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गुरु पूर्णिमा पर इतिहास का साक्षी बनेगा हरिद्वार का दक्षिण काली मंदिर, आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज से दीक्षा लेंगे हजारों श्रद्धालु
हरिद्वार का प्रसिद्ध दक्षिण काली मंदिर इतिहास रचने जा रहा है. इस दौरान आस्था का सैलाब उमड़ेगा. इस अवसर पर देश-विदेश से हजारों श्रद्धालु आएंगे और आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरी जी महाराज से गुरु दीक्षा लेंगे.
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गुरु पूर्णिमा के पावन पर्व पर हरिद्वार का प्रसिद्ध दक्षिण काली मंदिर इस वर्ष सनातन परंपरा के एक ऐतिहासिक अध्याय का साक्षी बनेगा. आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरी जी महाराज के अंतरराष्ट्रीय मीडिया प्रभारी श्री शान्तनु शुक्ल ने बताया कि इस अवसर पर परम पूज्य आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरी जी महाराज के श्रीचरणों में देश-विदेश से आने वाले हजारों श्रद्धालु गुरु दीक्षा ग्रहण करेंगे. श्रद्धालुओं के अभूतपूर्व उत्साह को देखते हुए यह आयोजन देश के सबसे भव्य और ऐतिहासिक गुरु पूर्णिमा समारोहों में शामिल होने जा रहा है.
हरिद्वार में देश-विदेश से उमड़ेगा आस्था का सैलाब
सनातन संस्कृति में गुरु को ब्रह्मा, विष्णु और महेश के समान पूजनीय माना गया है. गुरु पूर्णिमा का पर्व गुरु के प्रति श्रद्धा, समर्पण और आत्मिक जागरण का प्रतीक है. इस दिव्य अवसर पर स्वामी कैलाशानंद गिरी जी महाराज अपने कर-कमलों से श्रद्धालुओं को गुरु मंत्र प्रदान करेंगे तथा उन्हें धर्म, साधना, सेवा, संस्कार, राष्ट्रभक्ति और मानव कल्याण के मार्ग पर चलने का संकल्प दिलाएंगे.
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गुरु पूर्णिमा पर दक्षिण काली मंदिर में रचा जाएगा इतिहास
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दक्षिण काली मंदिर परिसर वैदिक मंत्रोच्चार, रुद्रपाठ, हवन, पूजन-अर्चन और धार्मिक अनुष्ठानों से गुंजायमान रहेगा. संत-महात्माओं, अखाड़ों के प्रतिनिधियों, धर्माचार्यों तथा हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति पूरे वातावरण को भक्तिमय और शिवमय बना देगी. आयोजन की तैयारियाँ अंतिम चरण में हैं और देश के विभिन्न राज्यों से श्रद्धालुओं के आगमन का क्रम प्रारंभ हो चुका है. देश के कई बड़े उद्योगपति, राजनेता, अधिकारी और विदेश के कई महत्वपूर्ण लोग इस 29 तारीख को पूज्य गुरुदेव से गुरु दीक्षा लेंगे.
कैलाशानंद गिरि महाराज से गुरु दीक्षा लेंगे हजारों श्रद्धालु
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आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरी जी महाराज लंबे समय से सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार, राष्ट्र चेतना, आध्यात्मिक जागरण और भारतीय संस्कृति के संरक्षण के लिए समर्पित हैं. उनके सान्निध्य में गुरु दीक्षा प्राप्त करना श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक जीवन का एक नया आरंभ माना जाता है.
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आयोजन समिति ने सभी श्रद्धालुओं से गुरु पूर्णिमा के इस ऐतिहासिक अवसर पर दक्षिण काली मंदिर पहुंचकर गुरु का आशीर्वाद प्राप्त करने और सनातन गुरु-शिष्य परंपरा के इस विराट महोत्सव का सहभागी बनने का आग्रह किया है.