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'पाकिस्तान के खून से ज्यादा भारत के सिंदूर में आयरन है...', इंडिया की एयरस्ट्राइक पर बोले मनोज मुंतशिर
ऑपरेशन सिंदूर के बाद राइटर और संगीतकार मनोज मुंतशीर ने भी सेना की कार्रवाई पर अपनी प्रतिक्रिया दी है. ऑपरेशन सिंदूर को लेकर मनोज मुंतशिर ने अपने एक्स अकाउंट पर एक पोस्ट शेयर किया है. जिसमें उन्होंने लिखा कि देख लो बुज़दिल पड़ोसियों, हिंदुस्तानी सिंदूर में पाकिस्तानी ख़ून से ज़्यादा आयरन है. जय हिन्द, जय हिन्द की सेना.
भारत ने पाकिस्तान को करारा जवाब दे दिया है, जिस बदले की कई दिनों से देश के प्रधानमंत्री से मांग की जा रही थी. आख़िरकार उसे अंजाम दे दिया गया है. 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले का बदला ऑपरेशन सिंदूर के तहत लिया गया है. भारतीय वायुसेना ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान में स्थित 9 आतंकी ठिकानों पर एयर स्ट्राइक की है. भारत सरकार की ओर से दिए गए इस जोरदार जवाब को लेकर पूरा देश ख़ुश दिख रहा है. पाकिस्तान ने जिन मांगों के सिंदूर मिटाए थे उसका बदला लिया गया है.
ऑपरेशन सिंदूर पर क्या बोले मनोज मुंतशिर!
भारतीय सेना की इस कार्रवाई पर आम लोगों से लेकर बॉलीवुड की बड़ी बड़ी हस्तियां अपना रिएक्शन दे रही हैं. वहीं इस बीच राइटर और संगीतकार मनोज मुंतशीर ने भी सेना की कार्रवाई पर अपनी प्रतिक्रिया दी है. ऑपरेशन सिंदूर को लेकर मनोज मुंतशिर ने अपने एक्स अकाउंट पर एक पोस्ट शेयर किया है. जिसमें उन्होंने लिखा कि देख लो बुज़दिल पड़ोसियों, हिंदुस्तानी सिंदूर में पाकिस्तानी ख़ून से ज़्यादा आयरन है. जय हिन्द, जय हिन्द की सेना!
‘औक़ात में रहो’
इसके अलावा मनोज मुंतशिर ने अपना पूराना वीडियो शेयर किया था, जिसमें उन्होंने पाकिस्तान को उसकी औक़ात में रहने की नसीहत दी थी. वीडियो में वो कहते दिखे थे कि “मैं एक बात सोचता हूं कि अपनी पूरी हिस्ट्री में पाकिस्तान ने सिर्फ 4 युद्ध लड़े हैं, चारों हमसे लड़े हैं, चारों हार गए तो ये जो मेडल हैं ये कैंडी क्रश खेलकर जीते हैं? आटा मांगने के लिए लाइन लगाते हैं और चाहिए इनको कश्मीर. एक मशविरा दे देता हूं कि भैया इस दुनिया में रहने के लिए बहुत सी जगहें हैं लेकिन अच्छा है औकात में रहो.”
पहलगाम हमले पर क्या बोले थे मनोज मुंतशिर!
