Advertisement
ग्रेटर नोएडा में 15 साल के गोपाल की बेरहमी से हत्या, बंद कमरे में मिला शव; आरोपियों की तलाश में जुटीं पुलिस की 5 टीमें
Greater Noida Gopal Murder Case: गोपाल शर्मा की हत्या से इलाके में आक्रोश फैल गया है, परिवार ने उसे बेरहमी से मारने का आरोप लगाया है. पुलिस पांच टीमों के साथ आरोपियों की तलाश में जुटी है.
Advertisement
Greater Noida Gopal Murder Case: उत्तर प्रदेश के जेवर इलाके के बनवारिवास गांव में 15 साल के गोपाल शर्मा की मौत ने सिर्फ एक परिवार नहीं, बल्कि पूरे गांव को झकझोर दिया है. जिस बच्चे की कुछ दिन पहले तक गांव की गलियों में हंसी सुनाई देती थी, आज उसी के लिए इंसाफ की मांग में लोग सड़कों पर उतरने की बात कर रहे हैं. गांव में मातम है, गुस्सा है और सबसे ज्यादा है बेचैनी...
आखिर गोपाल के साथ ऐसा किसने और क्यों किया?
21 मई को गोपाल अचानक संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गया था. परिवार पहले उसे इधर-उधर ढूंढता रहा, लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि कुछ ही घंटों बाद इतनी दर्दनाक खबर सामने आएगी. जब गोपाल का शव मिला तो परिवार का आरोप था कि उसके साथ बेहद क्रूरता की गई. परिजनों के मुताबिक उसके शरीर पर चोटों के निशान थे और हत्या बहुत निर्ममता से की गई. इन आरोपों ने गांव वालों के गुस्से को और बढ़ा दिया.
Advertisement
“जन्मदिन” के बहाने बुलाया और फिर लौटकर नहीं आया गोपाल
Advertisement
परिवार का सबसे बड़ा आरोप यह है कि गोपाल को जन्मदिन के बहाने बुलाकर ले जाया गया था. उसे भरोसे में लेकर घर से बाहर निकाला गया और फिर उसकी हत्या कर दी गई. परिजनों का कहना है कि आरोपियों ने शव को ठिकाने लगाने की भी कोशिश की, लेकिन उससे पहले गांव वालों को इसकी भनक लग गई.
यही बात गांव के लोगों को अंदर तक हिला रही है. क्योंकि जिस बच्चे को दोस्ती या जान-पहचान के नाम पर बुलाया गया, वही वापस जिंदा घर नहीं लौटा. गांव के बुजुर्गों का कहना है कि यह सिर्फ हत्या नहीं, भरोसे का भी कत्ल है.
गोपाल के घर बुलाई गई पंचायत
Advertisement
घटना के चार दिन बाद भी जब कोई गिरफ्तारी नहीं हुई तो गांव का गुस्सा खुलकर सामने आ गया. सोमवार को गोपाल के घर पंचायत बुलाई गई. लोगों का कहना है कि अगर पुलिस समय रहते कार्रवाई करती तो अब तक आरोपी पकड़ में आ चुके होते. गांव के माहौल में अब डर से ज्यादा गुस्सा दिखाई दे रहा है. लोग खुलेआम कह रहे हैं कि उन्हें इंसाफ चाहिए, सिर्फ आश्वासन नहीं.
सोशल मीडिया पर “Justice For Gopal Sharma” मुहिम
यह मामला अब गांव या जिले तक सीमित नहीं रहा. सोशल मीडिया पर “Justice For Gopal Sharma” नाम से लगातार पोस्ट और वीडियो शेयर किए जा रहे हैं. हजारों लोग इस मामले में सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं.
Advertisement
राजनीति भी गरमाई, नेताओं की एंट्री शुरू
जैसे-जैसे मामला बढ़ा, वैसे-वैसे राजनीति भी इसमें उतर आई. समाजवादी पार्टी की नेता अर्चना पांडा पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचीं. उन्होंने आरोपियों के घर बुलडोजर चलाने की मांग की.इसके बाद सपा नेता और पूर्व विधायक गुड्डू पंडित भी गांव पहुंचे. उन्होंने परिवार को भरोसा दिया कि वे उनके साथ खड़े हैं. हालांकि उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील भी की.
पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर भी उठ रहे सवाल
Advertisement
परिवार का आरोप है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सच छिपाने की कोशिश की गई है. उनका कहना है कि बच्चे के शरीर पर गंभीर चोटें थीं, लेकिन रिपोर्ट में वैसी बातें सामने नहीं आईं जैसी परिवार बता रहा है.
यही वजह है कि अब कुछ लोग इस मामले में सीबीआई जांच की मांग भी कर रहे हैं. गांव वालों का कहना है कि अगर जांच निष्पक्ष हुई तो सच्चाई जरूर सामने आएगी. फिलहाल पुलिस इन आरोपों पर लगातार जांच और पूछताछ कर रही है.
“हुक्का की लत” और मौत तक पहुंचने का रास्ता
Advertisement
ग्रामीणों के मुताबिक गोपाल को हुक्का पीने की आदत थी. वह आसपास के कुछ लोगों के पास अक्सर जाया करता था. आरोप है कि घटना वाले दिन भी वही आदत उसे उन लोगों तक ले गई. हालांकि जिन लोगों पर शक जताया जा रहा है, उन्होने पुलिस पूछताछ में हत्या से इनकार किया है. उनका कहना है कि गोपाल पिछले कई दिनों से वहां आया ही नहीं थ. लेकिन सवाल यह है कि अगर वह वहां नहीं गया था, तो उसका शव उसी जगह कैसे मिला?
यह भी पढ़ें
पुलिस का कहना है कि पांच टीमें लगातार आरोपियों की तलाश में लगी हैं और जल्द खुलासा होगा. वहीं शक के आधार पर पुलिस ने कई संदिग्ध लोगों को हिरासत में लिया है.