Advertisement
'ये वो ही ना जिसने अफजल के नारे लगाए थे...', रांची में नेहा बोरा पर क्यों फेंकी स्याही, खुद छात्र ने कर दिया खुलासा!
रांची में वामपंथी नेहा बोरा पर स्याही फेंकने वाले छात्रों ने बड़ा खुलासा किया है. छात्रों ने इस संबंध में कहा कि 3 दिन पहले मार्च निकालकर प्रदर्शन को हाईजैक करने की कोशिश की जा रही है. इतना ही नहीं ये भी कहा कि बिरसा मुंडा की धरती पर देश विरोधी नारे लगाने वालों को इजाजत नहीं दी जा सकती.
Advertisement
झारखंड में JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित धांधली, पेपर लीक और सुधारों की मांग को लेकर छात्र लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं. छात्र संगठनों ने 10 अगस्त को विधानसभा मार्च का ऐलान किया है, लेकिन इससे पहले ही वाम छात्र संगठनों ने 7 तारीख को ही मार्च का ऐलान कर दिया और सड़कों पर रैली भी निकाली गई. इसी से कुछ छात्र और प्रदर्शनकारी भड़क गए.
नेहा बोरा पर क्यों फेंकी गई स्याही, खुद आरोपी छात्र ने कर दिया खुलासा!
आपको बता दें कि वाम छात्र संगठनों की ओर से शुक्रवार को निकाले गए मार्च के दौरान उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा पर एक युवक ने अचानक काली स्याही फेंक दी. घटना के वक्त बिरसा चौक पर हजारों की संख्या में छात्र हाथों में तिरंगा और तख्तियां लेकर प्रदर्शन कर रहे थे. इसको लेकर छात्रों ने सवाल उठाए कि आखिर 3 दिन पहले आनन-फानन में मार्च क्यों निकाला.
Advertisement
अफजल गुरु-उमर खालिद को लेकर क्या पूछ लिया सवाल!
Advertisement
छात्रों ने इस दौरान आरोप लगाए कि ये लोग उमर खालिद को रिहा करना चाहते हैं, उमर खालिद के समर्थक हैं, जंतर मंतर पर भी आजादी के नारे लगाए. इस दौरान छात्रों ने ये भी कहा कि देश विरोधी नारे लगाने वालों को किसी कीमत पर प्रदर्शन में जाने की इजाजत नहीं दी जाएगी.
छात्रों ने NMF News के कैमरे पर पूछा कि ये वही लोग हैं ना जिन्होंने देश-विरोधी नारे जैसे कि '2013 में अफजल हम शर्मिंदा हैं, तेरे कातिल जिंदा हैं' के नारे लगाए थे. इतना ही नहीं ये भी पूछा कि उमर खालिद के समर्थक भी हैं ये लोग.
Advertisement
जहां तक नेहा बोरा पर स्याही फेंकने का सवाल है तो प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, भीड़ में मौजूद एक युवक ने 'जय श्री राम' के नारे लगाते हुए नेहा बोरा पर स्याही फेंकी. इस अचानक हुए हमले से मौके पर अफरा-तफरी मच गई और प्रदर्शनकारियों ने जमकर हंगामा किया. मौके पर तैनात मुस्तैद पुलिस बलों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी युवक को हिरासत में ले लिया.
पुलिस हिरासत में क्या बोला आरोपी!
पुलिस हिरासत में लिए गए आरोपी ने पूछताछ के दौरान दावा किया कि वह नेहा बोरा को 'राष्ट्रविरोधी' और उमर खालिद का समर्थक मानता है, जिसके विरोध में उसने यह कदम उठाया.
Advertisement
दूसरी ओर, आइसा के नेताओं ने इस हमले के पीछे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और भारतीय जनता पार्टी से जुड़े लोगों का हाथ होने का सीधा आरोप लगाया है. हालांकि, प्रदर्शन में शामिल कुछ स्थानीय अभ्यर्थियों का यह भी कहना था कि वे नहीं चाहते कि कोई बाहरी संगठन या राजनीतिक दल उनके स्वतंत्र छात्र आंदोलन को हाईजैक करे, जिससे उनका मूल मुद्दा प्रभावित हो.
यह भी पढ़ें
घटना के बाद इलाके में तनाव को देखते हुए विधानसभा क्षेत्र और आसपास के मार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था बेहद सख्त कर दी गई है. पुलिस प्रशासन हिरासत में लिए गए युवक से पूछताछ कर मामले की विस्तृत जांच में जुटा हुआ है, जबकि आंदोलनकारी छात्र अपनी मांगों पर अब भी डटे हुए हैं.