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रणवीर सिंह के बैन पर बॉलीवुड में मचा बवाल, संजय गुप्ता का फूटा गुस्सा, मनोज बाजपेयी भी चुप नहीं रह पाए
संजय गुप्ता ने रणवीर सिंह पर लगाए गए बैन को लेकर सवाल उठाए हैं. उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि किसी बड़े एक्टर को बैन करने का असर सिर्फ उस कलाकार पर नहीं पड़ता, बल्कि फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े सैकड़ों कामगारों की रोजी-रोटी पर भी पड़ता है.
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बॉलीवुड एक्टर रणवीर सिंह इन दिनों फिल्म 'डॉन 3' को लेकर विवादों में घिरे हुए हैं. दरअसल, फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (एफडब्ल्यूआईसीई) ने शूटिंग शुरू होने से ठीक पहले फिल्म से खुद को अलग करने के चलते उन पर बैन लगा दिया. इस पर इंडस्ट्री में लगातार बहस छिड़ी हुई है.
संजय गुप्ता ने रणवीर सिंह पर लगाए बैन को लेकर उठाए सवाल
इसी बीच फिल्ममेकर संजय गुप्ता ने रणवीर सिंह पर लगाए गए बैन को लेकर सवाल उठाए हैं. उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि किसी बड़े एक्टर को बैन करने का असर सिर्फ उस कलाकार पर नहीं पड़ता, बल्कि फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े सैकड़ों कामगारों की रोजी-रोटी पर भी पड़ता है.
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‘आखिर ऐसे फैसलों का क्या मतलब है’
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संजय गुप्ता ने इस पूरे मामले पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी राय रखते हुए कहा, ''जब कोई ए-लिस्ट एक्टर किसी फिल्म की शूटिंग करता है, तो सेट पर लगभग 300 लोग काम करते हैं. इनमें स्पॉट बॉय, लाइटमैन, कैमरा टीम, मेकअप आर्टिस्ट, कॉस्ट्यूम स्टाफ और कई दूसरे कर्मचारी शामिल होते हैं. अगर किसी एक्टर को बैन कर दिया जाता है, तो सिर्फ एक्टर का काम नहीं रुकता, बल्कि उन सैकड़ों लोगों की रोजी-रोटी भी प्रभावित होती है, जो फिल्म इंडस्ट्री पर निर्भर रहते हैं.''
संजय गुप्ता ने अपने पोस्ट में लिखा, ''किसी बड़े कलाकार को रोकने से शायद वह पूरी तरह प्रभावित न हो, लेकिन उसके साथ काम करने वाले कर्मचारी बेरोजगार हो सकते हैं. आखिर ऐसे फैसलों का क्या मतलब है.''
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‘ये मामला जल्द से जल्द सुलझ जाए’
वहीं मनोज बाजपेयी ने हाल ही में 'गवर्नर' के ट्रेलर लॉन्च पर रणवीर के खिलाफ जारी लिए गए FWICE के निर्देश पर प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए कहा, "मैं आपको एक चीज बताना चाहूंगा कि जितने भी इंडस्ट्री में लोग हैं, उन्होंने यह खबर सोशल मीडिया पर पढ़ ली है, लेकिन उनके पास इस बारे में डिटेल इन्फॉर्मेशन नहीं है. हालांकि, एक सह कलाकार और इंडस्ट्री के मेंबर होने के नाते हम यही चाहते हैं कि यह मामला जल्द से जल्द सुलझ जाए."
‘मेरे खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई’
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वहीं चंकी पांडे ने अपने दिनों को याद करते हुए लिखा, “1987 में 'आग ही आग' की शूटिंग के दौरान फिल्म इंडस्ट्री में हड़ताल चल रही थी और किसी को भी शूटिंग जारी रखने की अनुमति नहीं थी. हालांकि, पहलाज निहलानी पूरी टीम के साथ बेंगलुरु में शूटिंग कर रहे थे और बाद में हमने ऊटी में भी शूटिंग जारी रखी. इसी वजह से मेरे और फिल्म से जुड़े सभी लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई. उस समय सभी शूटिंग रोक दी गई थी
‘मुझ पर लगभग एक हफ्ते का बैन लगा दिया गया’
एक्टर ने आगे कहा, “धर्मेंद्र जी और शत्रुघ्न सिन्हा जी भी फिल्म का हिस्सा थे, लेकिन वे इतने बड़े स्टार्स थे कि 30-40 फिल्में कर रहे थे, इसलिए उन पर बैन लगाना संभव नहीं था. मैं उस समय नया था. मेरी फिल्म रिलीज भी नहीं हुई थी, इसलिए आखिरकार मुझ पर लगभग एक हफ्ते का बैन लगा दिया गया”
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‘हमारी इंडस्ट्री बहुत छोटी और नाजुक है’
चंकी ने आगे बताया, “कारण सीधा-सादा था, मैं पहलाज निहलानी के साथ शूटिंग कर रहा था जबकि पूरी इंडस्ट्री हड़ताल पर थी. चूंकि वे बड़े सितारों के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर सकते थे, इसलिए उन्होंने मेरे खिलाफ कार्रवाई की. बाद में, मैंने माफी मांग ली और एक हफ्ते के अंदर बैन हटा लिया गया. लेकिन ऐसी चीजें होती रहती हैं. हमारी इंडस्ट्री बहुत छोटी और नाजुक है, और मैंने खुद इसका अनुभव किया है.”
