Advertisement

चीन और अमेरिका की शैतानी दादागिरी... अब भारत को हासिल करनी होगी '20 मिनट' वाली अजेय शक्ति

चीन के इस भयानक बयान से दुनिया चौंकी है. दो-तीन दिनों पहले ही चीन ने एक दर्जन से अधिक अमेरिकी कंपनियों पर प्रतिबंध लगा कर भी दुनिया को चौंकाया है.

Author
01 Jan 2026
( Updated: 01 Jan 2026
12:41 PM )
चीन और अमेरिका की शैतानी दादागिरी... अब भारत को हासिल करनी होगी '20 मिनट' वाली अजेय शक्ति
Image Credit: Social Media

अमेरिका और चीन, दोनों की शैतानी दादागिरी दुनिया भर में सबसे ज्यादा है. इसे लेकर एक अजीब सी बेचैनी है और दुनिया का हर एक व्यक्ति यही सोच रहा है कि इन दोनों राक्षसों का पतन होना चाहिए.

फिलहाल एक दिलचस्प डेवलपमेंट ये हुआ कि आज ही चीन ने अमेरिका को एक धमकी दी, और धमकी भी कोई साधारण नहीं है. चीन ने कहा कि वो 20 मिनट में अमेरिका को खत्म कर सकता है. उसके पास शक्तिशाली परमाणु हथियारों और हाइड्रोजन बमों का जखीरा है. उसके पास दुनिया के सर्वश्रेष्ठ, अजेय एवं अभेद्य मिसाइलों का जखीरा है. उसकी मिसाइलों की गति की कोई बराबरी नहीं और उसकी मिसाइलों को अमेरिका रोक सके, यह बिल्कुल संभव नहीं है.

मतलब चीन चाहे तो 20 मिनट में अमेरिका यानी अंकल सैम धरती के नक्शे से गायब. अभी तक इस तरह की धमकियां अमेरिका के द्वारा दी जातीं थीं. अमेरिका जब चाहे तब, और जिसे चाहे, उसे इस प्रकार की धमकी देता था. 1945 यानी द्वितीय विश्व युद्ध के बाद, संभवतः यह पहली बार है जब सर्वशक्तिमान 'अमेरिका' को इस तरह की धमकी 'चीन' से मिली हो.

शीतयुद्ध के लंबे दौर में तत्कालीन दूसरी बड़ी महाशक्ति 'सोवियत संघ' से भी शायद ही इस तरह की धमकी मिली हो. अमेरिका और उसके पिट्ठू देशों की लॉबी सोवियत संघ को 'पेपर टाइगर' कहा करते थे. लेकिन ये भी एक सच्चाई है कि 'पेपर टाइगर' से डायरेक्ट कंफ्रंटेशन की स्थिति से डरते भी थे.

चीन की धमकी के मायने

बहरहाल, चीन के इस भयानक बयान से दुनिया चौंकी है. दो-तीन दिनों पहले ही चीन ने एक दर्जन से अधिक अमेरिकी कंपनियों पर प्रतिबंध लगा कर भी दुनिया को चौंकाया है. अभी तक ऐसा माना जाता था कि 'प्रतिबंध' शब्द पर अमेरिका का कॉपीराइट है और मनमाने तरीके से किसी भी देश पर, किसी भी कंपनी या कंपनियों पर प्रतिबंध लगाता है. अमेरिकी कंपनियों पर कोई प्रतिबंध लगाने की सोचे, ऐसी कल्पना लगभग ना के बराबर होती है.

