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Aaj Ka Panchang 16 July 2026: जगन्नाथ रथयात्रा आज, जानें शुभ मुहूर्त, राहुकाल और दिशाशूल
16 जुलाई 2026 (गुरुवार) को हर्षण योग प्रभावी नहीं रहेगा. इस दिन वज्र और सिद्धि योग बन रहे हैं. गुरुवार को अभिजित मुहूर्त दोपहर 12:06 बजे से लेकर 12:59 बजे तक रहेगा. यह दिन का सबसे शुभ समय माना जाता है. मान्यता है कि इस दौरान बिना किसी राहुकाल या अन्य अशुभ समय की चिंता किए कोई भी महत्वपूर्ण कार्य, पूजा या व्यापार शुरू किया जा सकता है.
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हिंदू धर्म में पंचांग का काफी महत्व होता है. कोई शुभ काम, यात्रा, निवेश या पूजा-पाठ करने से पहले पंचांग जरूर देखा जाता है. पंचांग हिंदू काल-गणना पद्धति है जो सूर्य, चंद्रमा और अन्य ग्रहों की स्थिति पर आधारित है.
भगवान जगन्नाथ की पूजा का विशेष महत्व
16 जुलाई 2026 (गुरुवार) को आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष द्वितीया तिथि सुबह 8:53 बजे तक है. इसके बाद तृतीया लग जाएगी. मान्यता है कि इस दिन भगवान जगन्नाथ और सूर्य देव की पूजा करना विशेष लाभकर होता है. इस दिन भगवान जगन्नाथ की विश्व प्रसिद्ध रथयात्रा का शुभारंभ होगा. जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा की पूजा करने से जीवन में सुख, समृद्धि और आध्यात्मिक उन्नति प्राप्त होती है.
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16 जुलाई 2026 का सूर्योदय और सूर्यास्त
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इस दिन सुबह 5:54 बजे सूर्योदय और शाम 7:11 बजे सूर्यास्त होगा. वहीं, सुबह 7:40 बजे चन्द्रोदय और रात 9:01 बजे चन्द्रास्त होगा. पंचांग के अनुसार, 16 जुलाई 2026 को सूर्य पुनर्वसु नक्षत्र में गोचर करेगा, जबकि चंद्रमा शाम 7:51 बजे तक आश्लेषा नक्षत्र में रहेगा, इसके बाद मघा नक्षत्र में प्रवेश करेगा.
वहीं, 16 जुलाई 2026 (गुरुवार) को हर्षण योग प्रभावी नहीं रहेगा. इस दिन वज्र और सिद्धि योग बन रहे हैं. गुरुवार को अभिजित मुहूर्त दोपहर 12:06 बजे से लेकर 12:59 बजे तक रहेगा. यह दिन का सबसे शुभ समय माना जाता है. मान्यता है कि इस दौरान बिना किसी राहुकाल या अन्य अशुभ समय की चिंता किए कोई भी महत्वपूर्ण कार्य, पूजा या व्यापार शुरू किया जा सकता है.
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राहुकाल, गुलिक काल और यमगंड काल
वहीं, राहुकाल दोपहर 2:10 से 3:54 बजे तक रहेगा, गुलिक काल सुबह 8:41 से 10:23 बजे तक रहेगा. यमगंड काल सुबह 5:34 से 7:18 बजे तक. पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार, इन समयों में नए कार्य शुरू करने से बचना चाहिए क्योंकि इनको अशुभ समय माना जाता है.
सूर्य का कर्क राशि में प्रवेश
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वहीं, 16 जुलाई को सूर्य कर्क राशि में प्रवेश करेंगे, जबकि चंद्रमा भी मुख्य रूप से सिंह राशि में गोचर करेगा. 16 जुलाई 2026 (गुरुवार) को दक्षिण दिशा में दिशाशूल रहेगा. ज्योतिष और वास्तु के मुताबिक, इस दिशा में यात्रा करने से बचना चाहिए. यदि यात्रा करना अनिवार्य हो, तो कुछ विशेष ज्योतिषीय उपायों को अपनाकर प्रस्थान किया जा सकता है.