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आयुषी मर्डर केस: बेटी के हत्यारे मां-बाप को उम्रकैद की सजा, लव मैरिज करने पर की थी हत्या

22 साल की आयुषी को मारने वाला कोई और नहीं बल्कि उसके अपने माता-पिता थे. आज 4 साल बाद मथुरा का आयुषी मर्डर केस एक बार फिर चर्चा में हैं.

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20 Aug 2026
( Updated: 20 Aug 2026
02:08 PM )
आयुषी मर्डर केस: बेटी के हत्यारे मां-बाप को उम्रकैद की सजा, लव मैरिज करने पर की थी हत्या
Image Source- Ayushi Murder Case/Social Media
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18 नवंबर, 2022, मथुरा का यमुना एक्सप्रेस वे, लाल सूटकेस में बंद एक लड़की की लाश, उम्र होगी करीब 22 साल, जांच में पता चला लड़की मथुरा का नाम आयुषी है और उसकी गोली मारकर हत्या की गई थी, लेकिन हत्या किसने की यह पहेली कई दिनों तक नहीं सुलझी, बाद में जो पूरी वारदात से पर्दा हटा तो जो सच सामने आया उसने पुलिस को भी सन्न कर दिया. 

22 साल की आयुषी को मारने वाला कोई और नहीं बल्कि उसके अपने माता-पिता थे. आज 4 साल बाद मथुरा का आयुषी मर्डर केस एक बार फिर चर्चा में हैं. वजह है कोर्ट का बड़ा फैसला. मथुरा की कोर्ट ने कातिल मां-बाप को उम्रकैद की सजा सुनाई है. जज ने फैसला सुनाते हुए कहा

‘बेटी की हत्या का अपराध अत्यन्त क्रूर और वीभत्स की श्रेणी में आता है. इसलिए दोषियों पर नम्र रूख अपनाने का कोई न्यायोचित आधार नहीं है. अगर दोषी को दंडित नहीं किया तो समाज में गलत संदेश जाएगा.’

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आयुषी दिल्ली के रहने वाले नितेश यादव और ब्रजबाला की इकलौती बेटी थी. दोनों के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दायर की गई थी. अदालत ने तमाम गवाहों और सबूतों के आधार पर अपना फैसला सुनाया. उम्रकैद के साथ-साथ दोषी मां-बाप पर 7 और 6 हजार रुपए का अलग-अलग जुर्माना भी लगाया गया है. 

मां-बाप ने बेटी को क्यों मारा? 

आखिर आयुषी का कुसूर क्या था? उसने ऐसा कौनसा क्राइम किया था जिसकी सजा मौत से कम नहीं हो सकती और सजा भी मां-बाप ने दी. आयुषी का कुसूर केवल इतना था कि उसने अपनी मनमर्जी से अपनी मनपसंद के लड़के के साथ शादी की थी. 

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आयुषी ने राजस्थान के युवक से चुपके से लव मैरिज कर ली थी. जैसे ही पिता नितेश को इसके बारे में पता चला उसने गुस्से में लाइसेंसी रिवॉल्वर से बेटी को गोली मार दी. जो कि आयुषी के सीने में जा लगी. हत्या के बाद पिता ने शव को लाल सूटकेस में भरकर मथुरा के पास यमुना एक्सप्रेस-वे पर फेंक दिया था. वारदात के कुछ दिन बाद ही नितेश और ब्रजबाला को पुलिस ने अरेस्ट कर लिया था. 

बेटी को मारने के बाद दी मुखाग्नि

बेटी को मारने में मां ने भी मदद की थी, हालांकि बाद में दोनों घबरा गए थे और शव को ठिकाने लगाने के लिए 150 किलोमीटर दूर मथुरा यमुना एक्सप्रेसवे पर लेकर गए. बड़ी सी पॉलिथीन में शव को पैक कर लाल सूटकेस में भर दिया. फिर देर रात एक्सप्रेसवे पर छोड़कर वापस दिल्ली आ गए. 

आयुषी की शिनाख्त करने के बाद पुलिस ने पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया. इस दौरान जिस पिता ने बेटी की हत्या की थी उसी ने मुखाग्नि भी दी. हालांकि इससे पहले ही पुलिस ने दोनों को अरेस्ट कर लिया था, लेकिन घर में छोटे बेटे के अलावा कोई अंतिम संस्कार करने के लिए नहीं था इसलिए पुलिस कस्टडी में ही दंपत्ति ने बेटी का अंतिम संस्कार किया. इस दौरान नितेश यादव ने बेटी के पैर छूकर माफी भी मांगी थी. उस समय यह मामला काफी सुर्खियों में भी छाया रहा था.

यह भी पढ़ें- नासिक:आधी उम्र के प्रेमी संग पत्नी ने रची पति की हत्या की खौफनाक साजिश, 12 दिन बाद खुलासा

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इस हत्याकांड का खुलासा करने के लिए 100 पुलिसकर्मियों की 14 टीमें बनाईं थी. करीब 300 CCTV कैमरों की फुटेज भी खंगाली गई. हालांकि शिनाख्त करने में पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी थी. बाद में पुलिस ने मुखबिर तंत्र को सक्रिय करते हुए एक-एक कर कुंडली खोलनी शुरू की. पुलिस को पता चला कि दिल्ली के बदरपुर की रहने वाली आयुषी गायब है. इनपुट के आधार पर पुलिस आयुषी के घर पहुंची जहां नितेश यादव और ब्रजबाला ने बेटी के शव की शिनाख्त की. 

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