अब चीन के दावे पर! क्या चीन का दावा कि 20 मिनट में अमेरिका को खत्म कर सकता है, सही है या सिर्फ गीदड़ भभकी. यह सच है कि चीन ने लाखों की संख्या में साइलो (जमीन के अंदर मीनारनुमा ढाँचा/किसी चीज को सुरक्षित रखने के लिए ढांचा) बना रखे हैं. चीन बड़ी-बड़ी दैत्याकार मिसाइलों को बड़े-बड़े ट्रकों पर सजाकर उनका प्रदर्शन करता रहता है. कहा जाता है कि न्यूक्लियर हेड ले जाने में सक्षम इन अत्यधिक दूरी तक मार करने वाली मिसाइलों एवं सारे हाइड्रोजन बमों को उन साइलो में रखा जाता है. ये भी कहा जाता है कि दुनिया की गुप्तचर एजेंसियों/ सैटेलाइट सिस्टम की निगरानी को कन्फ्यूज करने के लिए साइलो का निर्माण ज्यादा संख्या में किया जाता है. मतलब कि एक लाख मिसाइलों को रखना है तो दो लाख साइलो को बनाए जाते हैं.

चीन की तैयारियां सामान्य नहीं

चीन की तैयारियां दुनिया को डराने वाली हैं. लेकिन एक संशय भी है कि कहीं थर्मोकोल यूज करके तो इन्हें बड़ा-बड़ा और मोटा-मोटा आकार तो नहीं दिया गया है. क्योंकि, आपरेशन सिंदूर के समय, पाकिस्तान द्वारा दागा गया एक चाइनीज मिसाइल PL-15 दो टुकड़ों में टूट कर भारत के एक खेत में आ गिरा. मजाक बना कि चीन ने थर्मोकोल से बनी अपनी मिसाइल को दुनिया का बेहतरीन कहकर प्रचारित किया. आपरेशन सिंदूर के बाद से चाइनीज हथियारों की गुणवत्ता संदेह के घेरे में आई.

अंत में, यदि चीन के पास इतनी ज्यादा ताकत है कि अमेरिका को 20 मिनट में खत्म कर सकता है तो वह ताइवान पर हमला क्यों नहीं करता. अमेरिका ताइवान को 11 बिलियन डॉलर के हथियार दे रहा है, जिस पर चीन भड़का हुआ है. 

हथियार बेचने की जंग

इस तथ्य से चीन का दिमाग क्यों नहीं खुलता कि अमेरिका और यूरोपीय देशों ने यूक्रेन को अरबों खरबों डॉलर के हथियार दिए, लेकिन रुस तो उससे बिल्कुल भी विचलित नहीं हुआ. तीन वर्षों से यूक्रेन से लड़ रहा है और उसकी काफी जमीन कब्जा कर ली. उम्मीद है अगले एक साल में रुस लगभग संपूर्ण यूक्रेन को अपने कब्जे में ले लेने की स्थिति में होगा.

भारत को हासिल करनी होगी अजेय शक्ति

बहरहाल, भारत को चीन के इस बड़बोलापन, किंतु डरावने बयान पर गंभीरता से सोचना चाहिए, ताकि हम भी इतनी क्षमता हासिल करने के काम पर लग जाएं कि जरूरत पड़ने पर अपने दुश्मन को 20 मिनट में निपटा दें. हम चाहेंगे कि किसी के साथ हमारी युद्ध की स्थिति न आए, लेकिन हमारी तैयारी तो रहनी ही चाहिए.

अमेरिका की दादागिरी और चीन की विस्तारवादी नीतियों के संदर्भ में हम भी सहज नहीं हैं. कई पिद्दी और पड़ोसी देश हमें मुंह चिढ़ाते हैं तो इसके पीछे वही भारत विरोधी ताकतें हैं. कई आस्तीन के सांप जब देश के अंदर ही राष्ट्र विरोधी गतिविधियों को बढ़ावा देते हैं या नारे लगाते हैं 'भारत तेरे टुकड़े होंगे', तो उनके पीछे वही भारत विरोधी ताकतें हैं.

यह भी पढ़ें

लेखक: प्रशान्त कुमार सिंह, राजनीतिक विश्लेषक

Tags

Advertisement

टिप्पणियाँ 0

LIVE
Advertisement
Podcast video
'हरे सांपों को निकाल फेंको, भारत का मुसलमान भारत के लिए वफ़ादार नहीं' ! Harshu Thakur
Advertisement
Advertisement
शॉर्ट्स
वेब स्टोरीज़
होम वीडियो खोजें