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उत्तराखंड का 'छोटा अमरनाथ'....गुफा के अंदर भगवान शिव का बर्फानी अवतार

उत्तराखंड में स्थित 'छोटा अमरनाथ' की यात्रा आपको आध्यात्म और प्रकृति के संगम का अनूठा अनुभव कराती है. चमोली जिले के नीति घाटी में स्थित टिम्मरसैंण महादेव गुफा के भीतर भगवान शिव साक्षात् रूप में विराजमान हैं, जिनके दर्शन के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं.

Image Source: IANS
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उत्तराखंड की ऊंची बर्फीली चोटियां, शांत वादियां और भारत - चीन सीमा पर महादेव का चमत्कार देखने मिल जाये तो सोचिये आपकी ये धार्मिक यात्रा कितनी यादगार और ख़ास हो सकती है. महादेव के जिस दिव्य धाम के बारे में शायद ही किसी ने सुना हो, पढ़ा हो या देखा हो, वहां अगर आप पहुंच जाएं तो यकीन मानिए, यह यात्रा आपके जीवन की सबसे अद्भुत यात्रा बन सकती है. तो आखिर कहां है महादेव का ये अनोखा धाम, यहां पहुंचना कितना मुश्किल है, इस पवित्र स्थान से जुड़ी क्या मान्यता है, 
इस आर्टिकल में आपको पूरी जानकारी मिलेगी. 

उत्तराखंड का 'छोटा अमरनाथ' 

देव भूमि के चमोली जिले की नीति घाटी में स्थित है टिम्मरसैंण महादेव गुफा, जो श्रद्धालुओं को अमरनाथ में स्थित बाबा अमरनाथ की याद दिलाता है, यही वजह है कि इस धाम को उत्तराखंड का 'छोटा अमरनाथ' भी कहा जाता है. कहते हैं कि सर्दियों में जब यहां मौसम माइनस टेंपरेचर में होता है तो चारों तरफ बर्फ की चादर बिछ जाती है और गुफा के अंदर बर्फ से शिवलिंग का प्राकृतिक स्वरूप बन जाता है. जिस वजह से इस स्थान का धार्मिक महत्त्व और बाबा बर्फानी के इस स्वरूप के दर्शन श्रद्धालुओं के लिए बेहद ख़ास माना जाता है. 

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क्या है टिम्मरसैंण महादेव की मान्यता 

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टिम्मरसैंण महादेव गुफा शिव को समर्पित एक पवित्र स्थल है. नीति घाटी और आसपास के गांवों के लोग टिम्मरसैंण महादेव की पूजा पीढ़ियों से करते आये हैं. महादेव के इस धाम से जुड़ी मान्यता ये भी है कि इस स्थान पर भगवान शिव ने ध्यान लगाया था और आज भी यहां मौजूद शिवलिंग का जलाभिषेक प्राकृतिक तौर पर गुफा से टपकने वाली पानी की बूंदो से होता है. स्थानीय लोगों का मानना है कि सर्दियों में भगवान शिव बर्फ के रूप विराजमान होकर खुद के होने का अहसास दिलाते हैं. जो भी भक्त महादेव के इस रूप के दर्शन करता है वो खुद को धन्य समझता है. यहां सावन के महीने और महाशिवरात्रि पर विशेष पूजा और आयोजन भी होता है. कहते हैं यहां से लौटने वाला खाली झोली नहीं जाता, भगवान शिव उसकी हर मनोकामना जरूर पूरी करते हैं.  

टिम्मरसैंण महादेव की दिव्य गुफा 

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टिम्मरसैंण महादेव गुफा की सबसे बड़ी खासियत यह है कि ये गुफा पूरी तरह प्राकृतिक रूप से बनी हुई है, जो सबका ध्यान अपनी तरफ आकर्षित करती है. जिसकी लंबाई लगभग 50 मीटर बताई जाती है. सिर्फ इतना ही नहीं हरे भरे पहाड़ों से घिरा यहां का शांत वातावरण, गुफा के अंदर बनी आकृतियां, टपकते जल की बूंदें और ठंडी बहती हवा इस जगह की आस्था को और गहरी बनाती है. 

कब और कैसे पहुंचे टिम्मरसैंण महादेव 

टिम्मरसैंण महादेव गुफा, भारत - चीन सीमा पर स्थित है, जो सामरिक दृष्टिकोण से काफी संवेदनशील इलाका है. यहां जाने के लिए आपको प्रशासनिक या स्थानीय परमिट की जरुरत पड़ सकती है.  वैसे तो आप यहां कभी भी महादेव के दर्शन कर सकते हैं लेकिन बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए दिसंबर से अप्रैल तक का समय सबसे बेहतर माना जाता है. तब यहां बर्फ ज्यादा बनी रहती है, बस याद रहे सर्दियों के कपड़े ले जाना ना भूलें. 

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यहां पहुंचने के लिए आप सड़क मार्ग चुन सकते हैं जिससे जोशीमठ होते हुए आप करीब 2 घंटे का सफर करके मंदिर तक पहुंच सकते हैं. इसके अलावा ऋषिकेश तक रेल मार्ग जहां से मंदिर की दूरी लगभग 290 किलोमीटर है और हवाई मार्ग से जॉली ग्रांट एयरपोर्ट, देहरादून से आप लगभग 310 किलोमीटर का सफर तय करके शिव के इस अनोखे धाम पहुंच सकते हैं.

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