रणवीर सिंह पर क्यों लगा बैन
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दरअसल, एफडब्ल्यूआईसीई ने रणवीर सिंह के खिलाफ नॉन-कोऑपरेशन डायरेक्टिव जारी किया है. यह फैसला तब लिया गया, जब फिल्म 'डॉन 3' के निर्माताओं फरहान अख्तर और रितेश सिधवानी ने फेडरेशन से शिकायत की. शिकायत में कहा गया कि रणवीर सिंह के अचानक फिल्म छोड़ने की वजह से उन्हें भारी आर्थिक नुकसान हुआ है. बताया गया कि निर्माताओं को लगभग 45 करोड़ रुपए का नुकसान झेलना पड़ा.
अशोक पंडित ने इस विवाद पर क्या कहा?
इस पूरे विवाद को लेकर एफडब्ल्यूआईसीई के मुख्य सलाहकार अशोक पंडित ने आईएएनएस से बात करते हुए बताया था कि रणवीर सिंह ने शूटिंग शुरू होने से सिर्फ तीन हफ्ते पहले फिल्म छोड़ने का फैसला किया. उस समय तक फिल्म की लगभग सारी तैयारियां पूरी हो चुकी थीं. शूटिंग की लोकेशन तय हो चुकी थी, होटल बुक किए जा चुके थे और शूटिंग की परमिशन भी ले ली गई थी.''
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‘रणवीर की तरफ़ से कोई जवाब नहीं आया’
अशोक पंडित ने कहा, ''इतनी बड़ी फिल्म के लिए पहले से काफी पैसा खर्च किया जा चुका था. ऐसे में रणवीर के अचानक पीछे हटने से निर्माताओं को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा. इस नुकसान से निर्माताओं के साथ-साथ पूरी टीम प्रभावित होती है. फेडरेशन ने रणवीर सिंह से कई बार बातचीत करने की कोशिश की, लेकिन उनकी तरफ से कोई जवाब नहीं मिला. इसके बाद यह फैसला लिया गया.''
FWICE ने रणवीर सिंह के खिलाफ नॉन-कोऑपरेशन डायरेक्टिव जारी किया
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एफडब्ल्यूआईसीई ने रणवीर सिंह के खिलाफ नॉन-कोऑपरेशन डायरेक्टिव जारी किया.इसका मतलब यह है कि फेडरेशन से जुड़े सदस्य, तकनीशियन और वर्कर्स फिलहाल रणवीर सिंह या उनके प्रोजेक्ट्स के साथ सहयोग नहीं करेंगे. साथ ही निर्माता संगठनों से भी इस मामले में साथ देने की अपील की गई है.
FWICE के फैसले पर रणवीर सिंह ने क्या कहा?
FWICE के फैसले पर रणवीर सिंह के प्रवक्ता ने एक बयान जारी किया है, जिसमें उन्होंने कहा है “ रणवीर सिंह फिल्म इंडस्ट्री और डॉन फ्रैंचाइजी से जुड़े हर व्यक्ति का बहुत सम्मान करते हैं. डॉन 3 को लेकर जो हालिया घटनाएं हुई हैं, उसपर उन्होंने पूरी तरह चुप रहने का फैसला किया है. उनका मानना है कि प्रोफेशनल बातें हमेशा इज्जत, परिपक्वता और एक-दूसरे का सम्मान करते हुए ही सुलझानी चाहिए.”
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उन्होंने आगे कहा,”समय-समय पर कई तरह की अफवाहें और कहानियां सामने आई हैं, लेकिन रणवीर ने कभी भी पब्लिकली जवाब देने या इन अफवाहों में शामिल होने की जरूरत नहीं समझी. उनका पूरा ध्यान अपने काम और आने वाले प्रोजेक्ट्स पर है. वो डॉन फ्रेंचायजी से जुड़े सभी लोगों का गहरा सम्मान और सद्भावना रखते हैं और पूरी ईमानदारी से चाहते हैं कि ये सीरीज आगे भी सफल हो. ऐसे मौकों पर चुप रहना और शांति से व्यवहार करना हमेशा से उनका अपना फैसला रहा है, और वो आगे भी इसी रवैये पर बने रहेंगे.”