Advertisement
Paytm के पास अब भी पड़े हैं IPO के ₹1,686 करोड़, जानिए किस काम में खर्च करने की है तैयारी?
IPO: कंपनी इन फंड के इस्तेमाल के अनुमत उद्देश्यों का दायरा बढ़ाने और इनके उपयोग की समयसीमा बढ़ाने के लिए शेयरधारकों की मंजूरी मांग रही है. यह पूंजी के इस्तेमाल को लेकर कंपनी के संतुलित दृष्टिकोण और परिचालन अनुशासन को दर्शाता है.
Advertisement
IPO: आईपीओ आने के करीब पांच साल बाद भी पेटीएम के पास 1,686 करोड़ रुपए की आईपीओ राशि अप्रयुक्त है. अब कंपनी इन फंड के इस्तेमाल के अनुमत उद्देश्यों का दायरा बढ़ाने और इनके उपयोग की समयसीमा बढ़ाने के लिए शेयरधारकों की मंजूरी मांग रही है. यह पूंजी के इस्तेमाल को लेकर कंपनी के संतुलित दृष्टिकोण और परिचालन अनुशासन को दर्शाता है.
2,000 करोड़ रुपए के इस्तेमाल की मूल योजना
पेटीएम की पेरेंट कंपनी वन 97 कम्युनिकेशंस की 26वीं वार्षिक आम बैठक (एजीएम) के अनुसार, आईपीओ से मिले 2,000 करोड़ रुपए को मूल रूप से नए कारोबारी उपक्रमों, अधिग्रहण और रणनीतिक साझेदारियों में निवेश के लिए निर्धारित किया गया था. 20 जुलाई 2026 तक कंपनी 314 करोड़ रुपए खर्च कर चुकी थी, जबकि 1,686 करोड़ रुपये अभी अप्रयुक्त हैं.
Advertisement
मुख्य कारोबार में निवेश पर फोकस
Advertisement
मोबाइल भुगतान कंपनी ने बताया कि इस अवधि के दौरान उसने मुख्य कारोबार में निवेश पर ध्यान केंद्रित किया. इसमें ग्राहक और मर्चेंट आधार बढ़ाना तथा पेमेंट्स और वित्तीय सेवाओं (जिसमें लेंडिंग, इंश्योरेंस और वेल्थ मैनेजमेंट शामिल हैं) के लिए तकनीक विकसित करना शामिल है.
कंपनी के अनुसार, इन कारोबारों ने "ऑर्गेनिक निवेश के जरिए मजबूत गति और आकर्षक यूनिट इकोनॉमिक्स" विकसित किए हैं.
लाभप्रदता से रणनीति को मजबूती
Advertisement
कंपनी ने कहा कि वित्त वर्ष 26 में हासिल की गई पूरे वित्त वर्ष की लाभप्रदता से इस रणनीति को मजबूती मिली है और आगे भी उसका मुख्य कारोबारी इकोसिस्टम निवेश के लिए प्राथमिकता वाला क्षेत्र बना रहेगा.
बचे फंड के इस्तेमाल में बदलाव का प्रस्ताव
अब पेटीएम ने प्रस्ताव दिया है कि बचे हुए 1,686 करोड़ रुपए में से एक हिस्से को इन मुख्य कारोबारी प्राथमिकताओं के लिए इस्तेमाल किया जाए. साथ ही, कुछ राशि का इस्तेमाल नए कारोबारी उपक्रमों, अधिग्रहण और रणनीतिक साझेदारियों के लिए जारी रखा जाएगा.
प्रस्तावित बदलाव से कंपनी को इन मौजूदा उद्देश्यों के बीच फंड का इस्तेमाल करने की अनुमति मिलेगी और अलग-अलग आवंटन बनाए रखने की जरूरत नहीं होगी. इसका उद्देश्य फंड को उत्पादक तरीके से इस्तेमाल करते हुए "लगातार और लाभदायक विकास" को समर्थन देना है.
Advertisement
कोई नया उद्देश्य नहीं जोड़ेगी कंपनी
महत्वपूर्ण बात यह है कि पेटीएम फंड के इस्तेमाल के लिए कोई नया उद्देश्य नहीं जोड़ना चाहती. कंपनी ने कहा कि कुल राशि में कोई बदलाव नहीं होगा और जिन उद्देश्यों के लिए आईपीओ फंड जुटाया गया था, वे अभी भी उसके कारोबार के लिए प्रासंगिक हैं.
मार्च 2029 तक बढ़ेगी समयसीमा
Advertisement
पेटीएम शेष राशि के इस्तेमाल के लिए अतिरिक्त दो साल की समयसीमा, यानी मार्च 2029 तक, भी मांग रही ह. कंपनी के अनुसार, बढ़ी हुई समयसीमा प्रबंधन को ऐसे अवसरों का लाभ उठाने में अधिक लचीलापन देगी, जो "शेयरधारकों के मूल्य को अधिकतम" कर सकें. प्रस्तावित बदलाव में आईपीओ प्रॉस्पेक्टस में बताए गए उद्देश्यों से अलग कोई नया उद्देश्य शामिल नहीं किया गया है.
आईपीओ से मिले थे 8,119.4 करोड़ रुपए
पेटीएम को आईपीओ से 8,119.4 करोड़ रुपए की शुद्ध राशि प्राप्त हुई थी. 20 जुलाई 2026 तक 6,433.4 करोड़ रुपए का इस्तेमाल किया जा चुका था, जबकि 1,686 करोड़ रुपए बाकी थे.इस प्रस्ताव के लिए शेयरधारकों की विशेष प्रस्ताव के जरिए मंजूरी जरूरी होगी. इस पर पेटीएम की 15 सितंबर 2026 को होने वाली एजीएम में विचार किया जाएगा.
Advertisement
यह भी पढ़ें
Input- IANS