शनि अमावस्या से दंडाधिकारी का चाँदी पाया धारण करना किनके लिए शुभ है ?

29 मार्च से अमावस्या की रात से जैसे ही शनि अपने घर से निकलकर मीन राशि में प्रवेश करेंगे, राशियों पर ढैया-साढ़ेसाती के चढ़ने और उतरने का सिलसिला शुरु हो जाएगा। और इसी कड़ी में शनि के पाये में भी बदलाव हो रहा है। अबकी बार शनि चाँदी के पाये को धारण करने जा रहे हैं, जिसके चलते दौलत की बहार आने वाली है। लेकिन राशि परिवर्तन और नक्षत्र परिवर्तन से अलग शनि का पाया होता क्या है, समझिये ज्योतिषाचार्य डॉ एच एस रावत जी से।

शनि अमावस्या से दंडाधिकारी का चाँदी पाया धारण करना किनके लिए शुभ है ?

2025 की शुरुआत को 3 महीने लगभग बीत चुके हैं। रंगों का उत्सव होली जा चुकी है। गर्मियों की दस्तक के साथ कर्मफलदाता शनि का अब महा राशि परिवर्तन होने जा रहा है। अबकी बार की ग्रह चाल में परिवर्तन की लहर दौड़ गई है। क्योंकि 30 साल बाद दंडाधिकारी शनि देवगुरु बृहस्पति के घर मीन में प्रवेश करने जा रहे हैं। शनि के लिए कहा जाता है, जैसे कर्णी, वैसी भर्णी। यही कारण है कि शनि की चाल में आ रहे इसी परिवर्तन से आम जनमानस भयभीत है, क्योंकि कर्मों का फल देना ही न्यायधीश का कार्य है। 29 मार्च से अमावस्या की रात से जैसे ही शनि अपने घर से निकलकर मीन राशि में प्रवेश करेंगे, राशियों पर ढैया-साढ़ेसाती के चढ़ने और उतरने का सिलसिला शुरु हो जाएगा। और इसी कड़ी में शनि के पाए में भी बदलाव हो रहा है। अबकी बार शनि चाँदी के पाए को धारण करने जा रहे हैं, जिसके चलते दौलत की बहार आने वाली है। 

शनि का पाया होता क्या है, अब तो आप समझ चुके होंगे। अब आपका ये जानना भी ज़रूरी है कि इस बार चाँदी के पाए में शनि के आने से किनकी रूठी हुई किस्मत भी बदल सकती है? यूँ तो चाँदी का पाया धारण करने से शनि प्रत्येक राशि को आर्थिक लाभ देंगे, लेकिन चुनिंदा राशियों में वृषभ, कर्क, कन्या और मकर बताया जा रहा है। जो कि शनि रातों रात रंक से राजा और राजा से रंक बनाने की ताकत रखते हैं, यही कारण है कि आम जनमानस उनकी क्रोधित दृष्टि से दूर रहता है।

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