10 हजार से ज्यादा गाड़ियों पर लगी रोक, नोएडा में सड़क पर दौड़ती दिखीं तो तुरंत होगी सीज
Vehicles Banned: जिले के परिवहन विभाग ने इन वाहनों का पंजीकरण प्रमाण पत्र निरस्त कर दिया है और उन्हें कबाड़ घोषित कर दिया गया है. अगर इन गाड़ियों को फिर भी सड़कों पर चलते देखा गया, तो उन्हें सीज कर लिया जाएगा.
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Noida 10,000 Vehicles Banned: नोएडा जिले की सड़कों पर अब दस हजार से ज्यादा गाड़ियां नहीं दौड़ सकेंगी. जिले के परिवहन विभाग ने इन वाहनों का पंजीकरण प्रमाण पत्र निरस्त कर दिया है और उन्हें कबाड़ घोषित कर दिया गया है. अगर इन गाड़ियों को फिर भी सड़कों पर चलते देखा गया, तो उन्हें सीज कर लिया जाएगा. यह कार्रवाई अप्रैल 2025 से दिसंबर 2025 तक की गई. इस दौरान कुल 10,508 वाहनों का रजिस्ट्रेशन निरस्त किया गया. इनमें 10 साल पुराने 1,542 डीजल वाहन और 15 साल पुरानी 8,966 पेट्रोल गाड़ियां शामिल हैं.
एआरटीओ प्रशासन नंदकुमार के अनुसार, समयसीमा पूरी होने पर सबसे पहले गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन निलंबित किया जाता है और फिर समय के अनुसार इसे पूरी तरह निरस्त किया जाता है. इसके पहले गाड़ी मालिकों को नोटिस भेजा जाता है ताकि वे कार्रवाई से अवगत हों. अगर वाहन मालिक चाहें तो अपनी गाड़ी को दिल्ली-एनसीआर से बाहर किसी अन्य जिले में ले जाकर परिवहन विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त कर सकते हैं.
कबाड़ में बेचने पर भी रजिस्ट्रेशन करवाना जरूरी
एआरटीओ ने यह भी बताया कि जिन वाहन मालिकों ने अपनी गाड़ियां कबाड़ में बेच दी हैं, उन्हें परिवहन विभाग में जाकर पंजीकरण निरस्त कराना चाहिए. ऐसा न करने पर सबसे ज्यादा नुकसान व्यावसायिक वाहन मालिकों को होता है. व्यावसायिक वाहनों पर रोड टैक्स जारी रहता है और जुर्माना भी लगता है.
नोटिस मिलने के बाद वाहन मालिक विभाग में जाकर यह जानकारी दे सकते हैं कि उन्होंने गाड़ी बेच दी है. हालांकि इस स्थिति में भी रोड टैक्स जो पहले बन चुका होता है, उसे चुकाना अनिवार्य है. इसका मतलब है कि सिर्फ गाड़ी बेच देने से लोग आर्थिक राहत नहीं पा सकते. इस व्यवस्था का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि पुराने वाहन कानून का उल्लंघन न करें और सड़क पर सुरक्षित रूप से चलें.
जिले में वाहनों की संख्या लगातार बढ़ रही है
परिवहन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक नोएडा जिले में वाहनों की संख्या 12 लाख से अधिक हो गई है. वर्तमान में कुल वाहनों की संख्या 12,20,846 है. इसमें निजी और व्यावसायिक दोनों तरह की गाड़ियां शामिल हैं.
सबसे अधिक संख्या दोपहिया वाहनों की है. जिले में अब 7,10,243 दोपहिया वाहन रजिस्टर हैं. वहीं चार पहिया निजी वाहनों की संख्या 3,73,695 है. ऐसे में सड़क पर वाहनों की संख्या लगातार बढ़ रही है और पुराने वाहन जो समय सीमा पूरी कर चुके हैं, उन्हें हटाना जरूरी हो गया है ताकि सड़क सुरक्षा और प्रदूषण नियंत्रण बना रहे.
विभाग का मकसद
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परिवहन विभाग का मकसद यह है कि पुराने और समयसीमा पूरी कर चुके वाहन सड़क पर न चलें. इससे सड़क दुर्घटनाओं का खतरा कम होगा और प्रदूषण पर भी नियंत्रण रहेगा. साथ ही व्यावसायिक वाहन मालिकों को नियमित रूप से रोड टैक्स और नियमों का पालन करने की आदत पड़ेगी.
इस नई व्यवस्था के तहत वाहन मालिकों को समय पर नोटिस मिलना, रजिस्ट्रेशन निरस्त करना और आवश्यक दस्तावेज जमा करना सुनिश्चित किया गया है. अगर यह प्रक्रिया सही तरीके से लागू होती है, तो जिले की सड़कों पर केवल सुरक्षित और नियमों के तहत वाहन दौड़ेंगे.
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