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सुनने की क्षमता कम होने के इन संकेतों को न करें नजरअंदाज, नहीं तो हो सकता है बड़ा नुकसान
सुनने की क्षमता में कमी का एक और संकेत इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की आवाज बढ़ाना भी माना जाता है. अगर किसी व्यक्ति को टीवी, मोबाइल या रेडियो की आवाज पहले की तुलना में ज्यादा तेज रखनी पड़ रही है, तो यह कानों की बदलती क्षमता का संकेत हो सकता है.
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सुनने की क्षमता कम होना केवल बढ़ती उम्र की समस्या नहीं है. आज के समय में तेज शोर, लंबे समय तक ईयरफोन का इस्तेमाल, कुछ बीमारियां और जीवनशैली से जुड़ी कई चीजें लोगों की सुनने की क्षमता पर असर डाल रही हैं.
1. आवाज सुनाई देना, लेकिन शब्द समझने में परेशानी
विशेषज्ञों का कहना है कि सुनने की समस्या अक्सर धीरे-धीरे शुरू होती है. शुरुआत में व्यक्ति को लगता है कि आसपास बहुत शोर है या सामने वाला साफ नहीं बोल रहा, लेकिन असल में यह सुनने की क्षमता में आ रही कमी का संकेत हो सकता है. यही कारण है कि बड़ी संख्या में लोग सालों तक इस समस्या को पहचान नहीं पाते और जब तक इलाज के बारे में सोचते हैं, तब तक परेशानी काफी बढ़ चुकी होती है.
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2. बार-बार बात दोहराने के लिए कहना
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वैज्ञानिक रिसर्च के मुताबिक, कान आवाज सुनने के साथ-साथ मस्तिष्क तक सही जानकारी पहुंचाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. जब सुनने की क्षमता कम होने लगती है तो व्यक्ति बातचीत को समझने और लोगों से जुड़ने में मुश्किल होती है. लंबे समय तक सुनने की समस्या को नजरअंदाज करने से तनाव, अकेलापन और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी परेशानियों का खतरा बढ़ता है.
विशेषज्ञों के अनुसार, सुनने की क्षमता कम होने का पहला संकेत होता है कि कई बार लोग आवाज तो सुन लेते हैं, लेकिन शब्दों को ठीक तरह से समझ नहीं पाते. खासकर ऐसी जगहों पर जहां बहुत सारे लोग एक साथ बात कर रहे हों या आसपास शोर हो, वहां बातचीत समझना मुश्किल लगने लगता है. वैज्ञानिकों का कहना है कि सुनने की क्षमता में शुरुआती कमी अक्सर ऊंची आवृत्ति वाली आवाजों को प्रभावित करती है. ऐसे में कुछ शब्द या अक्षर साफ सुनाई नहीं देते, जिससे बातचीत अधूरी लगती है.
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एक और सामान्य संकेत बार-बार लोगों से बात दोहराने के लिए कहना है. जब यह स्थिति ज्यादा बार होने लगे, तब इसे गंभीरता से लेना चाहिए. कई मामलों में परिवार के सदस्य या करीबी लोग सबसे पहले इस बदलाव को महसूस करते हैं.
3. टीवी और मोबाइल की आवाज पहले से ज्यादा तेज करना
सुनने की क्षमता में कमी का एक और संकेत इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की आवाज बढ़ाना भी माना जाता है. अगर किसी व्यक्ति को टीवी, मोबाइल या रेडियो की आवाज पहले की तुलना में ज्यादा तेज रखनी पड़ रही है, तो यह कानों की बदलती क्षमता का संकेत हो सकता है. चूंकि यह बदलाव धीरे-धीरे होता है, इसलिए कई लोगों को इसका एहसास नहीं होता.
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4. फोन पर बातचीत समझने में दिक्कत
फोन पर बातचीत के दौरान होने वाली परेशानी को हल्के में नहीं लेना चाहिए. आमने-सामने बात करते समय हम सामने वाले के चेहरे के भाव, होंठों की गतिविधि और शारीरिक भाषा से भी अर्थ समझ लेते हैं. लेकिन फोन पर केवल आवाज ही सहारा होती है. इसलिए सुनने की क्षमता में थोड़ी सी कमी भी फोन पर बातचीत के दौरान आसानी से महसूस हो सकती है. अगर फोन पर बातें समझने में लगातार मुश्किल हो रही है, तो यह जांच कराने का संकेत हो सकता है.
5. कानों में घंटी, सीटी या भनभनाहट की आवाज
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इसके अलावा कानों में लगातार घंटी, सीटी या भनभनाहट जैसी आवाज सुनाई देना भी एक महत्वपूर्ण संकेत माना जाता है. मेडिकल साइंस में इस स्थिति को टिनिटस कहा जाता है. यह कई बार कानों या सुनने की प्रणाली में हो रहे बदलाव का संकेत होता है. यदि ऐसी आवाजें लंबे समय तक बनी रहें, तो विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी हो जाता है.