इस दिन हमला करेगा अमेरिका.., लीक हुआ ट्रंप का मास्टरप्लान! 12 वॉरशिप, सैकड़ों लड़ाकू विमान तैयार!
ईरान और अमेरिका युद्ध के मुहाने पर खड़े हैं और ऐसा लग रहा है कि कभी भी युद्ध छिड़ सकता है. इसी बीच, ईरान पर अमेरिकी हमले की संभावित तारीख लीक होने का भी दावा किया जा रहा है.
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अमेरिका और ईरान के बीच लंबे अरसे से युद्ध की स्थिति बनी हुई है. अमेरिका ने अपने युद्धपोत ईरान के करीब लाकर खड़े कर दिए हैं. इस दौरान दोनों देशों के बीच बातचीत का दौर भी जारी है. लेकिन परिणाम कुछ भी निकलता हुआ नजर नहीं आ रहा है. अब सवाल यही है कि आगे क्या होगा? क्या ईरान पर अमेरिका हमला करेगा? क्या ईरान अमेरिका की शर्तों को पूरी तरह मान लेगा? या फिर, ईरान भी पूरी तरह से तैयार है? ये तमाम सवाल दोनों देशों के तनाव के बीच लगातार उठ रहे हैं.
आखिर अमेरिका की शर्तों को क्यों नहीं मान रहा है ईरान?
अमेरिका, ईरान को बातचीत के टेबल पर लाना चाहता है. वहीं, ईरान है कि सिर्फ न्यूक्लियर प्रोग्राम पर ही बात करना चाहता है. दरअसल, अमेरिका ने ईरान के सामने बातचीत के लिए तीन शर्तें रखी हैं. पहला- न्यूक्लियर प्रोग्राम को बंद करना, दूसरा- ईरान की हाइपरसोनिक मिसाइलों के निर्माण पर रोक और तीसरा- कथित प्रतिबंधित लड़ाकू संगठनों को ईरान द्वारा सहायता पर रोक. ये तीन शर्तें हैं, जिस पर अमेरिका बात करना चाहता है. वहीं, ईरान है कि न्यूक्लियर प्रोग्राम को छोड़कर कोई भी शर्त मानने को तैयार नहीं है.
आखिर अब तक अमेरिका ने क्यों नहीं किया हमला?
अमेरिका द्वारा ईरान पर हमले की भुमिका तो काफी लंबे अरसे से बनाई जा रही है. ट्रंप द्वारा धमकियां दी जा रही है. लेकिन अब तक अमेरिका ने हमला इसलिए नहीं किया, क्योंकि अमेरिका भी ईरान की ताकत से वाकिफ है. पिछले साल ईरान की ताकत को अमेरिका और इजरायल ने अच्छी तरह देख लिया है. ईरान यहां तक दावा कर कर रहा है. कि अगर अमेरिका हमला करता है, तो समुद्र के भीतर मौजूद उसके मिसाइल अमेरिकी युद्धपोतों को डूबो देंगे.
लीक हो गई ईरान पर हमले की तारीख?
दोनों देशों के बीच फिलहाल युद्ध को लेकर धमकियों का दौर जारी है. वहीं, अब कई न्यूज एजेंसियों का दावा है कि इसी हफ्ते अमेरिका हमला कर सकता है. सीबीएस न्यूज के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप को उनके शीर्ष सुरक्षा सलाहकारों ने बताया है कि अमेरिकी सेना शनिवार को ही ईरान पर हमला कर सकती है. वहीं, मामले से जुड़े सूत्रों का हवाला देकर रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अमेरिकी प्रशासन द्वारा इसका फैसला इस वीकेंड के बाद लेने की संभावनाएं हैं और साथ ही ये भी बताया कि पेंटागन संभावित ईरानी जवाबी हमले की तैयारी के लिए आने वाले दिनों में कुछ कर्मियों को अस्थायी रुप से मिडिल ईस्ट से हटा रहा है.
दोनों देशों के बीच अविश्वास की गहरी खाई!
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हालांकि, इन सबके बीच बातचीत अभी भी जारी है. लेकिन पक्ष जिस तरह से एक दुसरे की शर्तों पर राजी नहीं हो रहे, इससे यही लगता है कि दोनों के बीच अविश्वास की एक गहरी खाई है. अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने बुधवार को कहा कि ईरान अभी भी वाशिंगटन की ‘रेड लाइन्स’ को स्वीकार करने से इनकार कर दिया है. वहीं, दूसरी तरफ ईरान ने भी अपनी सैन्य शक्ति प्रदर्शन शुरु कर दिया है. वह ओमान सागर और उत्तरी हिंद महासागर में रुस के साथ संयुक्त नौसैनिक अभ्यास करने जा रहा है. साथ ही रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने होर्मुज जलडमरूमध्य में भी सैन्य तेज कर दी है.
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