बता दें कि पहलगाम पर हुए आतंकी हमले की मनोज मुंतशिर ने भी निंदा की थी. एक वीडियो वो कहते दिखाई दिए थे “मुसलमान हो, अच्छा, कलमा पढ़कर सुनाओ, नहीं आता, हिंदू हो…बधाई हो, ये गोलियां आपके किसी अपने को नहीं लगी. पहलगाम में आपका कोई बेटा या भाई नहीं मारा गया. लेकिन कितने दिन बचोगे? कश्मीर नहीं जाओगे तो मुर्शिदाबाद में मारे जाओगे. कलकत्ता में मारे जाओगे. गोधरा में मारे जाओगे. दिल्ली और मुजफ्फरनगर में मारे जाओगे. अगर तुमने तय ही कर लिया है कि तुम शेर नहीं बकरे हो तो कटने के लिए भी तैयार रहो… नंबर बस आने ही वाला है. हर हर महादेव बोलकर तुम एक तो हो नहीं सकते तो अल्लाह-हू-अकबर बोलकर घुटने ही टेक दो. कलमा-वलमा ही सीख लो. जान तो बच जाएगी. सर तो धड़ से अलग नहीं होगा… बुरा लग रहा है ना? अंगुलियां मचल रही हैं कमेंट में मुझे गालियां देने के लिए, जितनी अंगुलियां मचल रही हैं अगर तुम्हारी भुजाएं उतना ही फड़कतीं तो 25 निर्दोष हिंदुओं की ऐसे अकाल मृत्यु नहीं होती और प्रॉब्लम ये है कि तुम अब भी नहीं समझोगे.”
मनोज मुंतशिर ने आगे कहा था “मैं कहूंगा कि हिंदू खतरे में है, तुम कहोगे संघी है, आरएसएस वाला है. मैं कहूंगा कि बंटोगे तो कटोगे, तुम कहोगे बीजेपी का चमचा है. मैं कहूंगा औरंगजेब का इस्लाम नहीं चलेगा, तुम कहोगे हम तो सेक्युलर हैं. जब तक दरगाह पर चादर ना चढ़ा दें, हम को चैन ही नहीं आता. ये गंगा-जमुनी तहजीब का कार्ड जो तुम जेब में लिए घूमते हो, दिखा देते पहलगाम में, मिल लेते भाईजान से गले और सुनो, ये तो कहना ही मत कि आतंकवाद का कोई मजहब और मुल्क नहीं होता. ये इंस्टाग्राम पर चार लफंगों की रील देखकर जो लिबरल ज्ञान जागा है ना तुम्हारे अंदर, मेरी नजर में इसकी वैल्यू 2 टके की है. संतोष जगदाले को अब तक तो जान ही गए होगे, उनका परिवार जान बचाकर टेंट में छिप गया था. पाकिस्तानी दरिंदों ने टेंट से संतोष को बाहर बुलाया और कलमा पढ़ने को कहा. संतोष कलमा नहीं पढ़ पाए तो उनको गोली मार दी. मंजूनाथ कर्नाटक से थे, उनकी पत्नी पल्लवी के सामने आतंकियों ने उन्हें तड़पा-तड़पाकर मारा. पल्लवी ने कहा कि मेरे पति को मार दिया, मुझे भी मार दो. जवाब मिला, तुम्हें नहीं मारेंगे, जाओ और मोदी से कह दो. हां, हम बिल्कुल मोदी से कहेंगे.”
आतंकियों के 9 ठिकानों पर एयरस्ट्राइक!
बता दें कि ऑपरेशन सिंदूर के तहत जैश के 4, लश्कर के 3 और हिजबुल के 2 आतंकी ठिकाने हमले में तबाह किए, जिसमें मुजफ्फराबाद, कोटली, गुलपुर, बिंबर, सियालकोट, चक अमरू, मुरीदके, बहावलपुर शामिल है. बता दें कि ऑपरेशन सिंदूर के तहत 100 से अधिक आतंकियों की मौत हो गई है. इस ऑपरेशन सिंदूर के तहत आतंकियों और उनके ठिकानों पर कार्रवाई की गई है, पाकिस्तानी सेना पर हमला नहीं किया गया है.
क्यों हुआ ऑपरेशन सिंदूर!
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को आतंकियों ने 26 नाम और धर्म पूछकर टूरिस्ट्स की हत्या कर दी थी. इस घटना से हर कोई हिल गया था. पूरा देश भारतीय सरकार से इंसाफ की गुहार लगा रहा था और आखिरकार सरकार ने न्याय कर दिया है. इंडियन आर्मी ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत बड़ी कार्रवाई कर साबित कर दिया है कि भारत छुप बैठने वालों में से नहीं है.