Advertisement
अभिजीत दिपके के लिए पाकिस्तान से आया खत, CJI सूर्यकांत को लेकर क्या बोला पाकिस्तानी युवा?
Abhijit Dipke: अभिजीत के नाम पाकिस्तान के लाहौर से एक खत आया है. यह खत पाकिस्तान के युवा एक्टिविस्ट एहतेशाम हसन ने लिखा है. खत में भारत के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत का भी जिक्र किया गया है.
Advertisement
CJP: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के फाउंडर अभिजीत दिपके इन दिनों अपने आंदोलन और ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान को लेकर चर्चा में हैं. जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के बाद अभिजीत का नाम काफी सुर्खियों में आया. अब उनके नाम पाकिस्तान के लाहौर से एक खत आया है. यह खत पाकिस्तान के युवा एक्टिविस्ट एहतेशाम हसन ने लिखा है. खत में उन्होंने भारत और पाकिस्तान के युवाओ की परेशानियों, बेरोजगारी, शिक्षा व्यवस्था और बेहतर भविष्य की चिंता को लेकर अपनी बात रखी है.
लाहौर से क्यों लिखा खत?
एहतेशाम ने खत की शुरुआत अभिजीत को संबोधित करते हुए की. उन्होंने बताया कि वह लाहौर में रहने वाले एक युवा एक्टिविस्ट है. जब उन्होंने भारत में अभिजीत के आंदोलन के बारे में पढ़ा तो उन्हें लगा कि यह कहानी सिर्फ भारत के युवाओं की नहीं है. पाकिस्तान में रहने वाले युवा भी बेरोजगारी, शिक्षा और भविष्य को लेकर ऐसी ही परेशानियों से गुजर रहे हैं.
उन्होंने लिखा कि सीम के दोनो तरफ रहने वाले युवाओं की जिंदगी और हालात अलग जरूर हैं, लेकिन उनकी कई चिंताए एक जेसी है. इसी वजह से अभिजीत दिपकेका आंदोलन उन्हें अपने संघर्ष से जुड़ा हुआ लगा.
Advertisement
CJI सूर्यकांत का भी जिक्र
Advertisement
खत में भारत के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत का भी जिक्र किया गया है. एहतेशाम ने बेरोजगार युवाओं के लिए कथित तौर पर इस्तेमाल किए गए ‘कॉकरोच’ शब्द पर अपनी प्रतिक्रिया दी. उनका कहना है कि पाकिस्तान के युवाओं ने इस शब्द को तुरंत पहचान लिया, क्योंकि उन्हें भी कई बार ऐसा महसूस होता है कि व्यवस्था की नजर में बेरोजगार युवा सिर्फ एक बेकार भीड़ हैं. उन्होंने अभिजीत के ‘कॉकरोच जनता पार्टी नाम का जिक्र किया..उनके मुताबिक, जिस शब्द को अपमान के तौर पर इस्तेमाल किया गया, उसी को आंदोलन की पहचान बना देना अपने आप में विरोध का एक अलग तरीका है.
Advertisement
'पाकिस्तान में ऐसी आजादी नहीं'
एहतेशाम ने अपने खत में भारत और पाकिस्तान की स्थिति की तुलना भी की. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के लोगों के पास वह आजादी नहीं है, जो भारत में मौजूद है. उनके मुताबिक, भारत में युवा अपनी बात ज्यादा खुलकर रख सकते हैं और अपनी नाराजगी को सार्वजनिक रूप से सामने ला सकते हैं.
उन्होंने अभिजीत के आंदोलन को पाकिस्तान के युवाओं के लिए प्रेरणा बताया. साथ ही कहा कि अभिजीत की डिजिटल पहुंच देखकर उन्हें लगता है कि अगर पाकिस्तान के युवाओं के पास भी ऐसा मंच होता, तो वे अपनी आवाज को ज्यादा दूर तक पहुंचा सकते थे.
'हमें थोड़ी ईर्ष्या भी है'
Advertisement
एहतेशाम ने बड़ी ईमानदारी से लिखा कि उन्हें अभिजीत से थोड़ी ईर्ष्या भी होती है. हालांकि यह कड़वाहट वाली ईर्ष्या नहीं है, बल्कि एक ऐसी चाहत है कि काश पाकिस्तान के युवाओं के पास भी अपनी बात कहने का ऐसा मंच होता. उन्होंने अभिजीत की लड़ाई को पाकिस्तान के युवाओं के लिए एक चेतावनी और उम्मीद दोनों बताया. शिक्षा और रोजगार जैसे मुद्दे दोनों देशों के युवाओं के लिए बड़ी चिंता हैं. ऐसे में CJP का ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान भी इसी व्यापक समस्या से जुड़ता दिखाई देता है.
यह भी पढ़ें