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हिंदुओं के लिए Modi ने लिया कौन सा संकल्प जो Yogi के दम पर हुआ पूरा !

Prayagraj: महाकुंभ के समापन के साथ ही पूरा हुआ वो कौन सा संकल्प जिसके लिए सीधे गुजरात में स्थित बाबा सोमनाथ मंदिर पहुंच गये पीएम मोदी और देशवासियों के स्वास्थ्य के साथ ही समृद्धि के लिए कामना भी की !

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हिंदुस्तान दुनिया का इकलौता ऐसा देश है जहां सबसे ज्यादा हिंदू रहते हैं। लेकिन इसके बावजूद हिंदुस्तान को हिंदू देश नहीं कहा जाता। कांग्रेस की इंदिरा सरकार ने संविधान में संशोधन करके इसे एक सेकुलर देश बना दिया। शायद यही वजह है कि इस देश ने कई प्रधानमंत्री देख।लेकिन किसी भी प्रधानमंत्री ने हिंदुओं के लिए वो संकल्प नहीं लिया। जो संकल्प मोदी ने लिया।और उत्तर प्रदेश की सत्ता संभाल रहे योगी आदित्यनाथ ने भी उस संकल्प को पूरा करने के लिए पूरी ताकत झोंक दी। और जैसे ही संकल्प पूरा हुआ। पीएम मोदी बाबा सोमनाथ के दरबार पहुंच गये।


दरअसल उत्तर प्रदेश के जिला प्रयागराज में 144 साल बाद आए दुर्लभ संयोग में महाकुंभ का आयोजन हो रहा था। जिसमें शामिल होने के लिए भारत ही नहीं दुनिया के कोने कोने से श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। एक एक दिन में लाखों करोड़ों लोग संगम में डुबकी लगा रहे थे। और जब 45 दिन बाद महाकुंभ का समापन हुआ तो 66 करोड़ से भी ज्यादा लोग संगम में डुबकी लगा चुके थे। ये आंकड़ा कोई छोटा मोटा आंकड़ा नहीं है। इतनी तो अमेरिका जैसे दुनिया के ताकतवर देश की आबादी भी नहीं है। लेकिन इसके बावजूद मोदी और योगी सरकार ने संगम में आए 66 करोड़ श्रद्धालुओं के सैलाब को संभाला और महाकुंभ का समापन कराया। तो इसके पीछे भी एक बड़ी वजह पीएम मोदी का वो संकल्प भी रहा।जिसका खुलासा खुद पीएम मोदी ने महाकुंभ के समापन पर किया। और सोशल मीडिया पर किये गये एक ट्वीट में उन्होंने बताया।"प्रयागराज में एकता का महाकुंभ, करोड़ों देशवासियों के प्रयास से संपन्न हुआ, मैंने एक सेवक की तरह अपने मन में ही संकल्प लिया था कि महाकुंभ के बाद द्वादश ज्योतिर्लिंग में से प्रथम ज्योतिर्लिंग श्री सोमनाथ का पूजन-अर्चन करूंगा, आज सोमनाथ दादा की कृपा से वह संकल्प पूरा हुआ है, मैंने सभी देशवासियों की ओर से एकता के महाकुंभ की सफल सिद्धि को श्री सोमनाथ भगवान के चरणों में समर्पित किया, इस दौरान मैंने हर देशवासी के स्वास्थ्य और समृद्धि की कामना भी की"

तन पर भगवा। कंधे पर भगवा गमछा। और माथे पर चंदन का लेप ।कुछ इसी अंदाज में पीएम मोदी महाकुंभ के समापन के बाद बाबा सोमनाथ के दरबार में हाजिरी लगाने पहुंचे।और पूरे विधि विधान के साथ बाबा सोमनाथ की पूजा अर्चना की।

महाकुंभ के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ जब 66 करोड़ से भी ज्यादा श्रद्धालुओं का सैलाब संगम तट पर आया। जिनकी सुरक्षा से लेकर तमाम व्यवस्था करना भी योगी सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती थी। लेकिन इसके बावजूद सीएम योगी पीछे नहीं हटे।और खुद आधी आधी रात तक जाग कर महाकुंभ की मॉनीटरिंग करते रहे। जब तक महाकुंभ समाप्त नहीं हुआ। तब तक सीएम योगी ने चैन की सांस नहीं ली। तब जाकर महाकुंभ जैसा महाआयोजन 26 फरवरी को महाशिवरात्रि के महास्नान के साथ संपन्न हो पाया। और इसी के साथ ही पीएम मोदी का भी संकल्प पूरा हो गया। जिसके बाद तीन मार्च को पीएम मोदी ने गुजरात में स्थित बाबा सोमनाथ के दरबार में हाजिरी लगाई।और देशवासियों के स्वास्थ्य के साथ ही समृद्धि के लिए कामना भी की। क्या इससे पहले किसी प्रधानमंत्री ने हिंदुओं के महाकुंभ के लिए इतना बड़ा संकल्प लिया था। 
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