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योगी सरकार ने बनाया रिकॉर्ड, 23 लाख महिलाओं को मिला रोजगार, UP की अर्थव्यवस्था में आई नई रफ्तार

UP: योगी सरकार की यह पहल सिर्फ एक योजना नहीं, बल्कि ग्रामीण भारत में सामाजिक परिवर्तन की कहानी बन चुकी है. रोजगार से लेकर नेतृत्व तक, महिलाओं को केंद्र में रखकर बनाई गई यह नीति उत्तर प्रदेश को देश के सामने वूमेन-लीड ग्रोथ मॉडल के रूप में स्थापित कर रही है.

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22 Jan 2026
( Updated: 22 Jan 2026
04:23 AM )
योगी सरकार ने बनाया रिकॉर्ड, 23 लाख महिलाओं को मिला रोजगार, UP की अर्थव्यवस्था में आई नई रफ्तार
Image Source: Social Media
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CM Yogi: उत्तर प्रदेश में गांवों की तस्वीर अब बदल रही है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार अब सिर्फ रोजगार नहीं दे रही, बल्कि गांव-गांव महिला नेतृत्व तैयार कर रही है. रोजगार गारंटी व्यवस्था के जरिए उत्तर प्रदेश ने वह कर दिखाया है, जो अब तक सिर्फ कल्पना थी. महिलाएं अब मेट बनकर काम की निगरानी, प्रबंधन और नेतृत्व कर रही हैं. मानव दिवस सृजन में महिलाओं की सहभागिता 43 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है. आंकड़ों से साफ है कि उत्तर प्रदेश में ग्रामीण अर्थव्यवस्था अब महिलाओं की भागीदारी और नेतृत्व से तेजी से मजबूत हो रही है.

वित्तीय वर्ष 2025–26 में उत्तर प्रदेश ने ग्रामीण आजीविका के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की है. 23 लाख से अधिक महिलाओं को रोजगार उपलब्ध कराकर प्रदेश ने न सिर्फ लाखों परिवारों को स्थायी सहारा दिया है, बल्कि गांवों में आत्मनिर्भरता की मजबूत नींव भी रखी है. ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से महिलाओं की आय बढ़ी है और उनका सामाजिक-आर्थिक आत्मविश्वास भी मजबूत हुआ है.

महिला नेतृत्व को मिला नया मंच

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योगी सरकार की सोच का सबसे बड़ा प्रमाण यह है कि वित्तीय वर्ष 2025–26 में अब तक करीब 32 हजार से अधिक महिला मेट्स को कार्य सौंपा गया है. ये महिलाएं गांवों में कार्यों की निगरानी, श्रमिकों की हाजिरी और प्रबंधन की जिम्मेदारी निभा रही हैं. सरकार ने इन महिला मेट्स को 111 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि सीधे उनके बैंक खातों में हस्तांतरित की है. पारदर्शी और समयबद्ध भुगतान प्रणाली ने महिलाओं का भरोसा सरकारी योजनाओं पर और गहरा किया है.

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स्वयं सहायता समूह बने नेतृत्व की रीढ़

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महिला सशक्तिकरण को जमीनी स्तर तक पहुंचाने के लिए सरकार ने स्पष्ट रणनीति अपनाई है. राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़ी महिला स्वयं सहायता समूहों की सदस्यों को प्राथमिकता के आधार पर महिला मेट के रूप में चुना जा रहा है. इससे रोजगार के साथ-साथ गांवों में लीडरशिप और मैनेजमेंट स्किल्स का भी तेजी से विकास हो रहा है. गांवों में अब महिलाएं निर्णय प्रक्रिया का हिस्सा बन रही हैं.

समय पर भुगतान, भरोसे की गारंटी

रोजगार गारंटी व्यवस्था में पारदर्शिता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि वित्तीय वर्ष 2025–26 में 97 प्रतिशत से अधिक श्रमिकों को समय से भुगतान किया गया है. यह आंकड़ा बताता है कि सिस्टम अब भरोसेमंद हो चुका है और श्रमिकों को उनकी मेहनत का पूरा मूल्य मिल रहा है.

गांवों में बने आय के नए स्रोत

प्रदेश में ग्रामीण रोजगार गारंटी के तहत अब तक 6703 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं. इससे गांवों में विकास कार्यों को नई रफ्तार मिली है, स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़े हैं और पलायन पर प्रभावी रोक लगी है. अनुसूचित जाति और जनजाति के परिवारों को विशेष प्राथमिकता देकर सरकार ने समावेशी विकास को भी मजबूत किया है.

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मजबूत ग्रामीण अर्थव्यवस्था की ओर

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योगी सरकार की यह पहल सिर्फ एक योजना नहीं, बल्कि ग्रामीण भारत में सामाजिक परिवर्तन की कहानी बन चुकी है. रोजगार से लेकर नेतृत्व तक, महिलाओं को केंद्र में रखकर बनाई गई यह नीति उत्तर प्रदेश को देश के सामने वूमेन-लीड ग्रोथ मॉडल के रूप में स्थापित कर रही है. गांवों में आत्मनिर्भर परिवार, सशक्त महिलाएं और मजबूत अर्थव्यवस्था यही योगी सरकार का नया इतिहास है.

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