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'महाराष्ट्र का बौद्ध, हमारा अपना ही लड़का…', अभिजीत दिपके की तारीफ कर रिजिजू ने दागे तीखे सवाल, किससे जोड़ा कनेक्शन?
Kiren Rijiju: अभिजीत दिपके का नाम लेते हुए किरेन रिजिजू ने कहा कि वह महाराष्ट्र से हैं और बौद्ध समुदाय से आते हैं. उन्होंने अभिजीत को अपना ही लड़का बताते हुए उनके राजनीतिक जुड़ाव पर सवाल खड़े किए.
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Kiren Rijiju: संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कॉकरोच जनता पार्टी यानी CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके को लेकर बड़ा बयान दिया है. ANI को दिए एक इंटरव्यू में रिजिजू ने अभिजीत दीपके और उनके नेतृत्व में हुए छात्र आंदोलन पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि छात्रों की शिक्षा और उनके भविष्य से जुड़ी चिंताएं बिल्कुल जायज हैं, लेकिन उनके मुतबिक इस पूरे आंदोलन में राजनीतिक दलों की भी भूमिका बढ़ गई है. रिजिजू ने खास तौर पर आम आदमी पार्टी (AAP) का नाम लेते हुए आरोप लगाया कि राजनीतिक दल छात्रों के मुद्दों को अपने राजनीतिक फायदे के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं.
रिजिजू बोले- अभिजीत दीपके तो हमारे ही लड़के हैं
अभिजीत दिपके का नाम लेते हुए किरेन रिजिजू ने कहा कि वह महाराष्ट्र से हैं और बौद्ध समुदाय से आते हैं. उन्होंने अभिजीत को अपना ही लड़का बताते हुए उनके राजनीतिक जुड़ाव पर सवाल खड़े किए. रिजिजू के मुताबिक अभिजीत आम आदमी पार्टी से जुड़े हुए हैं और अगर वह किसी राजनीतिक दल के कार्यकर्ता हैं, तो उन्हें केवल एक स्वतंत्र छात्र आंदोलन के चेहरे के तौर पर देखना सही नहीं होगा. रिजिजू ने इसी बात को लेकर अभिजीत की छात्र पहचान पर भी सवाल उठाया. उन्होंने कहा कि जब कोई व्यक्ति किसी राजनीतिक संगठन से जुड़ा हुआ हो, तो उसके नेतृत्व में होने वाले आंदोलन को पूरी तरह गैर-राजनीतिक छात्र आंदोलन कहना मुश्किल है. हालांकि, रिजिजू का अंदाज पूरी तरह टकराव वाला नहीं था. उन्होंने अभिजीत को अपना ही लड़का बताते हुए यह संकेत भी दिया कि उनकी नाराजगी युवाओं या छात्रों से नहीं, बल्कि आंदोलन के कथित राजनीतिक इस्तेमाल है.
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#WATCH | Delhi: On the young leadership that has emerged from the protest at Jantar Mantar, Parliamentary Affairs Minister Kiren Rijiju says, "The students' concerns are valid, but the attempt by the Aam Aadmi Party and others to hijack the situation is not right. Abhijeet Dipke… pic.twitter.com/i1rHxRrDcs
— ANI (@ANI) ?ref_src=twsrc%5Etfw">August 18, 2026Advertisement
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छात्रों की मांगों को गलत नहीं मानते रिजिजू
रिजिजू ने यह भी माना कि देश के युवाओं और छात्रों के सामने कई गंभीर सवाल हैं. शिक्षा व्यवस्था में सुधार, रोजगार, प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता और युवाओं के भविष्य को लेकर छात्रों कि चिंताओं को उन्होंने जायज बताया. उनका कहना था कि सरकार छात्रों की समस्याओं को समझती है और इन मुद्दों पर बातचीत होनी चाहिए.
लेकिन इसी के साथ उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों की वास्तविक समस्याओं के बीच राजनीतिक दल अपना एजेंडा आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं. रिजिजू ने कहा कि जब राजनीतिक पार्टियां चुनाव या राजनीति में कमजोर पड़ती हैं, तो वे छात्रों के मुद्दों के सहारे सरकार को घेरने की कोशिश करती हैं. उनके मुताबिक ऐसा करना लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए सही नहीं है, क्योंकि इससे छात्रों के असली मुद्दे पीछे छूट जाते हैं और राजनीति आगे आ जाती है.
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जंतर-मंतर के प्रदर्शन का भी किया जिक्र
कॉकरोच जनता पार्टी के बैनर तले जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन ने भी काफी चर्चा बटोरी थी. इस प्रदर्शन में शिक्षा और युवाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार के खिलाफ आवाज उठाई गई थी. प्रदर्शन के बाद राजनीतिक स्तर पर भी इसे लेकर खूब बयानबाजी हुई.
रिजिजू ने इस प्रदर्शन को लेकर पुलिस की भूमिका का बचाव किया. उन्होंने कहा कि इतने बड़े प्रदर्शन के बावजूद पुलिस ने कानून-व्यवस्था को नियंत्रण में रखा और किसी व्यक्ति को चोट तक नहीं आई. उनका आरोप है कि इसके बावजूद विपक्ष की ओर से सरकार पर छात्रों के दमन का माहौल बनाने की कोशिश की गई.
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अब गांवों के स्कूलों पर फोकस
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अभिजीत दिपके ने 15 अगस्त 2026 से ग्रामीण इलाकों के सरकारी स्कूलों की स्थिति को सामने लाने के लिए एक नए अभियान की शुरुआत करने की बात कही है. इस अभियान का मकसद गांवों के स्कूलों में मौजूद बुनियादी सुविधाओं और शिक्षा व्यवस्था की जमीनी हकीकत को सामने लाना बताया गया है.
इस अभियान के तहत स्कूलों की वास्तविक स्थिति, बच्चों को मिलने वाली सुविधाएं और शिक्षा से जुड़ी समस्याओं का सोशल ऑडिट करने की बात कही गई है. यानी मुद्दा सिर्फ सोशल मीडिया पर सवाल उठाने तक सीमित न रहकर जमीन पर जाकर हालात देखने का है.