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रात में ब्रश न करने की आदत बन सकती है दिल की बीमारी की वजह

आयुर्वेद में सुबह के साथ-साथ रात में भी दांत साफ करने की सलाह दी जाती है, ताकि दिनभर जमा हुई गंदगी शरीर के अंदर न जाए.

रात को बिस्तर पर जाने से पहले लोग ब्रश नहीं करने को अक्सर हलके में लेते हैं, लेकिन यह लापरवाही सिर्फ दांतों में कैविटी तक सीमित नहीं रहती, बल्कि धीरे-धीरे पूरे शरीर पर असर डाल सकती है. खासकर दिल की सेहत पर इसका प्रभाव बुरा पड़ता है. 

मुंह की सफाई और सेहत का गहरा संबंध

आयुर्वेद और विज्ञान, दोनों ही इस बात को मानते हैं कि मुंह की सफाई ही शरीर की सेहत को बनाए रखती है. दिनभर खाने-पीने के बाद दांतों और मसूड़ों के बीच खाना फंसा रह जाता है. अगर रात में ब्रश नहीं किया जाए, तो ये बैक्टीरिया तेजी से बढ़ते हैं और प्लाक बनाते हैं. प्लाक सिर्फ दांत खराब नहीं करता, बल्कि मसूड़ों में सूजन भी पैदा करता है. यही सूजन आगे चलकर शरीर के अंदर फैल सकती है.

मसूड़ों की सूजन कैसे पहुंचाती है दिल तक नुकसान?

वैज्ञानिकों के अनुसार, मुंह में हानिकारक बैक्टीरिया पनपने के बाद ये खून के जरिए दूसरे हिस्सों तक पहुंच जाते हैं और सूजन पैदा करते हैं. लंबे समय तक बनी रहने वाली सूजन दिल की नसों यानी ब्लड वेसल्स को नुकसान पहुंचा सकती है. इससे नसों की अंदरूनी परत कमजोर होती है और उनमें चर्बी जमने लगती है. यही स्थिति आगे चलकर हार्ट अटैक या हार्ट फेलियर का खतरा बढ़ा सकती है.

आयुर्वेद क्या कहता है?

आयुर्वेद में सुबह के साथ-साथ रात में भी दांत साफ करने की सलाह दी जाती है, ताकि दिनभर जमा हुई गंदगी शरीर के अंदर न जाए.

कई शोधों में यह देखा गया है कि जो लोग नियमित रूप से रात में ब्रश करते हैं और समय-समय पर दांतों की सफाई कराते हैं, उनमें मसूड़ों की बीमारी कम होती है. मसूड़ों की बीमारी कम होने का मतलब है कि शरीर में सूजन का स्तर भी कम रहता है. कम सूजन का सीधा फायदा दिल को मिलता है.

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