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Dacoit Movie Review: प्यार और बदले की दमदार कहानी में छाए आदिवी शेष-मृणाल ठाकुर, ट्विस्ट से भरी है लव स्टोरी
'डकैत: ए लव स्टोरी' को जो बात सबसे अलग बनाती है, वह है इसके किरदारों को सरल बनाकर पेश न करने का इसका नज़रिया. फिल्म में कोई साफ हीरो या विलेन नहीं है.सभी किरदार अपनी-अपनी कमजोरियों के साथ दिखाए गए हैं, जो गलत फैसले भी लेते हैं और उनके परिणाम भी झेलते हैं.
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'डकैत- ए लव स्टोरी' मूवी रिव्यू
कलाकार: आदिवी शेष, मृणाल ठाकुर, अनुराग कश्यप, प्रकाश राज, सुनील, अतुल कुलकर्णी, ज़ैन मैरी खान और कामाक्षी भास्करला,
डायरेक्टर: शेनिल देव,
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रन टाइम: 2 घंटे 35 मिनट
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रेटिंग: 4 स्टार
आदिवी शेष और मृणाल ठाकुर की फिल्म 'डकैत- ए लव स्टोरी फाइनली थियेटर्स पर रिलीज़ हो गई है. अगर आप इस फिल्म को देखने का प्लान बना रहे हैं, तो पहले जान लें कि ये आपके देखने के लायक़ है भी या नहीं. चलिए जानते हैं इसका रिव्यू.
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फिल्म की कहानी में क्या दिखाया है?
'डकैत: ए लव स्टोरी' कोई आम रोमांटिक फिल्म नहीं है. यह एक गहरी और गंभीर कहानी है, जिसमें प्यार के टूटने के बाद दर्द, गुस्सा और हिंसा दिखाई गई है. इसमें यह भी दिखाया गया है कि गलती के बाद सुधार की राह आसान नहीं होती. डायरेक्टर शनील देवो ने फिल्म को इस तरह बनाया है कि यह एक ओर किरदारों की कहानी लगती है, तो दूसरी ओर बदले की कहानी भी, जिसमें वे जबरदस्त एक्शन और भावनात्मक गहराई के बीच संतुलन बनाने की कोशिश करते हैं. प्यार में धोखा खाए आशिक के बदले की कहानी है 'डकैत: एक प्रेम कथा.
तकनीकी पहलू
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तकनीकी रूप से फिल्म अच्छी बनी है. इसकी सिनेमैटोग्राफी धूल भरे इलाकों और हल्के रंगों पर ज़्यादा ज़ोर देती है, जो कहानी के उदास और गंभीर भावनात्मक माहौल को और भी गहरा कर देता है. कैमरा अक्सर दृश्यों पर कुछ देर तक रुका रहता है, जिससे दृश्यों को खुलकर सामने आने का मौका मिलता है. हालांकि, इस शैली के कारण कभी-कभी फिल्म की गति थोड़ी धीमी पड़ जाती है. फिल्म का बैकग्राउंड स्कोर भी काफ़ी असरदार है, जो बिना हावी हुए कहानी के तनाव और भावनात्मक पलों को बड़ी ही खूबी से उभारता है.
कैसा है फिल्म का लेखन
जहां फिल्म थोड़ी कमजोर पड़ती है, वह है इसकी पटकथा. हालांकि फ़िल्म का मूल विचार काफी मजबूत है, लेकिन कहानी के कुछ मोड़ का अंदाजा जैसे पहले ही लगने लगता है. थोड़ी कसी हुई एडिटिंग कहानी को और भी शानदार बना सकती थी. फिल्म का पहला भाग थोड़ा धीमा है और इसमें दुनिया और रिश्तों को स्थापित करने में समय लिया गया है, जिससे कुछ दर्शकों को यह लंबा लग सकता है. हालांकि दूसरा भाग ज्यादा मजबूत है और एक ज़बरदस्त भावनात्मक प्रभाव के साथ इस कमी को पूरा कर देता है.
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आदिवी शेष की एक्टिंग
फ़िल्म के केंद्र में हैं आदिवी शेष, जिन्होंने बेहद प्रभावशाली और संयमित अभिनय किया है. दिल टूटने और गुस्से में डूबे एक इंसान के रूप में उनका किरदार कई परतों वाला है. उनका अभिनय ज्यादा दिखावटी नहीं है, बल्कि उनके चेहरे और आंखों के भाव ही बहुत कुछ कह जाते हैं. खासकर तब जब कहानी उन्हें खामोशी के पल देती है, तब उनके भाव और ज्यादा असर डालते हैं. यह उन चुनिंदा अभिनयों में से एक है जो धीरे-धीरे दर्शकों के दिल में अपनी जगह बना लेता है.
कैस रहा मृणाल ठाकुर का अभिनय
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मृणाल ठाकुर ने भी अपने अभिनय में कई बारीकियां दिखाई हैं. उनका किरदार सिर्फ हीरो की कहानी को आगे बढ़ाने के लिए नहीं है, बल्कि वह खुद भी एक मजबूत व्यक्तित्व रखती हैं. उनके किरदार में एक साथ कमजोरी और रहस्य दोनों दिखते हैं, जिससे दर्शक अंत तक उनके बारे में सोचते रहते हैं. उनके और अदिवि शेष के बीच का रिश्ता फिल्म में खास तनाव पैदा करता है.
क्या चीज फिल्म को सबसे अलग बनाती है?
'डकैत: ए लव स्टोरी' को जो बात सबसे अलग बनाती है, वह है इसके किरदारों को सरल बनाकर पेश न करने का इसका नज़रिया. फिल्म में कोई साफ हीरो या विलेन नहीं है.च सभी किरदार अपनी-अपनी कमजोरियों के साथ दिखाए गए हैं, जो गलत फैसले भी लेते हैं और उनके परिणाम भी झेलते हैं. यह फिल्म कोई आसान जवाब नहीं देती और यह अस्पष्टता इसे अलग भी बनाती है और कुछ लोगों के लिए फिल्म को थोड़ा कठिन भी.
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किन लोगों के लिए बनी ये है फिल्म?
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कुल मिलाकर, 'डकैत: ए लव स्टोरी' एक गंभीर और भावनाओं पर आधारित फिल्म है, जिसमें दिखावे से ज्यादा किरदारों और उनकी भावनाओं पर ध्यान दिया गया है. यह हर किसी को पसंद आए, ये जरूरी नहीं है, लेकिन जो लोग गहरी और सोचने पर मजबूर करने वाली कहानियां पसंद करते हैं, उनके लिए यह एक दिल को छू लेने वाला और यादगार सिनेमाई अनुभव पेश करती है. आप एक बार इस फिल्म को देख सकते हैं.