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महाकुंभ ऐसा धार्मिक संगम, जहां हर कोई सनातन से जुड़ सकता है : महंत राजू दास
हनुमानगढ़ी मंदिर के महंत राजू दास ने संगम नगरी प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ में सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की तारीफ की। उन्होंने कहा कि करोड़ों की संख्या में यहां श्रद्धालु पहुंच रहे हैं और किसी को भी कोई तकलीफ नहीं हुई है।
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उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ में लाखों की संख्या में श्रद्धालु और सनातन धर्म को क़रीब से देखने और महसूस करने वाले लोग पहुंच रहे है। इस महाकुंभ को भव्य और दिव्य बनाने के लिए प्रदेश के सरकार के मुखिया योगी आदित्यानाथ ने श्रद्धालुओं को मिलने वाली सुविधाओं को ख़ुद अपनी निगरानी में पूरा करवाया है। यही वजह है जो भी महाकुंभ में शामिल होने प्रयाग पहुंच रहा वो व्यवस्थाओं को लेकर प्रदेश सरकार की प्रशंसा कर रहा है। इसी कड़ी में अयोध्या स्थित हनुमानगढ़ी मंदिर के महंत राजू दास ने संगम नगरी प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ में सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की तारीफ की। उन्होंने कहा कि करोड़ों की संख्या में यहां श्रद्धालु पहुंच रहे हैं और किसी को भी कोई तकलीफ नहीं हुई है।
काबिल-ए-तारीफ है व्यवस्था
महंत राजू दास ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, "सौभाग्यशाली हैं कि हमें 144 साल बाद हो रहे महाकुंभ में शामिल होने का अवसर मिला। मैं यहां आने वाले सभी श्रद्धालुओं के अच्छे जीवन की मंगल कामना करता हूं। मैं पीएम मोदी और सीएम योगी का आभार व्यक्त करता हूं, जिस तरह से उन्होंने यहां इंतजाम किए हैं, वह काबिल-ए-तारीफ है।" उन्होंने कहा, "पहला और दूसरा अमृत स्नान बहुत अच्छी तरह से हुआ है। तीसरे अमृत स्नान को लेकर अधिकारियों ने हमसे मुलाकात की और आगे के बारे में उनके साथ चर्चा भी की गई। इस महाकुंभ में शामिल होने के लिए देश ही नहीं विदेशों से श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। हर कोई सनातन संस्कृति के साथ जुड़ना चाहता है।"
सनातन पर सबका अधिकार
हनुमानगढ़ मंदिर के महंत राजू दास ने विपक्षी नेताओं के बयान पर पलटवार किया। उन्होंने कहा, "जो जिस भाव का होता है, वह उसी भाव के साथ ही देखता है। कई राजनीतिक दल ऐसे हैं, जिन्हें सनातन धर्म, मानवता, हिंदू और संस्कृति से कोई मतलब नहीं है। इसलिए वे महाकुंभ पर टिप्पणी करते हैं। अपने निजी जीवन में तो वह अच्छे कार्य करते हैं, लेकिन अपने कार्यकर्ताओं को बेवकूफ बनाने के लिए गलत बातें फैलाते हैं।" उन्होंने अखिलेश यादव का जिक्र करते हुए कहा, "अखिलेश ने पहले तो बहुत सारी टिप्पणियां की, लेकिन बाद में उन्होंने हरिद्वार जाकर गंगा स्नान किया। अखिलेश ने उन लोगों के मुंह पर तमाचा मारा है, जो सनातन पर तीखी टिप्पणियां करते हैं। अखिलेश यादव गंगा स्नान करने के लिए गए, यह हमें अच्छा लगा। जो भी नेता हैं, उन्हें भी एक न एक दिन गंगा स्नान के लिए जाना पड़ेगा। सनातन धर्म पर सबका अधिकार है, इस पर किसी राजनीतिक दल का कोई हक नहीं है। इसलिए महाकुंभ पर राजनीति नहीं होनी चाहिए।"
भारत संस्कृतिवादी देश
उन्होंने कहा कि सनातन काफी पुराना धर्म है और कोई इसे मिटा नहीं सकता। सनातन ही एक ऐसा धर्म है, जो सभी के कल्याण और विश्व के कल्याण की कामना करता है। बाकी सभी धर्म अपने-अपने समुदाय की कामना की बात करते हैं, लेकिन सनातन धर्म विश्व के सभी लोगों की कामना करता है।महंत ने आगे कहा, "भारत संस्कृतिवादी देश है। यहां पर कुछ लोग 'चादर' और 'फादर' में विश्वास करते हैं, लेकिन मेरा मानना है कि जो भी सनातन धर्म पर टिप्पणी करेगा, उस पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।" बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार को लेकर उन्होंने कहा, "बांग्लादेश में धर्म के नाम पर अत्याचार हो रहा है। हिंदुस्तान में जो लोग जातियों में बंटे हुए हैं, मैं उनसे यही अपील करूंगा कि वे एक हो जाएं।"
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