी अहम जानकारियां पाकिस्तान भेजी हैं. 

पाकिस्तानी ‘हसीना’ के झांसे में कैसे आया अफसर?

Loading Ad...

दिल्ली पुलिस की जांच में सामने आया है कि सोशल मीडिया के जरिए विंग कमांडर की महिला से बात शुरू हुई थी. महिला ने कथित तौर पर अफसर का भरोसा जीता. धीरे-धीरे विंग कमांडर ने भी उसे सैन्य गतिविधियों, सैनिकों की तैनाती और सेना से जुड़े अन्य ऑपरेशन के बारे में बताना शुरू कर दिया. 

Loading Ad...

अधिकारी के बारे में एयरफोर्स की खुफिया शाखा से दिल्ली पुलिस को इनपुट मिले. इसके बाद पुलिस ने विंग कमांडर को 30 मई की रात गिरफ्तार किया था. पुलिस ने अफसर के खिलाफ गोपनीयता अधिनियम (Official Secrets Act) के तहत केस दर्ज किया है. आरोपी विंग कमांडर न्यायिक हिरासत में है. 

दिल्ली पुलिस के मुताबिक, जिस महिला से वायुसेना के अधिकारी ने बातचीत की थी. वह पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI से जुड़ी थी. उसने सोशल मीडिया के जरिए अफसर से संपर्क साधा. महिला ने बेहद शातिराना अंदाज में अधिकारी का मन टटोला, उसे समझा, अपने प्यार का लालच दिया और एक दिन उसके दिल को पूरी तरह जीत लिया. इसके बाद अधिकारी ने उसे खुफिया जानकारी के साथ गोपनीय दस्तावेज और फोटोज भी भेजी. 

Loading Ad...

सीनियर अधिकारी के फोन में डेटा चोरी ऐप डाउनलोड करवाया!

ये मामला उस समय और भी गंभीर मोड़ पर पहुंच गया, जब महिला के कहने पर आरोपी अधिकारी ने अपने सीनियर ऑफिसर के मोबाइल में डेटा चोरी से जुड़ा ऐप डाउनलोड करवाया. यह एक खास तरह का डेटा स्टीलिंग ऐप था, ताकि मोबाइल के जरिए सेना से जुड़ी क्या गतिविधि हो रही है इसका पता लगाया जा सके. विंग कमांडर प्यार और महिला की मीठी-मीठी बातों में फंसा था, ऐसे में उसे इस बात का भी अंदाजा न लग सका कि वह अपने ही देश, अपनी ही सेना और काम के साथ कितनी बड़ी गद्दारी कर रहा है. 

हालांकि एयरफोर्स की खुफिया इटेंलिजेंस इनपुट टीम बेहद सतर्क थी, अधिकारी की डिजिटल गतिविधियों और फोन के सिग्नल संदिग्ध मिले. इसके बाद विंग कमांडर की हर एक्टिविटी पर पैनी नजर रखी गई. जिसके बारे में आरोपी विंग कमांडर को भनक भी नहीं लगी. 

Loading Ad...

वायुसेना के आधिकारिक बयान के मुताबिक, विंग कमांडर को सक्रिय निगरानी में रखा गया था. सही समय पर सख्त कार्रवाई करते हुए दिल्ली पुलिस को सौंप दिया गया. इसी के साथ एयरफोर्स ने यह भी क्लियर कर दिया कि सेना में ऐसी गतिविधियों के लिए कोई जगह नहीं है, इस तरह के मामलों पर नो टॉलरेंस की नीति है. 

यह भी पढ़ें- एअर इंडिया की जिस फ्लाइट में हुआ था टर्बुलेंस, नशे में था उसका पायलट! डोप टेस्ट की रिपोर्ट में क्या आया

यह भी पढ़ें

इसके बाद दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने भी सख्त रुख अपनाते हुए आगे की कार्रवाई शुरू कर दी. ये मामला बताता है कि दुश्मन देश जब सीमा में सीधी घुसपैठ करने में नाकाम रहा तो हैनीट्रैप का सहारा लेने लगा. पाकिस्तान के बिछाए गए हनीट्रैप के इस जाल का तो पर्दाफाश हो गया, लेकिन न जाने कितने और लोग इस बड़े साइबर रैकेट में फंसे हैं. ये देश की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन सकता है. फिलहाल ये मामला अदालत में विचाराधीन है. 

LIVE
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...
Loading Ad...
Loading Ad...
Loading Ad...
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...
Loading Ad...