Iran-US की लड़ाई पानी पर आई… कुवैत के सबसे बड़े वाटर और पावर प्लांट पर हमला, बिगड़े हालात, वर्क फ्रॉम होम के आदेश
Middle East Tension: ईरान के हमले में कुवैत पेट्रोलियम मुख्यालय और तेल मंत्रालय के कॉम्प्लेक्स और वित्त मंत्रालय की इमारत को भी नुकसान पहुंचा है.
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Middle East Tension: ईरान और US की लड़ाई अब खतरनाक मोड़ पर पहुंच गई है. जिसका खामियाजा मिडिल ईस्ट के कई देश उठा रहे हैं. अब ईरान ने कुवैत के सबसे बड़े वाटर प्लांट पर हमला बोल दिया है. इसके बाद कुवैत में हालात बेहद गंभीर हो गए हैं.
ईरान ने कुवैत में वाटर प्लांट के साथ-साथ बिजली प्लांट पर भी हमला किया. इसके बाद देश में पावर यूनिट्स बंद करनी पड़ी. बताया जा रहा है जिस वाटर प्लांट पर ईरान ने स्ट्राइक की है उसी से कुवैत के 90% लोगों को पानी की सप्लाई होती है.
कर्मचारियों को दिया गया वर्क फ्रॉम होम का आदेश
दो बड़े पावर प्लांट और वाटर प्लांट पर हमले के बाद कुवैत में हालात चिंताजनक हो गए हैं. सरकार ने एहतियातन ने कर्मचारियों को इलाके से निकालने और वर्क फ्रॉम होम का निर्देश दिया है. ईरान के हमले में कुवैत पेट्रोलियम मुख्यालय और तेल मंत्रालय के कॉम्प्लेक्स और वित्त मंत्रालय की इमारत को भी नुकसान पहुंचा है.
ईरान-US की जंग से जुड़े बड़े अपडेट
ईरान और US के बीच जंग 28 फरवरी को शुरू हुई थी. इजरायल और अमेरिका ने मिलकर ईरान पर स्ट्राइक की थी. दोनों ओर से जारी इस युद्ध में अब तक 3200 से ज्यादा लोग मारे गए है. ईरान में ही में 1900 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई.
US सेना ने ईरान के करज में सबसे बड़े पुल B1 को उड़ा दिया. 3300 करोड़ की लागत से बना यह ब्रिज तेहरान और करज को न केवल जोड़ता था बल्कि रणनीतिक लिहाद से काफी अहम था. यह ब्रिज मिडिल ईस्ट के सबसे ऊंचे पुलों में से एक था. जो ईरान की सैन्य गतिविधियों में भी लाइफलाइन था.
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इसके बाद ईरानी सेना ने बदला लेते हुए अमेरिका के फाइटर जेट F-15 को नेस्तनाबूद कर दिया. साथ ही US आर्मी के दो पायलटों को भी बंधक बना लिया. हालांकि अमेरिका ने एक मुश्किल ऑपरेशन को अंजाम देकर दोनों को छुड़ाने का दावा किया है.
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