बार-बार परीक्षा पर पाबंदी, सर्विस एलोकेशन में सख्ती, योग्यता रूल भी चेंज...UPSC ने किए CSE नियमों में बड़े बदलाव!

UPSC ने सिविल सेवा परीक्षा (CSE) का नोटिफिकेशन जारी करने के साथ-साथ सर्विस एलोकेशन नियम में भी कई बड़े बदलाव कर दिए हैं. कहा जा रहा है कि ये फैसला नए अभ्यर्थियों पर सीधा-सीधा असर डालने वाला है.

Author
05 Feb 2026
( Updated: 05 Feb 2026
12:23 PM )
बार-बार परीक्षा पर पाबंदी, सर्विस एलोकेशन में सख्ती, योग्यता रूल भी चेंज...UPSC ने किए CSE नियमों में बड़े बदलाव!
UPSC (File Photo)

देश की सबसे प्रतिष्ठित, सबसे कठिन और सबसे बड़ी परीक्षा मानी जाने वाली UPSC की CSE परीक्षा को लेकर बड़ी खबर सामने आ रही है. दरअसल संघ लोक सेवा आयोग ने 4 फरवरी 2026 को ना सिर्फ सिविल सेवा परीक्षा (CSE) का नोटिफिकेशन जारी कर दिया बल्कि इस बार कई बड़े बदलाव किए हैं, जिसका सीधा-सीधा असर इन सर्विस उम्मीदवारों पर पड़ने वाले हैं. खबर के मुताबिक UPSC ने सर्विस एलोकेशन (सेवा आवंटन) को लेकर नियम बदलने के साथ-साथ इसे और सख्त कर दिए हैं. वहीं IPS के लिए नियम और ज्यादा स्पष्ट और कड़े कर दिए गए हैं.

UPSC के नए रूल के मुताबिक जिन उम्मीदवारों का चयन पहले ही IPS के लिए हो चुका है, वो अब CSE 2026 में दोबारा IPS का विकल्प नहीं चुन पाएंगे. इतना ही नहीं अगर को IAS और IFS अधिकारी पहले से ही सर्विस में हौ तो वो अब परीक्षा में ही नहीं बैठ पाएंगे. वहीं मेन्स परीक्षा से पहले किसी अभ्यर्थी की नियुक्ति इन दोनों सेवाओं में हो जाती है, तो वे मुख्य परीक्षा में नहीं बैठ पाएंगे.

हालांकि आयोग ने ये स्पष्ट कर दिया है कि जिन अभ्यर्थियों ने CSE 2025 या उससे पहले किसी सर्विस में प्रवेश ले लिया है, वो अपने बचे हुए अटेम्पट्स का उपयोग तक सकते हैं. उन्हें 2026 या 2027 में एक अंतिम अवसर (बिना इस्तीफा दिए) दिया गया है.

UPSC के नए नियम को आसान भाषा में समझें

UPSC ने 2026 से कुछ अहम नियमों में बदलाव किया है, खासकर उन उम्मीदवारों के लिए जो ग्रुप A सेवा में चयन के बाद दोबारा परीक्षा देना चाहते हैं. अब अगर कोई उम्मीदवार 2026 में ग्रुप A सेवा में चयनित हो जाता है और फिर से UPSC परीक्षा देना चाहता है, तो उसे अपने विभाग से ट्रेनिंग में शामिल न होने की आधिकारिक छूट लेनी होगी. बिना छूट लिए ट्रेनिंग जॉइन नहीं करने पर उसका 2026 का आवेदन रद्द कर दिया जाएगा. अगर कोई उम्मीदवार 2027 में फिर से चयनित होता है, तो उसे दोनों में से केवल एक सेवा चुननी होगी. दूसरी सेवा अपने आप रद्द मानी जाएगी.

UPSC ने लागू किया AI फेस रिकॉग्निशन सिस्टम

परीक्षा में फर्जीवाड़ा रोकने के लिए UPSC ने AI आधारित फेस रिकॉग्निशन और आधार वेरिफिकेशन को अनिवार्य कर दिया है. अब सभी उम्मीदवारों को एक नए चार-स्टेप वाले पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करना होगा, जो पूरी तरह आधार से लिंक रहेगा.

IAS-IFS के लिए अलग-अलग योग्यता?

यह भी पढ़ें

IAS के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवार के पास भारत की किसी मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से किसी भी विषय में बैचलर डिग्री होना जरूरी है. वहीं IFS के लिए उम्मीदवार के पास एग्रीकल्चर, एनिमल हसबेंडरी, वेटरनरी साइंस, बॉटनी, केमिस्ट्री, जियोलॉजी, मैथमेटिक्स, फिजिक्स, स्टैटिस्टिक्स या जूलॉजी जैसे विषयों में बैचलर डिग्री होना अनिवार्य है. ये नए नियम 2026 से UPSC परीक्षा प्रक्रिया को ज्यादा पारदर्शी और अनुशासित बनाने के लिए लागू किए गए हैं.

Tags

Advertisement

टिप्पणियाँ 0

LIVE
Advertisement
Podcast video
देश और धर्म पर बात आई तो शरीर की 206 हड्डियों के साथ संविधान की सारी धाराएं तोड़ दूंगी! Megha
Advertisement
Advertisement
शॉर्ट्स
वेब स्टोरीज़
होम वीडियो खोजें