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न्याय के देवता गोलू देवता का अनोखा मंदिर, जहां चिट्ठी लिखकर फरियाद करते हैं भक्त
लोक मान्यताओं के अनुसार, गोलू देवता को गौर भैरव (भगवान शिव) के रूप में पूजा जाता है. श्री कल्याण सिंह बिष्ट (कालबिष्ट) का जन्म कत्युडा गांव में हुआ था. वे बहुत छोटी उम्र में ही शक्तिशाली हो गए और क्षेत्र के सभी शैतानों को परास्त कर सभी की रक्षा करने लगे.
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देवभूमि उत्तराखंड के आंचल में बसे चंपावत जिले का ऐतिहासिक और आध्यात्मिक महत्व है. इस पावन धरा में 'श्री गोलू जी देवता' विराजमान हैं, जिन्हें न्याय के परम देवता और 'कलयुग के अवतारी राजा' के रूप में पूजा जाता है.
सीएम धामी ने साझा किया मंदिर का भव्य वीडियो
गुरुवार को मंदिर की भव्यता का बखान उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर मंदिर की भव्य वीडियो शेयर करते हुए लिखा, "चंपावत जिले में स्थित श्री गोलू देवता मंदिर आस्था और श्रद्धा का एक प्रमुख केंद्र है. बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां अपनी मनोकामनाएं और प्रार्थनाएं लेकर आते हैं. श्री गोलू देवता को न्याय के देवता के रूप में पूजा जाता है और भक्त उनके दरबार में अपनी समस्याओं के समाधान और न्याय की उम्मीद लेकर पहुंचते हैं. यदि आप चंपावत जाएं, तो श्री गोलू देवता मंदिर के दर्शन करना न भूलें."
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कागज पर अर्जी लिखकर मांगते हैं न्याय
यह एक ऐसा इकलौता मंदिर हैं, जहां पर कागजों पर लिखी अर्जी अदालत की चौखट से पहले भगवान के दरबार में पहुंचती है. यह मंदिर उस अटूट विश्वास का प्रतीक है, जहां भक्त अपनी पीड़ा और न्याय की गुहार लेकर आते हैं और कभी खाली हाथ नहीं लौटते. मान्यता है कि यहां पर भक्त मनोकामना पूरी होने पर मंदिर में घंटियां चढ़ाते हैं. यही कारण है कि उनके मंदिरों में लाखों की संख्या में पीतल की घंटियां लटकी हुई दिखाई देती हैं.
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भगवान शिव के गौर भैरव स्वरूप माने जाते हैं गोलू देवता
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लोक मान्यताओं के अनुसार, गोलू देवता को गौर भैरव (भगवान शिव) के रूप में पूजा जाता है. श्री कल्याण सिंह बिष्ट (कालबिष्ट) का जन्म कत्युडा गांव में हुआ था. वे बहुत छोटी उम्र में ही शक्तिशाली हो गए और क्षेत्र के सभी शैतानों को परास्त कर सभी की रक्षा करने लगे. वह हमेशा गरीबों और दबे-कुचले लोगों की मदद करते थे. एक षड्यंत्र में उनके निकट रिश्तेदार ने कुल्हाड़ी से उनका सिर काट दिया. उनका शरीर डाना गोलू गैराड़ (बिनसर वन्यजीव अभ्यारण्य के पास) में गिरा और सिर कपड़खान में. यहां गोलू देवता सफेद कपड़े, सफेद पगड़ी और सफेद शॉल में विराजमान रहते हैं. उनके भाई कलवा भैरव के रूप में पूजे जाते हैं. पास में गर्भ देवी शक्ति का भी मंदिर है.